Sonbhadra News: मेरठ ले जाए जा रहे थे छह बाल श्रमिक, आरपीएफ ने मुक्त कराया, दो सगे भाई गिरफ्तार
Sonbhadra News: मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे रेलवे सुरक्षा बल चोपन के जवान प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर सहमे और डरे हुए कुछ बच्चों को बैठे देखा।
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सोनभद्र जिले के चोपन रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बाल मजदूरी के लिए ले जाए जा रहे छह नाबालिग बच्चों को सुरक्षित छुड़ाया। बच्चों को बहला-फुसलाकर मेरठ मजदूरी के लिए ले जा रहे दो सगे भाइयों को भी गिरफ्तार कर चोपन पुलिस के हवाले कर दिया गया।
ये है पूरा मामला
मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे रेलवे सुरक्षा बल चोपन के जवान प्लेटफार्म पर गश्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्टेशन पर सहमे और डरे हुए कुछ बच्चों को बैठे देखा। संदेह होने पर जब उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने खुलासा किया कि गांव के ही दो युवक उन्हें मेरठ मजदूरी कराने के लिए ले जा रहे हैं। पूछताछ में पता चला कि आरोपी गुरमुरा निवासी विक्रम नायक (22) और चुलबुल नायक (23) सगे भाई हैं।
दोनों ने इन बच्चों को ईख के खेतों में काम कराने के लिए मेरठ ले जाने की योजना बनाई थी। उन्हें काम के बदले 9000-10000 रुपये मजदूरी का झांसा दिया गया था। दोनों आरोपियों ने सभी बच्चों के टिकट भी खुद खरीदे थे। छुड़ाए गए बच्चों में दो सगे भाई भी हैं।
सभी बच्चों की उम्र 12 से 16 वर्ष के बीच है। इस कार्रवाई में आरपीएफ के एसआई रामकृष्ण राम, हेड कांस्टेबल अशोक कुमार, अखिलेश कुमार राय आदि शामिल रहे। आरपीएफ चोपन पोस्ट के प्रभारी रुपेश कुमार ने बताया कि बच्चों को बाल संरक्षण गृह में सुरक्षित भेज दिया गया है।
चोपन एसओ विजय कुमार चौरसिया के मुताबिक पूछताछ में सभी बच्चों ने बताया कि उन्हें पैसे का लालच देकर मेरठ मजदूरी के लिए ले जाया जा रहा था। घर से निकलने के बाद वे डरे हुए थे और बाहर जाने को लेकर दुखी भी थे। दोनों आरोपियों को मानव तस्करी की धाराओं में चालान किया गया है।