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अफसरों का दावा झूठा, अभी कमरे में ही बंद हैं लाखों किताबें

Sat, 15 Oct 2022 11:36 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 15 Oct 2022 11:36 PM IST
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Officers' claim is false, millions of books are still locked in the room
सोनभद्र। परिषदीय विद्यालयों में किताबों के वितरण के सरकारी दावों की हकीकत कांशीराम कॉलोनी में संचालित कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय में आने पर साफ होगी। विद्यालय के कमरों में लाखों पुस्तकें भरी हुई हैं और बाहर से ताला जड़ा हुआ है। महीनों बाद भी इन किताबों का वितरण तो दूर सत्यापन भी नहीं हो पाया है। बच्चे बिना किताब या फिर उधार लेकर पढ़ाई कर रहे हैं, मगर जिम्मेदारों को कमरे में बंद किताबों के वितरण की फिक्र नहीं है। इतना ही नहीं विद्यालय के उन कमरों में किताबों को रखकर बंद किया गया, जिसमें कक्षाएं चलती थीं। लिहाजा बच्चे बरामदे में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं।
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जिले के 2061 परिषदीय स्कूलों में करीब 2.70 लाख बच्चों ने दाखिला लिया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 15 लाख किताबों का आर्डर दिया गया था। काफी जद्दोजहद के बाद किसी तरह किताबों की आपूर्ति हुई। कुछ किताबों का वितरण भी किया गया, लेकिन लाखों की संख्या में किताबें अब भी विद्यालय के कमरे में बंद पड़ी हैं। नगर के कांशीराम आवासीय कॉलोनी परिसर में संचालित कंपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय मल्टी स्टोरी बिल्डिंग को विभाग ने अस्थायी गोदाम बना दिया है। विद्यालय के पांच से अधिक कमरों में किताबें भरी हुई हैं। इन कमरों के बाहर ताला जड़ा हुआ है। इसकी चाबी कहां है, यह भी किसी को जानकारी नहीं है। कमरे बंद होने से करीब एक माह से बच्चे बाहर बरामदे में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। स्मार्ट क्लास के कमरे में भी किताबें भी भरी हैं। विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। आधा से अधिक सत्र बीतने के बाद भी किताबों का शत-प्रतिशत वितरण न होने से पढ़ाई बाधित है।
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बीआरसी पर भी किताबें
जिले के विभिन्न ब्लॉकों के बीआरसी सहित अन्य स्थानों पर भी किताबें अटकी हैं। शासन के निर्देश के मुताबिक किताबों को स्कूल तक पहुंचाने का प्रबंध करने का निर्देश था। मगर इसका पालन नहीं हो रहा है। शिक्षकों को खुद के खर्च पर किताबों को स्कूल तक ले जाना पड़ रहा है।
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कुछ किताबों का सत्यापन नहीं हो सका है। इस कारण वे स्कूल के कक्ष में रखी गई है। जल्द ही पूरी किताबों का सत्यापन कराकर वितरण करा दिया जाएगा। - धनंजय सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी, राबर्ट्सगंज।
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