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Sultanpur News: डीएपी खाद की किल्लत से किसान हो रहे परेशान

Mon, 28 Oct 2024 02:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर Updated Mon, 28 Oct 2024 02:47 AM IST
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Farmers are facing problems due to shortage of DAP fertilizer
सुल्तानपुर। जिले की सहकारी समितियों के साथ निजी दुकानों पर भी डीएपी खाद किसानों को नहीं मिल रही है। जबकि समितियों पर नैनो डीएपी की भरमार है। किसान नैनो डीएपी से परहेज कर रहे हैं। रबी के सीजन में बोई जाने वाली फसल आलू, सरसों, चना, मटर व सब्जियों की खेती पिछड़ रही है।
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किसान डीएपी खाद के लिए धक्के खा रहे हैं। बीते तीन दिनों से डीएपी खाद न तो सहकारी समितियों में मिल रही है और न ही निजी दुकानों पर ही उपलब्ध। किसानों को नैनो डीएपी पसंद ही नहीं है। यही वजह है कि डीएपी खाद का संकट बढ़ गया है। जानकारों की मानें तो नैनो डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
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किसानों का कहना है कि उन्हें जबरन नैनो डीएपी खाद दी जा रही है, जोकि उनके मतलब की नहीं है। लंभुआ तहसील को छोड़कर हर सभी तहसील और ब्लॉकों में इस समय डीएपी खाद की किल्लत चल रही है।
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डीएपी नहीं मिलने से पिछड़ रही बोआई
फोटो-26
मोतिगरपुर कस्बे के किसान विनय पांडेय कहते हैं कि साधन सहकारी संघ पारसपट्टी, साधन सहकारी समिति बढ़ौनाडीह, ढेमा, दियरा व मैरी संग्राम पर भी डीएपी नहीं है। खाद नहीं मिलने से सरसों, आलू व मटर की बोआई नहीं हो पा रही है। पारसपट्टी के सचिव सत्यदेव दुबे और दियरा के सचिव श्याम बिहारी पांडेय ने बताया कि अभी जिले में रैक नहीं आई है। रैक आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

समितियों पर लटक रहा ताला, लौटाए जा रहे किसान

दूबेपुर क्षेत्र की सहकारी समितियों से डीएपी नदारद है और किसानों को बैरंग लौटाया जा रहा है। धम्मौर निवासी किसान रवि प्रकाश ने बताया कि आलू, सरसों, मटर व चना बोने का समय है। समिति पर डीएपी नहीं मिल रही है। एडीसीओ कोपरेटिव डॉ. जीसी. यादव ने बताया कि डीएपी के लिए डिमांड भेजी गई है।

प्राइवेट दुकानों पर घटिया कंपनी की मिल रही एनपीके

कुड़वार क्षेत्र में बोआई के समय डीएपी नदारद होने से किसान परेशान हैं। रबी की मुख्य फसल गेहूं, सरसों, आलू बोने के लिए किसान सहकारी समितियों से लेकर प्राइवेट दुकानों का चक्कर लगाने को मजबूर हैं। किसान रघुराज शर्मा ने बताया कि वर्तमान में रबी सीजन में समितियों व बाजारों में डीएपी नदारद है। प्राइवेट दुकानों पर घटिया कंपनी की एनपीके 1300 रुपये बोरी में मिल रही है। सहकारी समिति कुड़वार के सहायक देवनारायण यादव ने बताया कि समिति पर यूरिया और पोटाश करीब दो-दो सौ बोरी के साथ नैनो डीएपी मौजूद है।
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बिना खाद के करनी पड़ रही बोआई

करौंदीकलां विकास खंड के बीबीपुर तिवारी गांव निवासी बृजभूषण तिवारी ने बताया कि रबी के सीजन में बीते दिनों डीएपी आई थी, जो एक-दो दिन में बिक गई। इस समय सभी समितियों पर डीएपी का संकट चल रहा है। दुकानों पर नैनो डीएपी तो मौजूद है लेकिन यह किसी काम की नहीं लग रही है। मजबूरन बिना खाद के फसलों की बोआई करनी पड़ रही है। इससे फसल उत्पादन भी प्रभावित होगा।

जल्द आएगी डीएपी की रैक: कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी सदानंद चौधरी ने बताया कि इस समय कुछ समितियों पर डीएपी की अनुपलब्धता है। दो-तीन दिन में रैक आएगी। रैक के आते ही समितियों पर डीएपी का वितरण कराया जाएगा। किसानों को डीएपी खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।
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