फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sonebhadra News ›   रेणुकूट क्षेत्र में उड़ा खतरनाक केमिकल युक्त कार्बन

रेणुकूट क्षेत्र में उड़ा खतरनाक केमिकल युक्त कार्बन

Mon, 15 Apr 2019 11:47 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 11:47 PM IST
विज्ञापन
रेणुकूट क्षेत्र में उड़ा खतरनाक केमिकल युक्त कार्बन
रेणुकूट (सोनभद्र)। मुर्धवा इलाके में स्थित आदित्य बिड़ला ग्रुप की बिड़ला कार्बन कंपनी के खिलाफ प्रदूषण फैलाने के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि कंपनी का केमिकल युक्त कार्बन उड़ा, जिससे बारिक वाले पाउडर की मोटी परत छतों, घरों के अंदर सहित वाहनों पर जमा हो गया, वहीं इसकीजद में आने से कई लोगों के चेहरे काले हो गए, उल्टी और शरीर में खुजलाहट से लोग परेशान रहे।
विज्ञापन

रविवार दोपहर में कार्बन प्लांट से केमिकल युक्त कार्बन पाउडर हवा में उड़ना शुरू हुआ तो लोग परेशान हो गए। शाम तक स्थिति भयावह होने लगी। मुर्धवा, रेणुकूट कार्बन की चपेट में आ गया। कार्बन के बारीक कण हवा के साथ लोगों के घरों में पहुंच गया, वहीं साप्ताहिक बाजार के दिन खरीदारी कर रहे लोगों के चेहरे काले पड़ गए। शरीर पर कार्बन के पाउडर चिपकने से लोग बेचैन नजर आए। खुजलाहट, उल्टी और बेचैनी से त्रस्त लोग कार्बन कंपनी और प्रशासन को कोसते रहे। मुर्धवा गांव के क्षेत्र पंचायत सदस्य अजय राय ने कार्बन उड़ने की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर किया। उन्होंने एसडीएम, सीओ को भी कंपनी द्वारा किए जा रहे हरकत से अवगत कराया। अजय राय ने बताया कि यहां स्थापित औद्योगिक कंपनियां केवल लोगों को प्रदूषण का जहर परोस रही हैं। लोगों के जान से खिलवाड़ कर कंपनियों ने यहां के हवा और जिंदगी में जहर घोल दिया है। जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व सरकारी एजेंसियां इन कंपनियों द्वारा लोगों के जीवन से खिलवाड़ किए जाने के बाद भी आंखें मूंदे बैठी हैं। इस बारे में बिड़ला कार्बन जनसंपर्क विभाग के प्रबंधक उपेंद्र मिश्रा ने कार्बन उड़ने की बात स्वीकार की। कहा कि प्लांट में अनुरक्षण का कार्य किया जा रहा था, उसी दौरान पाइप लीकेज होने से कार्बन बाहर निकलने लगा, जिसे कुछ देर बाद रोक लिया गया। एसडीएम कृपाशंकर पांडेय के निर्देशानुसार हलका लेखपाल अशोक सिंह की तहरीर पर पिपरी थाने में आईपीसी की धारा 278 के तहत बिड़ला कार्बन कंपनी के खिलाफ प्रदूषण फैला कर मानव जीवन को खतरा फैलाने की कोशिश का मुकदमा दर्ज किया गया है।
विज्ञापन

इनसेट=
कार्बन लीकेज से हजारों लोग हुए प्रभावित
रेणुकूट। रविवार की शाम को कार्बन कंपनी से उड़े पाउडर से पूरा नगर प्रभावित रहा। इसका असर करीब दो किलोमीटर के क्षेत्र में दिखा। परिक्षेत्र के आवासीय परिसरों में कमरों के अंदर तक इसका प्रभाव रहा, जबकि छतों व सड़कों पर कार्बन के मोटे-मोटे परत जम गये। प्लांट से सटे रहवासी इलाकों में स्थिति काफी भयावह हो गई। बच्चे, जवान, बूढ़े सभी परेशान रहे। दिनचर्या के लिए सड़कों पर निकले लोग तो कार्बन में लिपटे नजर आए। वहीं घर के अंदर का दृश्य भी कार्बन पाउडर से हुए नुकसान को बयां कर रहा था आंगन, घर में सो रहे नौनिहाल भी काले हो गये।
विज्ञापन
विज्ञापन

इनसेट=
उड़ता रहा कार्बन, सोते रहे जिम्मेदार
रेणुकूट। रविवार को दोपहर से ही कार्बन धीरे-धीरे उड़ रहा था। रात में आठ बजे के करीब बड़े पैमाने पर उड़े कार्बन की चपेट में समूचा नगर आ गया गया। पूरा शहर काले कार्बन की चादर में लिपट गया लेकिन स्थानीय प्रशासन इस घटना से अंजान बना रहा। लोगों का कहना है कि प्रशासन के उच्चाधिकारियों को इस पूरे प्रकरण पर अवगत कराया गया लेकिन किसी भी अधिकारी ने मौके पर पहुंच कर वास्तु स्थिति से अवगत होना ठीक नहीं समझा। समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष नौशाद का कहना है कि यहां स्थापित कंपनियां शासन प्रशासन की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर पूरे इलाके को प्रदूषित कर रही हैं। मानकों की अनदेखी कर कार्बन कंपनी द्वारा आए दिन हवा में कार्बन उड़ाया जाता है। कंपनी के करतूतों की कई बार लिखित शिकायत की गई लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं किया गया। आरएसएस के नगर कार्यवाह पवन सिंह ने कहा कि कार्बन के बारीक कण हवा और पानी के जरिए मानव शरीर में प्रवेश कर अनेक रोगों को जन्म दे रहे हैं। इलाके में त्वचा रोग, खांसी, टीवी आदि की शिकायत शरीर में जा रहे कार्बन की वजह से बढ़ा है। .............

प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने की जांच
रेणुकूट। बिड़ला कार्बन में रविवार की शाम को नगर व आसपास के क्षेत्र में उड़े काले कार्बन की जांच करने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी सोमवार की शाम पहुंचे। नगर में आये सहायक वैज्ञानिक अधिकारी डॉक्टर एसएन शुक्ला ने कहा कि पूरे प्लांट की जांच की गई और कारखाना के अधिकारियों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अपनी कमियां एक माह के अंदर सुधार लें। दोबारा यदि इस तरह की गलती हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed