सोनभद्र। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को जमीन विवाद से जुड़े मामलों की भरमार रही। ग्राम समाज और चकरोड की भूमि पर कब्जा, तालाब पर अतिक्रमण, फाटबंदी, पैमाइश से जुड़ी शिकायतें सबसे ज्यादा पहुंचीं। कुसुम्हां के ग्रामीणों ने 45 फीट के चकरोड का अतिक्रमण कर बंद करने का प्रार्थना पत्र सौंपा। चार तहसीलों में कुल 243 शिकायतें आईं, जिसमें 21 का मौके पर निस्तारण किया गया। रॉबर्ट्सगंज तहसील दिवस में पहुंचे कुसुम्हां के अनिल पांडेय, आरती, धनीता देवी, लचिया देवी, रामप्यारी, बिंदेश्वरी आदि का कहना था कि खेतों तक आने-जाने के लिए 45 फीट का चकरोड है। इस पर गांव के ही कुछ लोगों ने कब्जा कर रास्ता बंद कर दिया है। इससे खेतों तक आने-जाने और ट्रैक्टर ले जाने में दिक्कत आ रही है। एडीएम वागीश शुक्ला ने राजस्व टीम को मौके पर भेजकर समाधान कराने के निर्देश दिए। बट बंतरा और रामगढ़ क्षेत्र के गांवों से आए किसानों ने विंध्य एक्सप्रेसवे में शामिल भूमि का मुआवजा दर बढ़ाने के लिए आवेदन दिया। यहां कुल 49 शिकायतें आईं, जिसमें आठ का निस्तारण किया गया। घोरावल तहसील में डीएम चर्चित गौड़ ने शिकायतें सुनीं। यहां 90 शिकायतों में आठ का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि चार मामलों के लिए टीमों को मौके पर भेजा गया। इस तरह कुल 12 मामलों का निस्तारण हुआ। डीएम ने भूमि विवाद के मामलों में स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए। ओबरा में तहसीलदार, सीओ और नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में समाधान दिवस हुआ। 33 शिकायतों में चार का निस्तारण किया गया। वहीं दुद्धी में एसडीएम अशोक कुमार की अध्यक्षता में 71 शिकायतें सुनी गईं और पांच मामलों का निस्तारण हुआ। इस मौके पर एएसपी ऋषभ रुणवाल, तहसीलदार अंजनी गुप्ता, सीओ दुद्धी विनय प्रभाकर साहनी, हर्ष पांडेय, बीडीओ डॉ. जितेंद्र नाथ दुबे आदि मौजूद रहे।