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पुलिस छावनी में तब्दील रहा उभ्भा, बाहरी को गांव में घुसने की नहीं मिली इजाजत

Fri, 17 Jul 2020 08:39 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 17 Jul 2020 08:39 PM IST
सार

  • प्रशासनिक, पुलिस अफसरों के साथ खुफिया विभाग की टीम अलर्ट रही

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Umbha turned into a police camp, outsiders were not allowed to enter the village
उम्भा में तैनात पुलिस फोर्स। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

सोनभद्र जिले के उभ्भा कांड की बरसी के दिन उभ्भा गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। चारों तरफ तीन किमी के दायरे में गांव को पूरी तरह सील कर चप्पे-चप्पे पर पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती कर दी गई। 

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घोरावल नगर से लेकर फुलवारी, घुवास कालोनी, कन्हारी मोड़, मूर्तियां, सपही, मिर्जापुर बॉर्डर समेत तमाम जगहों पर पुलिस की सख्त नाकेबंदी रही। किसी भी बाहरी व्यक्ति को गांव में घुसने नहीं दिया गया। गांव में पूरे दिन जिले एवं तहसील के आला अफसरों, खुफिया एजेंसियों के लोग डटे रहे।

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बता दें कि उभ्भा गांव में 17 जुलाई 2019 को जमीन विवाद में जमकर असलहे, लाठी डंडे चले थे। उसमें गोंड़ समुदाय के 4 महिलाओं समेत 11 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 28 लोग घायल हुए थे। 

इस संबंध में गांव के प्रधान यज्ञदत्त, गणेश, धर्मेंद्र, नीरज, अशर्फी समेत 28 लोगों पर नामजद और 50 अज्ञात लोगों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस केस में 70 आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं।

शुक्रवार को बरसी मनाए जाने की सूचना के मद्देनजर प्रशासन सतर्क था। पिछले 10 दिनों से उभ्भा गांव मिनी तहसील मुख्यालय में बदल गया है। एसडीएम जैनेंद्र सिंह, सीओ राम आशीष यादव, घोरावल एसएचओ बृजेश सिंह और खुफिया एजेंसियों के लोग दस दिन से लगातार उभ्भा गांव में जमे हैं।

उभ्भा कांड के घटनास्थल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष के आवास के पास, मृतकों के घरों के पास, तमाम महत्वपूर्ण स्थानों पर मुस्तैदी के साथ फोर्स किसी भी हालात से निपटने के लिए मौजूद रही। इसके चलते उभ्भा गांव में सन्नाटा पसरा रहा।

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खेती-बाड़ी का मौसम होने के बावजूद ग्रामीण खेतों पर नहीं गए और दिन भर अपने घरों में रहे। आदिवासियों की तरफ से बरसी मनाने की कोई सुगबुगाहट नही देखी गई। शुक्रवार सुबह होते ही एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह व एएसपी ओपी सिंह उभ्भा गांव पहुंच गए और दिन भर गांव में भ्रमण करते रहे।

एडीएम व एएसपी ने सभी संवेदनशील व महत्वपूर्ण जगहों पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और सुरक्षा व्यवस्था में लगे अधिकारियों व पुलिस बल से जानकारी ली। 

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