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फंदे से लटककर वृद्ध ने दी जान, वन कर्मियों पर पिटाई और उत्पीड़न करने का आरोप
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रायपुर थाना क्षेत्र में फांसी लगाकर मौत पर जिला संयुक्त चिकित्सालय के पोस्टमार्टम हाऊस पर परिजन
- फोटो : SONBHADRA
रायपुर थाना क्षेत्र के चकया गांव में मंगलवार की शाम एक वृद्ध का शव पेड़ पर फंदे से लटकता मिला। परिजनों ने वन कर्मचारियों पर पिटाई और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
चकया गांव निवासी सुरेंद्र ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसका भाई बिग्गन (60) अपने खेत पर पुरानी लकड़ी को चीर रहा था। इसी दौरान वन विभाग के कर्मचारी पहुंचे। लकड़ी के बारे में पूछताछ करते हुए बिग्गन को अपने साथ रेंज कार्यालय चौखड़ा ले गए। सूचना पाकर पुत्र छांगुर गांव के कुछ अन्य लोगों के साथ पहुंचा तो बिग्गन बेेहोशी की हालत में रेंज कार्यालय परिसर में पड़ा था। उसकी पिटाई की गई थी।
पूछने पर वन कर्मचारियों ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए और घर भेज दिया। इसके बाद से बिग्गन गुमसुम थे। कुछ देर बाद वह खेत पर चले गए। काफी देर तक न लौटने पर जब खोजबीन करते हुए परिवार के लोग पहुंचे तो आम के पेड़ पर लुंगी के सहारे बिग्गन का शव लटकता मिला। परिजनों ने वन कर्मचारियों की पिटाई और उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर आत्महत्या का कदम उठाने का आरोप लगाया है।
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घटना की जानकारी पाकर पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पीड़ित परिवार का हाल जाना। दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, घटना के बाबत वन दरोगा विनोद यादव ने बताया कि मारपीट का आरोप निराधार है। वृद्ध पहले से ही बीमार था। सदर सीओ डॉ. चारु द्विवेदी ने बताया पीड़ित के परिजनों के प्रार्थना पत्र की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। इसके आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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चकया गांव निवासी सुरेंद्र ने पुलिस को दी तहरीर में कहा कि उसका भाई बिग्गन (60) अपने खेत पर पुरानी लकड़ी को चीर रहा था। इसी दौरान वन विभाग के कर्मचारी पहुंचे। लकड़ी के बारे में पूछताछ करते हुए बिग्गन को अपने साथ रेंज कार्यालय चौखड़ा ले गए। सूचना पाकर पुत्र छांगुर गांव के कुछ अन्य लोगों के साथ पहुंचा तो बिग्गन बेेहोशी की हालत में रेंज कार्यालय परिसर में पड़ा था। उसकी पिटाई की गई थी।
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पूछने पर वन कर्मचारियों ने सादे कागज पर हस्ताक्षर करा लिए और घर भेज दिया। इसके बाद से बिग्गन गुमसुम थे। कुछ देर बाद वह खेत पर चले गए। काफी देर तक न लौटने पर जब खोजबीन करते हुए परिवार के लोग पहुंचे तो आम के पेड़ पर लुंगी के सहारे बिग्गन का शव लटकता मिला। परिजनों ने वन कर्मचारियों की पिटाई और उत्पीड़न से क्षुब्ध होकर आत्महत्या का कदम उठाने का आरोप लगाया है।
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घटना की जानकारी पाकर पूर्व विधायक अविनाश कुशवाहा ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर पीड़ित परिवार का हाल जाना। दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उधर, घटना के बाबत वन दरोगा विनोद यादव ने बताया कि मारपीट का आरोप निराधार है। वृद्ध पहले से ही बीमार था। सदर सीओ डॉ. चारु द्विवेदी ने बताया पीड़ित के परिजनों के प्रार्थना पत्र की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा। इसके आधार पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।