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दोस्तों ने की थी रामदास की हत्या,तीन गए जेल
Updated Fri, 07 Dec 2018 12:17 AM IST
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सिंगरौली(सोनभद्र)। मोरवा थाना क्षेत्र के चुरकी गांव में दो दिन पूर्व मिले शव के मामले में हत्या की पुष्टि के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक आपसी विवाद में दोस्तों ने ही रामदास की हत्या कर शव को हैंडपंप के पास फेंक फरार हो गए।
बताते चलें कि बीते दो दिन पूर्व (मंगलवार) चुरकी गांव में स्थित लाले कोल के घर के पास मौजूद हैंडपंप पर रामदास बैगा (20) निवासी चुरकी का शव मिला था। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने साधारण मौत मानते हुए कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पोसटमार्टम रिपोर्ट में पेट में लगी अंदरूनी चोट से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस हरकत में आई। इसके बाद शुरू तफ्तीश में पूरा मामला उजागर हो गया। हत्या के इस गुत्थी का सुलझाने में पुलिस जुटी रही। पता चला कि रामदास चार नवंबर को अपने साथी हरिशंकर बैगा पिता गिरधारी बैगा के साथ रेनूसागर (यूपी) कार्य करने गया था जहां से लौटते वक्त पहले औड़ी में दोनों ने शराब पिया। इसके दुल्लापाथर स्थान पर चरकू बैगा के साथ फिर गांव चुरकी पहुंचकर तीनों ने राजू बैगा के साथ शराब पी। नशे के दौरान ही चरकू बैगा से पुरानी जमीनी विवाद के कारण रामदास बैगा की कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि चरकू बैगा ने रामदास बैगा को जोर से मार दिया।घटना के बाद चरकू बैगा, राजू बैगा और हरिशंकर बैगा ने मिलकर उसके शव को चुपचाप चापाकल के समीप रख दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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बताते चलें कि बीते दो दिन पूर्व (मंगलवार) चुरकी गांव में स्थित लाले कोल के घर के पास मौजूद हैंडपंप पर रामदास बैगा (20) निवासी चुरकी का शव मिला था। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने साधारण मौत मानते हुए कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पोसटमार्टम रिपोर्ट में पेट में लगी अंदरूनी चोट से मौत की पुष्टि होने के बाद पुलिस हरकत में आई। इसके बाद शुरू तफ्तीश में पूरा मामला उजागर हो गया। हत्या के इस गुत्थी का सुलझाने में पुलिस जुटी रही। पता चला कि रामदास चार नवंबर को अपने साथी हरिशंकर बैगा पिता गिरधारी बैगा के साथ रेनूसागर (यूपी) कार्य करने गया था जहां से लौटते वक्त पहले औड़ी में दोनों ने शराब पिया। इसके दुल्लापाथर स्थान पर चरकू बैगा के साथ फिर गांव चुरकी पहुंचकर तीनों ने राजू बैगा के साथ शराब पी। नशे के दौरान ही चरकू बैगा से पुरानी जमीनी विवाद के कारण रामदास बैगा की कहासुनी हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि चरकू बैगा ने रामदास बैगा को जोर से मार दिया।घटना के बाद चरकू बैगा, राजू बैगा और हरिशंकर बैगा ने मिलकर उसके शव को चुपचाप चापाकल के समीप रख दिया और वहां से फरार हो गए। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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