दुद्धी। कचहरी स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद भवन में बुधवार की रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन व मुुशायरा हुआ। नगर पंचायत अध्यक्ष राजकुमार अग्रहरि ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कवयित्री विभा शुक्ला ने सरवस्ती वंदना से कार्यक्रम का आगाज किया। इसके बाद कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना सुनाई और लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
देवरिया के बादशाह तिवारी ने, प्रेमी के नमस्ते की भाषा समझते नहीं जो, उन्हें भी सबक ये सिखाने लगा है, मोहब्बत में दूरी जरूरी है क्योंकि कोरोना का डर अब सताने लगा है, गीत सुनाया। वाराणसी के नागेश साडिल्य ने, तेज स्कूटी से जाती आतंकवादीनुमा लड़की, मेरे घूरकर देखने पर अत्यंत जोरों से भड़की कविता सुनाकर कर दर्शकों को लोटपोट किया। वाराणसी के इमरान बनारसी ने दिलों दिमाग में अमनों अमान रखते हैं, मोहब्बतों का फकत हम जहां रखते हैं, यकीन न आये तो सीने को चीर कर देखो हम अपने सीने में हिंदुस्तान रखते हैं, गजल सुनाकर गंगा जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की। उप प्रभागीय वनाधिकारी रेणुकूट मनमोहन मिश्रा ने नफरत का जाम मुझसे ढाला ना जाएगा, ये काम मेरे दिल से संभाला ना जाएगा गीत सुनाया। बिहार के लोकनाथ तिवारी, विभा शुक्ला, हसन सोनभद्री ने भी गीत सुनाए। संचालन अविनाश गुप्ता व कमलेश राजहंस ने संयुक्त रूप से किया। यहां समिति के अध्यक्ष रामलोचन तिवारी, शिवशंकर प्रसाद, मदन मोहन तिवारी, रामेश्वर राय, सत्यनारायण यादव, जगदीश्वर जायसवाल, रेंजर दिवाकर दुबे, प्रभु सिंह कुशवाहा, संगीता वर्मा, वंदना कुशवाहा, विष्णु कांत तिवारी, सैयद फैजुल्लाह, कौनेन अली आदि मौजूद रहे।