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स्वास्थ्य, सड़क बिजली पर दिया ध्यान, डीएम
Updated Mon, 24 Jul 2017 11:38 PM IST
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सोनभद्र। सामाजिक नैगमिक दायित्व/सीएसआर के तहत जिले में स्थापित औद्योगिक इकाइयां अपने उत्पादन क्षेत्र से हटकर दुरूह क्षेत्रों में नागरिकों को सहूलियत मुहैया कराएं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क बिजली आदि पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। औद्योगिक इकाइयों से निकले वाली राख का निस्तारण के लिए ईंट आदि का निर्माण करें।
उक्त बातें जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में सामाजिक नैगमिक दायित्व/सीएसआर व सिंगरौली एक्शन प्लांट और पर्यावरण संरक्षण के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि हरहाल में पर्यावरण के संरक्षण के मानकों को पूरा करें। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया कि वे औद्योगिक ईकाईयों के ऐस/राख निस्तारण सिस्टम का स्थलीय निरीक्षण एक सप्ताह के अन्दर करें, जो औद्योगिक ईकाईया राख निस्तारण एवं पर्यावरण संरक्षण के मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाली राखों को नि:शुल्क रूप से आम नागरिक, जो राखों से ईंट बनाना चाह रहा है, उन्हें मुहैया करायी जाय, इसके साथ ही औद्योगिक इकाईयां अपने उत्पादन इकाई परिसर में ही राखों से ईंट निर्माण की व्यवस्था करें। अपने औद्योगिक भवनों व आवासीय परिसरों में राख से बने ईंटों के निर्माण के साथ ही आम नागरिकों, विशेष कर ग्राम पंचायतों मेें बनने वाले शौचालयों व सरकारी आवासों के लिए न्यूनतम दर/सस्ते दर पर राख से बने ईंट मुहैया कराएं। इस मौके पर कई औद्योगिक इकाईयों के अधिकारी मौजूद रहे।
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उक्त बातें जिलाधिकारी प्रमोद कुमार उपाध्याय ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में सामाजिक नैगमिक दायित्व/सीएसआर व सिंगरौली एक्शन प्लांट और पर्यावरण संरक्षण के संबंध में आयोजित समीक्षा बैठक में कही। उन्होंने कहा कि हरहाल में पर्यावरण के संरक्षण के मानकों को पूरा करें। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया कि वे औद्योगिक ईकाईयों के ऐस/राख निस्तारण सिस्टम का स्थलीय निरीक्षण एक सप्ताह के अन्दर करें, जो औद्योगिक ईकाईया राख निस्तारण एवं पर्यावरण संरक्षण के मानकों को पूरा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जाय। जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक इकाईयों से निकलने वाली राखों को नि:शुल्क रूप से आम नागरिक, जो राखों से ईंट बनाना चाह रहा है, उन्हें मुहैया करायी जाय, इसके साथ ही औद्योगिक इकाईयां अपने उत्पादन इकाई परिसर में ही राखों से ईंट निर्माण की व्यवस्था करें। अपने औद्योगिक भवनों व आवासीय परिसरों में राख से बने ईंटों के निर्माण के साथ ही आम नागरिकों, विशेष कर ग्राम पंचायतों मेें बनने वाले शौचालयों व सरकारी आवासों के लिए न्यूनतम दर/सस्ते दर पर राख से बने ईंट मुहैया कराएं। इस मौके पर कई औद्योगिक इकाईयों के अधिकारी मौजूद रहे।
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