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एक तरफ वार्ता का निमंत्रण दूसरे तरफ चलायी गयी लाठियां
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:53 AM IST
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अनपरा। भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बैठक कर रेनुसागर में हुए लाठी चार्ज और बेगुनाहों के उत्पीड़न की घोर निंदा की है ।
बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओ ने कहा कि रेनुसागर में संविदा कर्मी शांति पूर्वक ढंग से अपने जायज मांगो के समर्थन में धरने पर बैठे थे । उन्होंने कहा कि यह प्रबंधन और प्रशासन की साजिश है कि एक तरफ लोगों को वार्ता के लिए जिलाधिकारी द्वारा बुलाया गया और ठीक उसी समय धरनारत मजदूरों पर लाठियां चलायी गयी। घटना के बाद संविदा कर्मचारियों पर मुकदमें पर मुकदमे लादे जा रहे है जिसे गरीब आदमी भय के माहौल में जीने को विवश हो गये है। निर्दोष ग्रामीणों के यहां छापा डालकर उन्हें भय में जीने को विवश किया जा रहा है यहां तक की उनके आवागमन के तमाम रास्तो को बंद कर उनका उत्पीड़न भी शुरू कर दिया गया है।
आलम यह है कि घटना के बाद से तमाम ग्रामीण अपने आप को नजरबंद की स्थिति में पा रहे है । उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा उनके दैनिक कार्यों, सब्जी व्यवसाय, बच्चों की पढ़ाई लिखाई आदि को भी बाधित कर दिया गया है । ग्रामीणों के इस उत्पीड़न का भारतीय मजदूर संघ घोर निंदा करता है । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निर्दोष कर्मचारियो और ग्रामीणों का हो रहा उत्पीड़न तत्काल बंद नही किया जाता है तो जिले की सभी यूनियनें इसके विरोध में आंदोलन करने को विवश होंगीे । मामले की गंभीरता और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने का एक मात्र उपाय प्रशासन की उपस्थिति में प्रबंधन और संविदा श्रमिकों के बीच वार्ता कराई जाये इसके उपरांत सभी कर्मचारियों को शांतिपूर्वक बगैर किसी उत्पीडन के ड्यूटी पर पूर्व की भांति कार्य करने हेतु आदेशित किया जाये । बैठक में जिलामंत्री आर पी पांडेय, विद्युत् मजदुर संघ उ प्र के महामंत्री शशिकांत श्रीवास्तव,जिला उपाध्यक्ष अरुण दुबे, विद्युत् मजदुर संघ रेनुसागर के अध्यक्ष दशराम यादव, अंबुज सिंह, यशपाल सिंह, गणेश वैश्य आदि मौजूद रहे।
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बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओ ने कहा कि रेनुसागर में संविदा कर्मी शांति पूर्वक ढंग से अपने जायज मांगो के समर्थन में धरने पर बैठे थे । उन्होंने कहा कि यह प्रबंधन और प्रशासन की साजिश है कि एक तरफ लोगों को वार्ता के लिए जिलाधिकारी द्वारा बुलाया गया और ठीक उसी समय धरनारत मजदूरों पर लाठियां चलायी गयी। घटना के बाद संविदा कर्मचारियों पर मुकदमें पर मुकदमे लादे जा रहे है जिसे गरीब आदमी भय के माहौल में जीने को विवश हो गये है। निर्दोष ग्रामीणों के यहां छापा डालकर उन्हें भय में जीने को विवश किया जा रहा है यहां तक की उनके आवागमन के तमाम रास्तो को बंद कर उनका उत्पीड़न भी शुरू कर दिया गया है।
आलम यह है कि घटना के बाद से तमाम ग्रामीण अपने आप को नजरबंद की स्थिति में पा रहे है । उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा उनके दैनिक कार्यों, सब्जी व्यवसाय, बच्चों की पढ़ाई लिखाई आदि को भी बाधित कर दिया गया है । ग्रामीणों के इस उत्पीड़न का भारतीय मजदूर संघ घोर निंदा करता है । उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निर्दोष कर्मचारियो और ग्रामीणों का हो रहा उत्पीड़न तत्काल बंद नही किया जाता है तो जिले की सभी यूनियनें इसके विरोध में आंदोलन करने को विवश होंगीे । मामले की गंभीरता और क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम करने का एक मात्र उपाय प्रशासन की उपस्थिति में प्रबंधन और संविदा श्रमिकों के बीच वार्ता कराई जाये इसके उपरांत सभी कर्मचारियों को शांतिपूर्वक बगैर किसी उत्पीडन के ड्यूटी पर पूर्व की भांति कार्य करने हेतु आदेशित किया जाये । बैठक में जिलामंत्री आर पी पांडेय, विद्युत् मजदुर संघ उ प्र के महामंत्री शशिकांत श्रीवास्तव,जिला उपाध्यक्ष अरुण दुबे, विद्युत् मजदुर संघ रेनुसागर के अध्यक्ष दशराम यादव, अंबुज सिंह, यशपाल सिंह, गणेश वैश्य आदि मौजूद रहे।
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