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टांका के पानी में पड़ गए कीड़े, ग्रामीण परेशान कैसे करें उपयोग

Mon, 01 Jun 2020 10:57 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Jun 2020 10:57 PM IST
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Insects in the soldering water
विंढमगंज। दुद्धी ब्लॉक के जोरूखाड़ ग्राम पंचायत में बने टांका के पानी में कीड़े पड़ गए हैं। इसमें टैंकर से पानी भरा गया था, लेकिन कीड़े लगने से ग्रामीण उसका उपयोग नहीं कर पा रहे। राजस्थान की तर्ज पर जल संचयन के लिए बने टांका घटिया निर्माण घटिया होने के नाते जगह-जगह उसमें दरार आ गई है। चबूतरा भी टूटने लगा है। इससे ग्रामीणों में असंतोष है।
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विकास महकमे ने राजस्थान के तर्ज पर जोरूखाड़ ग्राम पंचायत में टांका का निर्माण इसलिए कराया ताकि बारिश का पानी उसके जमा हो और उसका उपयोग ग्रामीण कर सकें। लेकिन ग्राम पंचायत में ठीक इसका उल्टा हो रहा है। यहां बारिश का पानी टांका में जमा तो नहीं हुआ, बल्कि ग्राम पंचायत से ही टैंकर से उसमे पानी डाला गया। अब उस पानी में कीड़ा भी पड़ गया है। ग्रामीण टांका से पानी निकाल रहे हैं तो उसमें से कीड़े निकल रहे हैं। ग्राम प्रधान बृजकिशोर ने बताया कि रामचंद्र, चंद्रमन, कलपतिया, बुद्धि नारायण, सत्यनारायण, रामलाल, अमरनाथ, निवासी जोरूखाड तथा जोरूखाड ग्राम पंचायत के ही परासपानी गांव में उर्मिला, दौलत, अनीता, गुड़िया, मीना के आवास से सटे खाली पड़ी जमीन पर टांका का निर्माण कराया गया है। इसमें चार से छह मीटर गड्ढा खोदकर पूरी तरह से पक्का का निर्माण कराया गया है। इसके चारों तरफ चबूतरा इस तरह बनाया गया है कि इस पर बरसात में गिरने वाला पानी इसी टंका में जाकर जमा होगा। इससे गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को पानी की किल्लत से निजात मिल सकेगी। रामलाल के आवास से सटे बने टांका के बारे में उसकी पत्नी रीना देवी ने बताया कि टंका के पानी में कीड़ा लग जा रहा है। हम लोग किस तरह से पानी पीने का उपयोग करें, जबकि पानी में कीड़े हो गए हैं। बताया कि टांका निर्माण में उसने भी काम किया था लेकिन उसकी मजदूरी अब तक नहीं मिली। गांव की महेसिया देवी, भागमणि देवी, प्रियंका देवी, कुसुम देवी, संजू देवी ने बताया कि अभी कुछ महीने पहले ही टंका बना है लेकिन उसमें जगह-जगह से दरार पड़ने लगी है। टंका के चारों तरफ बना चबूतरा भी क्षतिग्रस्त होने लगा है। इसमें यदि बारिश का पानी जमा होगा तो गंदा पानी हम लोग कैसे प्रयोग करेंगे। टंका से ग्रामीणों को कोई फायदा नहीं दिख रहा है। इससे अच्छा तो जगह-जगह पर हैंडपंप ही लगवा दिया जाता तो हम लोग शुद्ध व साफ पानी पीकर अपना जीवन निर्वहन कर सकते थे। इस बाबत दुद्धी के बीडीओ रमाकांत सिंह ने कहा कि टांका में टैंकर में से पानी डाला गया और यदि उसमें कीड़े पड़े हैं तो उसकी साफ-सफाई करा दी जाएगी। घटिया टांका निर्माण की शिकात मिलने पर उसकी जांच कराकर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। उधर डीडीओ ने बताया कि मनरेगा व डीएमएफ से टांका बना है। यदि निर्माण घटिया है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। टांका में टैंकर से टेस्टिंग के लिए पानी डाला गया था।
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