{"_id":"5a8aff714f1c1ba4268bb292","slug":"51519058801-sonebhadra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"काला दिवस मनाकर बजट का करेंगे विरोध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काला दिवस मनाकर बजट का करेंगे विरोध
Updated Mon, 19 Feb 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अनपरा। बजट में श्रमिकों के लिए कोई व्यवस्था ने होने पर भारतीय मजदूर संघ 20 फरवरी को देश व्यापी आंदोलन करेगा। संघ ने आयकर सीमा पांच लाख रुपये किए जाने की मांग प्रमुखता से उठाई है।
भारतीयकोल खदान श्रमिक संघ के अध्यक्ष जीपी चतुर्वेदी व महामंत्री हीरामणि यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि केंद्र सरकार का बजट मजदूर विरोधी बजट है। भारतीय मजदूर संघ इसके विरोध में 20 फरवरी को काला दिवस मनाएगा। बताया कि 21 से 27 फरवरी तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। मांग के संबंध में बताया कि आयकर में पांच लाख की छूट के अलावा रेलवे, रक्षा, बैंक, बीमा आदि सार्वजनिक उद्योगों में विनिवेश एवं एफडीआई पर रोक लगाया जाएगा। प्रिटिंग प्रेस बंदी पर आदेश पर रोक लगाए जाने, आंगनबाड़ी, आशा कर्मी सहित सभी स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी घोषित करते हुए न्यूनतम 18 हजार वेतन देने, ईपीएफ, ईएसआई व पेंशन लाभ देने की मांग की गई है। ठेका कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन व सामाजिक सुरक्षा के साथ नियमितीकरण करने की भी मांग की गई है। कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट मजदूरों के हितों के विपरीत है। आंदोलन के जरिए सरकार को बजट में संशोधन करने को बाध्य किया जाएगा।
विज्ञापन
भारतीयकोल खदान श्रमिक संघ के अध्यक्ष जीपी चतुर्वेदी व महामंत्री हीरामणि यादव ने संयुक्त रूप से बताया कि केंद्र सरकार का बजट मजदूर विरोधी बजट है। भारतीय मजदूर संघ इसके विरोध में 20 फरवरी को काला दिवस मनाएगा। बताया कि 21 से 27 फरवरी तक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। मांग के संबंध में बताया कि आयकर में पांच लाख की छूट के अलावा रेलवे, रक्षा, बैंक, बीमा आदि सार्वजनिक उद्योगों में विनिवेश एवं एफडीआई पर रोक लगाया जाएगा। प्रिटिंग प्रेस बंदी पर आदेश पर रोक लगाए जाने, आंगनबाड़ी, आशा कर्मी सहित सभी स्कीम वर्कर्स को कर्मचारी घोषित करते हुए न्यूनतम 18 हजार वेतन देने, ईपीएफ, ईएसआई व पेंशन लाभ देने की मांग की गई है। ठेका कर्मियों को समान कार्य के लिए समान वेतन व सामाजिक सुरक्षा के साथ नियमितीकरण करने की भी मांग की गई है। कहा कि सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट मजदूरों के हितों के विपरीत है। आंदोलन के जरिए सरकार को बजट में संशोधन करने को बाध्य किया जाएगा।
विज्ञापन