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Sultanpur News: 4.20 लाख की ठगी में दोषी को सात साल की सजा
Fri, 11 Sep 2026 11:50 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 11:50 PM IST
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सुल्तानपुर। साइन सिटी प्रॉक्सिमा डेवलपर्स संस्था की आड़ में प्लॉट दिलाने के नाम पर 4.20 लाख रुपये हड़पने के मामले में सीजेएम नवनीत सिंह की अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने बिहार निवासी आसिफ नसीम को कूटरचना समेत अन्य आरोपों से दोषमुक्त कर दिया, लेकिन धोखाधड़ी की धारा में दोषी करार देते हुए सात साल के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
लंभुआ क्षेत्र के बेलाही गांव निवासी शांति देवी ने कोर्ट के आदेश पर 17 जून 2023 को कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें साइन सिटी प्रॉक्सिमा डेवलपर्स संस्था की आड़ में जमीन दिलाने के नाम पर रकम हड़पने का आरोप लगाया गया था। एफआईआर में संस्था के सीएमडी राशिद नसीम, आसिफ नसीम, जसीमन मो. शमशाद अंसारी, लोहरामऊ निवासी ध्रुवसेन सिंह और साहबदीन समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
शांति देवी के अनुसार, आरोपियों ने उनके पति सतीश चंद्र मिश्रा से जमीन दिलाने के नाम पर 4.20 लाख रुपये लिए थे। बाद में गलत तरीके से रजिस्ट्री कराए जाने का भी आरोप लगाया गया। तहसीलदार न्यायालय में नामांतरण की कार्रवाई के दौरान मांगे गए अभिलेख नहीं दिए गए तो परिवार को संदेह हुआ। जांच में फर्जीवाड़े का पता चला। आसिफ नसीम के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।
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लंभुआ क्षेत्र के बेलाही गांव निवासी शांति देवी ने कोर्ट के आदेश पर 17 जून 2023 को कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें साइन सिटी प्रॉक्सिमा डेवलपर्स संस्था की आड़ में जमीन दिलाने के नाम पर रकम हड़पने का आरोप लगाया गया था। एफआईआर में संस्था के सीएमडी राशिद नसीम, आसिफ नसीम, जसीमन मो. शमशाद अंसारी, लोहरामऊ निवासी ध्रुवसेन सिंह और साहबदीन समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था।
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शांति देवी के अनुसार, आरोपियों ने उनके पति सतीश चंद्र मिश्रा से जमीन दिलाने के नाम पर 4.20 लाख रुपये लिए थे। बाद में गलत तरीके से रजिस्ट्री कराए जाने का भी आरोप लगाया गया। तहसीलदार न्यायालय में नामांतरण की कार्रवाई के दौरान मांगे गए अभिलेख नहीं दिए गए तो परिवार को संदेह हुआ। जांच में फर्जीवाड़े का पता चला। आसिफ नसीम के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने उसे जेल भेजने का आदेश दिया।
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