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Sultanpur News: दूसरे विभागों के काम के बोझ से मुक्ति दिलाने की मांग
Fri, 15 May 2026 11:43 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 15 May 2026 11:43 PM IST
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ज्ञापन देकर विकास भवन से बाहर निकलते समन्वय समिति के पदाधिकारी। स्रोत- संगठन
सुल्तानपुर। दूसरे विभागों के काम के बोझ दबे ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के पदाधिकारी विरोध पर उतर आए हैं। शुक्रवार को समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य विकास अधिकारी विनय कुमार सिंह को ज्ञापन देकर दूसरे विभागों के कार्यों के संबंध में डाले जा रहे दबाव से मुक्ति दिलाने की मांग की है।
मनरेगा में पंचायत सचिवों पर हो रही कार्रवाई पर सवाल उठाया है। समन्वय समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार तिवारी व राजेश सिंह ने सीडीओ का ज्ञापन देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों से विभाग के अलावा अन्य विभागों का अतिरिक्त कार्य लिए जा रहे हैं। इसकी वजह से पंचायत सचिव अपना विभागीय कार्य समय पर नहीं कर पा रहे हैं। विभाग व पंचायत सचिवों के सामने दिक्कतें आ रही हैं। समिति पदाधिकारियों ने फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, आयुष्मान कार्ड, जनगणना, मतदाता सूची पुनरीक्षण, पराली प्रबंधन, पशु पकड़ने और अन्य योजनाओं के कार्यों को अतिरिक्त बोझ बताया।
उन्होंने कहा कि मनरेगा में पंचायत सचिवों का कोई अहम रोल नहीं है। भुगतान की कार्यवाही खंड विकास अधिकारी व लेखाकार के स्तर से की जाती है। इसके बाद भी पंचायत सचिवों को आरोपी करार देते हुए कार्रवाई की जा रही है। ज्ञापन देने वालों में कृपाशंकर शुक्ल, प्रेमलाल यादव शामिल रहे।
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मनरेगा में पंचायत सचिवों पर हो रही कार्रवाई पर सवाल उठाया है। समन्वय समिति के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार तिवारी व राजेश सिंह ने सीडीओ का ज्ञापन देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत सचिवों से विभाग के अलावा अन्य विभागों का अतिरिक्त कार्य लिए जा रहे हैं। इसकी वजह से पंचायत सचिव अपना विभागीय कार्य समय पर नहीं कर पा रहे हैं। विभाग व पंचायत सचिवों के सामने दिक्कतें आ रही हैं। समिति पदाधिकारियों ने फार्मर रजिस्ट्री, फैमिली आईडी, आयुष्मान कार्ड, जनगणना, मतदाता सूची पुनरीक्षण, पराली प्रबंधन, पशु पकड़ने और अन्य योजनाओं के कार्यों को अतिरिक्त बोझ बताया।
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उन्होंने कहा कि मनरेगा में पंचायत सचिवों का कोई अहम रोल नहीं है। भुगतान की कार्यवाही खंड विकास अधिकारी व लेखाकार के स्तर से की जाती है। इसके बाद भी पंचायत सचिवों को आरोपी करार देते हुए कार्रवाई की जा रही है। ज्ञापन देने वालों में कृपाशंकर शुक्ल, प्रेमलाल यादव शामिल रहे।
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