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जिला ओडीएफ घोषित, लोग खुले में जा रहे शौच
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सोनभद्र। जिले को कागजों पर ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। कहा जा रहा है जिले की सभी 637 ग्राम पंचायतें खुले में शौच मुक्त कर दी गई हैं जबकि हकीकत कुछ और है। तमाम लोगों के यहां अब भी शौचालय नहीं बने हैं। तमाम शौचालयों का निर्माण कार्य अधूरा है जिससे लोग खुले में ही शौच के लिए विवश हैं।
पंचायत राज विभाग के अनुसार बेसलाइन सर्वे में जिले में प्रथम चरण में बभनी ब्लाक में 13747, नगवां में 13594, राबर्ट्सगंज में 42586, चोपन में 28636, घोरावल में 36664, म्योरपुर में 24269, दुद्धी में 24850 और चतरा में 13963 सहित कुल 198309 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। खास बात यह है कि सभी ब्लाकों में शौचालयों के निर्माण का कार्य कागजों पर पूरा दिखा दिया गया है। यही नहीं, कागजों पर बभनी ब्लाक में 13729, नगवां में 13474, राबर्ट्सगंज में 42407, चोपन में 28474, घोरावल में 36410, म्योरपुर में 24013, दुद्धी में 24659 व चतरा में 13708 सहित 196874 शौचालयों के फोटो भी अपलोड किए जाने की बात कही गई है। यह भी बताया गया है कि 306 शौचालयों की फोटो अपलोड करने का कार्य जारी है।
उधर, प्रथम चरण के बाद छूटे रहे गए 78 979 परिवारों के लिए शौचालयों के निर्माण कार्य पूर्ण कराए गए हैं। इसके बाद भी काफी संख्या में लोग शौचालय की सुविधा से वंचित रह गए थे। इसको देखते हुए शासन के निर्देश पर पंचायती राज विभाग की तरफ से 18888 परिवारों को शौचालय की सुविधा दी गई। पंचायत राज विभाग की तरफ से दी गई रिपोर्ट के आधार पर सभी लाभार्थियों के यहां शौचालयों का निर्माण पूरा दिखाकर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। उधर, हकीकत कुछ और है। कई गांवों में काफी संख्या में लोग शौचालय की सुविधा से अब भी वंचित रह गए हैं और खुले में शौच जाने के लिए विवश हैं। उदाहरण के तौर पर चतरा विकास खंड के किचार गांव, घोरावल के भरौली समेत अन्य गांवों में अभी कई लोग शौचालय से हैं।
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कोट
बेस लाइन सर्वे में 2011 की जनगणना के आधार पर शौचालयों के निर्माण का कार्य पूरा कराकर 2018 में जिले को ओडीएफ घोषित किया गया था। वर्ष 2011 से अब तक आबादी बढ़ी है। इसको देखते हुए शौचालय की सुविधा से वंचित लोगों को इसका लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है। बचे रह गए लोगों को शौचालय की सुविधा दी जाएगी।-एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी।
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पंचायत राज विभाग के अनुसार बेसलाइन सर्वे में जिले में प्रथम चरण में बभनी ब्लाक में 13747, नगवां में 13594, राबर्ट्सगंज में 42586, चोपन में 28636, घोरावल में 36664, म्योरपुर में 24269, दुद्धी में 24850 और चतरा में 13963 सहित कुल 198309 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य तय किया गया है। खास बात यह है कि सभी ब्लाकों में शौचालयों के निर्माण का कार्य कागजों पर पूरा दिखा दिया गया है। यही नहीं, कागजों पर बभनी ब्लाक में 13729, नगवां में 13474, राबर्ट्सगंज में 42407, चोपन में 28474, घोरावल में 36410, म्योरपुर में 24013, दुद्धी में 24659 व चतरा में 13708 सहित 196874 शौचालयों के फोटो भी अपलोड किए जाने की बात कही गई है। यह भी बताया गया है कि 306 शौचालयों की फोटो अपलोड करने का कार्य जारी है।
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उधर, प्रथम चरण के बाद छूटे रहे गए 78 979 परिवारों के लिए शौचालयों के निर्माण कार्य पूर्ण कराए गए हैं। इसके बाद भी काफी संख्या में लोग शौचालय की सुविधा से वंचित रह गए थे। इसको देखते हुए शासन के निर्देश पर पंचायती राज विभाग की तरफ से 18888 परिवारों को शौचालय की सुविधा दी गई। पंचायत राज विभाग की तरफ से दी गई रिपोर्ट के आधार पर सभी लाभार्थियों के यहां शौचालयों का निर्माण पूरा दिखाकर जिले को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। उधर, हकीकत कुछ और है। कई गांवों में काफी संख्या में लोग शौचालय की सुविधा से अब भी वंचित रह गए हैं और खुले में शौच जाने के लिए विवश हैं। उदाहरण के तौर पर चतरा विकास खंड के किचार गांव, घोरावल के भरौली समेत अन्य गांवों में अभी कई लोग शौचालय से हैं।
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कोट
बेस लाइन सर्वे में 2011 की जनगणना के आधार पर शौचालयों के निर्माण का कार्य पूरा कराकर 2018 में जिले को ओडीएफ घोषित किया गया था। वर्ष 2011 से अब तक आबादी बढ़ी है। इसको देखते हुए शौचालय की सुविधा से वंचित लोगों को इसका लाभ दिलाने की कोशिश की जा रही है। बचे रह गए लोगों को शौचालय की सुविधा दी जाएगी।-एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी।