सोनभद्र। जिले में शनिवार को हुई बेमौसम बारिश ने एक बार फिर ठंड का एहसास करा दिया। शाम ढलते लोग गर्म कपड़े पहने नजर आए। वहीं बारिश से खलिहान में रखा दलहनी व तिलहनी का फसल भींगने से किसान चिंतित है। उन्हे फसल नुकसान होने का डर सता रहा है। राबट्र्सगंज ब्लॉक के ग्राम पंचायत बेठिगांव के किसान ओमप्रकाश त्रिपाठी, तपेश्वर त्रिपाठी आदि किसानों का कहना है कि एक सप्ताह पहले बेमौसम बारिश के साथ ओला पडने से सरसो,तीसी, मसूर, अरहर का फसल छड़ गया। वहीं गेहूं की बारिश टूटकर जमीन पर पड़ गई है। छह दिनों तक मौसम साफ होने से किसान तैयार फसल की कटाई कर मड़ाई की तैयारी कर रहे थे कि शनिवार को एक बार फिर बेमौसम तेज बारिश हो गयी। खलिहान में रखा सरसो, तिसी, मसूर, अरहर की फसल भींग गयी। भींगने की वजह से फसल काला पडने लगा है। किसानों का कहना है कि फसल काला पडने से किसानों के उपज का उचित नहीं मूल्य नहीं मिल सकेगा। लगातार प्रकृति की मार रहे किसानों का कहना है कि इस बार खेती से लागत निकालना मुश्किल हो गया है। शनिवार को एक बार फिर से मौसम बदल गया। सुबह और दोपहर में हुई बारिश ने एक बार फिर से ठंड का एहसास करा दिया है। मौसम बदलने से खास कर बच्चों व बूढ़ों को काफी दिक्कत हो रही है। सलखन, आसनडीह, रामगढ़, मधुपुर, केकरारी और घोरावल इलाके में भी तेज गरज चमक के साथ बारिश हुई। सलखन क्षेत्र में तेज बारिश के साथ ओले भी पड़े। ओले पड़ने से खेत में खड़ी रबी की फसल टूट गयी। क्षेत्र के किसान रामचरित्र, रामजियावन, सुरेश आदि का कहना है कि इस बार रबी की फसल अच्छी थी। इससे किसानों को अच्छी आय होने की उम्मीद भी, लेकिन प्रकृति के आगे किसी का नहीं चलने वाला। बारिश की वजह से धान की फसल भी चौपट हो गयी थी। इससे किसान लागत तक नहीं निकाल पाए थे।