सुल्तानपुर। सरकार के पूर्व सेक्रेटरी और अयोध्या के पूर्व कमिश्नर डॉ. कमल टावरी रविवार रात जिले में पहुंचे। उन्होंने कस्बा स्थित प्राचीन साईं कुटी में रात्रि विश्राम किया। देश के वातावरण पर चिंता जताई। संत का रूप धारण करने के बाद अब वे कमलनंद के नाम से जाने जाते हैं।
मीडिया से बात करते हुए डॉ. कमल टावरी ने कहा कि हर सरकार अच्छी होती है। वह जो कर रही है, बढ़िया है। सरकार के अधूरे सपने, जिसे ''ब्रिजिंग द गैप'' कहते हैं, उस पर वे संतों के रोल के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने कमिश्नर के रूप में अपने कार्यकाल का जिक्र किया। बताया कि उस समय कलेक्टर के घर के सामने कूड़ा देखकर अधिकारियों को फटकार लगाते थे। आज वहां जाली लग चुकी है, जो बदलाव का प्रतीक है। डॉ. टावरी ने 28 नवंबर से तीन दिवसीय गोष्ठी की जानकारी दी। कहा कि गोष्ठी का उद्देश्य जिले को मॉडल बनाना है। इसमें सरकार की सिंगल विंडो प्रणाली का उपयोग करते हुए गांवों में कच्चे माल, गोदामों, व्यवसायों और रोजगार को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा।