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प्रदूषण को लेकर सख्ती पर सीज हो जाएंगे 2
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:21 PM IST
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सोनभद्र। जिले की आबोहवा प्रदूषित हो गई है। औद्योगिक क्षेत्रों में भारी प्रदूषण से आम लोगों का स्वस्थ और सुरक्षित जीवन गुजारना मुश्किल हो गया है। देश की राजधानी से सटे एनसीआर में प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए एनजीटी ने दस साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों को प्रतिबंधित कर दिया है। यदि एनजीटी ने विश्व में प्रदूषण के मामले में अहम स्थान रखने वाले सिंगरौली जोन (सोनभद्र) में इस तरह की सख्ती बरती तो करीब 28,459 वाहन सीज कर दिए जाएंगे।
प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एनसीआर में लागू की गई सख्ती सोनभद्र में भी प्रभावी होने पर 10 साल पुराने डीजल के 11860 और 15 साल पुराने पेट्रोल के 16599 छोटे-बड़े वाहन सीज कर दिए जाएंगे। हालांकि जिले में अभी वाहनों को सीज करने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में छाए प्रदूषण के धुंध ने यूपी के हालात को लेकर बेचैनी बढ़ा दी है। इसको देखते हुए पिछले माह से सूबे के गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, नोएडा, हापुड़, बागपत में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहनों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सोनभद्र में भी प्रदूूषण चरम पर है। औद्योगिक इलाकों में चिमनियां से धुएं के रूप में निकलने वाले रासायनिक पदार्थ, आसपास के नदी, नालों में बहाए जाने वाले रासायनिक अपशिष्ट, खनन क्षेत्र में ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल ने यहां की आबोहवा तक को प्रदूषित कर दिया है। पानी में फ्लोराइड की अधिकता, पारा की अधिकता यहां की पहचान बन चुकी है। यहां प्रदूषण के नाते खुली हवा में लोगों का सांस लेना भी बीमारी की वजह बन सकता है। ऐसे में यदि प्रदेश के अन्य जिलों की तरह यहां भी अभियान चला तो 10 साल पुराने डीजल के 11860 आटो, जीप, कार, बस, ट्रक समेत अन्य वाहन सीज कर दिए जाएंगे। वहीं 15 साल पुराने पेट्रोल के 16599 बाइक, कार समेत अन्य वाहन सीज कर दिए जाएंगे। इनका संचालन पूरी तरह से ठप कर दिया जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अनिल मिश्रा ने बताया कि एनसीआर की तरह पुराने वाहनों को सीज करने का यहां अब तक कोई आदेश नहीं आया है। यदि इस तरह का आदेश आया तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
18 से आन लाइन होंगे वाहन संबंधी कार्य
सोनभद्र। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय में 18 दिसंबर से वाहन संबंधी सभी कार्य ऑनलाइन हो जाएंगे। वेब बेस्ड
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प्रदूषण पर रोक लगाने के लिए एनसीआर में लागू की गई सख्ती सोनभद्र में भी प्रभावी होने पर 10 साल पुराने डीजल के 11860 और 15 साल पुराने पेट्रोल के 16599 छोटे-बड़े वाहन सीज कर दिए जाएंगे। हालांकि जिले में अभी वाहनों को सीज करने की कार्रवाई शुरू नहीं हुई है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में छाए प्रदूषण के धुंध ने यूपी के हालात को लेकर बेचैनी बढ़ा दी है। इसको देखते हुए पिछले माह से सूबे के गाजियाबाद, मेरठ, मुजफ्फरनगर, शामली, बुलंदशहर, नोएडा, हापुड़, बागपत में 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल के वाहनों को सीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सोनभद्र में भी प्रदूूषण चरम पर है। औद्योगिक इलाकों में चिमनियां से धुएं के रूप में निकलने वाले रासायनिक पदार्थ, आसपास के नदी, नालों में बहाए जाने वाले रासायनिक अपशिष्ट, खनन क्षेत्र में ब्लास्टिंग से उड़ने वाली धूल ने यहां की आबोहवा तक को प्रदूषित कर दिया है। पानी में फ्लोराइड की अधिकता, पारा की अधिकता यहां की पहचान बन चुकी है। यहां प्रदूषण के नाते खुली हवा में लोगों का सांस लेना भी बीमारी की वजह बन सकता है। ऐसे में यदि प्रदेश के अन्य जिलों की तरह यहां भी अभियान चला तो 10 साल पुराने डीजल के 11860 आटो, जीप, कार, बस, ट्रक समेत अन्य वाहन सीज कर दिए जाएंगे। वहीं 15 साल पुराने पेट्रोल के 16599 बाइक, कार समेत अन्य वाहन सीज कर दिए जाएंगे। इनका संचालन पूरी तरह से ठप कर दिया जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन अनिल मिश्रा ने बताया कि एनसीआर की तरह पुराने वाहनों को सीज करने का यहां अब तक कोई आदेश नहीं आया है। यदि इस तरह का आदेश आया तो त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
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18 से आन लाइन होंगे वाहन संबंधी कार्य
सोनभद्र। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) कार्यालय में 18 दिसंबर से वाहन संबंधी सभी कार्य ऑनलाइन हो जाएंगे। वेब बेस्ड