{"_id":"61bb7a74ffdcd818d43dc407","slug":"transactions-worth-rs-120-crore-affected-due-to-banks-strike-sultanpur-news-lko609258388","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों की हड़ताल से 120 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ प्रभावित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों की हड़ताल से 120 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ प्रभावित
विज्ञापन
दोस्तपुर में पंजाब नेशनल बैंक में लगा ताला।
- फोटो : SULTANPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुल्तानपुर। राष्ट्रीयकृत बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बृहस्पतिवार को लेन-देन की व्यवस्था चरमरा गई। हड़ताल से जिले की एक सौ से अधिक बैंक शाखाओं में ताले लटके रहे। बैंक कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर जुलूस निकाला और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल के पहले दिन करीब 120 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
जिले में विभिन्न बैंकों की 188 शाखाएं संचालित हैं। इनमें से 79 शाखाएं बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिले में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हालांकि ग्रामीण बैंक हड़ताल में शामिल नहीं रहे। एसबीआई, पीएनबी, बॉब, इंडियन बैंक समेत करीब 100 से अधिक बैंक शाखाओं में दिन भर कामकाज नहीं हुआ। बैंक कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल से धन की जमा निकासी, चेक क्लीयरेंस, फंड ट्रांसफर का कार्य प्रभावित हुआ।
बैंक हड़ताल से खाताधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अमहट के रमाशंकर ने बताया कि उन्हें बैंक ड्रॉफ्ट बनवाना था। बैंक पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी हुई। अहिमाने से एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचे दिलीप सिंह ने बताया कि कुछ आवश्यक कार्य से उन्हें धन की निकासी करनी थी। बैंक हड़ताल से उन्हें काफी परेशानी हुई। बैंक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार हड़ताल से जिले में बृहस्पतिवार को करीब 120 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष आलोक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों के निजीकरण की व्यवस्था लागू करके गलत किया है। इसे लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिन की हड़ताल आयोजित की गई है। दो दिवसीय हड़ताल में बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी प्रदर्शन करके सभा करेंगे। बैंकों के निजीकरण से सबसे अधिक नुकसान गरीब किसान व मजदूरों को होगा। इस अव्यवस्था के खिलाफ बैंक कर्मचारियों में रोष है। प्रदर्शन करने वालों में अशोक शुक्ल, पीके खन्ना, राम चंद्र विश्वकर्मा, रविंद्र वर्मा, मयंक यादव, मनीष कुमार, अरुण कुमार यादव, डीडी तिवारी, इंडियन बैंक के सुभाष पटेल, अजय सिंह, राकेश कुमार चौधरी समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा हड़ताल का असर
दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बृहस्पतिवार से शुरू हुई दो दिवसीय बैंक हड़ताल का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। बैंक में ताले लगाकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। दोस्तपुर कस्बे में स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में बृहस्पतिवार को हड़ताल की वजह से सुबह से ही ताले लटके रहे। बैंक बंद होने से खाताधारकों को वापस लौटना पड़ा। बैंकों में चेकों के क्लीयरेंस, जमा-निकासी, धनराशि ट्रांसफर समेत अन्य बैंकिंग कार्य नहीं हो सके।
विज्ञापन
जिले में विभिन्न बैंकों की 188 शाखाएं संचालित हैं। इनमें से 79 शाखाएं बड़ौदा यूपी ग्रामीण बैंक की हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिले में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर रहे। हालांकि ग्रामीण बैंक हड़ताल में शामिल नहीं रहे। एसबीआई, पीएनबी, बॉब, इंडियन बैंक समेत करीब 100 से अधिक बैंक शाखाओं में दिन भर कामकाज नहीं हुआ। बैंक कर्मचारियों ने जुलूस निकालकर निजीकरण के खिलाफ नारेबाजी की। हड़ताल से धन की जमा निकासी, चेक क्लीयरेंस, फंड ट्रांसफर का कार्य प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
बैंक हड़ताल से खाताधारकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। अमहट के रमाशंकर ने बताया कि उन्हें बैंक ड्रॉफ्ट बनवाना था। बैंक पहुंचने पर हड़ताल की जानकारी हुई। अहिमाने से एसबीआई की मुख्य शाखा में पहुंचे दिलीप सिंह ने बताया कि कुछ आवश्यक कार्य से उन्हें धन की निकासी करनी थी। बैंक हड़ताल से उन्हें काफी परेशानी हुई। बैंक कर्मचारी संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार हड़ताल से जिले में बृहस्पतिवार को करीब 120 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
विज्ञापन
यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष आलोक सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार ने सरकारी बैंकों के निजीकरण की व्यवस्था लागू करके गलत किया है। इसे लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिन की हड़ताल आयोजित की गई है। दो दिवसीय हड़ताल में बैंकों के अधिकारी व कर्मचारी प्रदर्शन करके सभा करेंगे। बैंकों के निजीकरण से सबसे अधिक नुकसान गरीब किसान व मजदूरों को होगा। इस अव्यवस्था के खिलाफ बैंक कर्मचारियों में रोष है। प्रदर्शन करने वालों में अशोक शुक्ल, पीके खन्ना, राम चंद्र विश्वकर्मा, रविंद्र वर्मा, मयंक यादव, मनीष कुमार, अरुण कुमार यादव, डीडी तिवारी, इंडियन बैंक के सुभाष पटेल, अजय सिंह, राकेश कुमार चौधरी समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मचारी शामिल रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखा हड़ताल का असर
दोस्तपुर (सुल्तानपुर)। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर बृहस्पतिवार से शुरू हुई दो दिवसीय बैंक हड़ताल का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी देखने को मिला। बैंक में ताले लगाकर कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। दोस्तपुर कस्बे में स्थित भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में बृहस्पतिवार को हड़ताल की वजह से सुबह से ही ताले लटके रहे। बैंक बंद होने से खाताधारकों को वापस लौटना पड़ा। बैंकों में चेकों के क्लीयरेंस, जमा-निकासी, धनराशि ट्रांसफर समेत अन्य बैंकिंग कार्य नहीं हो सके।