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दुष्कर्म के दोषी को 15 साल की कैद, 85 हजार जुर्माना
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अपर सत्र न्यायाधीश (सीएडब्लू) आशुतोष कुमार सिंह की अदालत ने साढ़े तीन वर्ष पूर्व महिला के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म के मामले में सुनवाई करते हुए शुक्रवार को दोषी को 15 साल कैद की सजा सुनाई। उस पर 85 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक मांची थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने मांची थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2019 को शाम साढ़े तीन बजे मांची थाना क्षेत्र के तेनुडाही गांव निवासी सुबोध मौर्या ने उसके घर में घुसकर उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।
मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी सुबोध मौर्या को 15 साल की कैद और 85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। जबकि पीड़िता को अर्थदंड की आधी धनराशि मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक एडवोकेट ने बहस की।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक मांची थाना क्षेत्र के एक गांव के व्यक्ति ने मांची थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2019 को शाम साढ़े तीन बजे मांची थाना क्षेत्र के तेनुडाही गांव निवासी सुबोध मौर्या ने उसके घर में घुसकर उसकी पत्नी के साथ दुष्कर्म किया। इस तहरीर पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की विवेचना की। पर्याप्त सबूत मिलने पर विवेचक ने न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया था।
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मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने दोषसिद्ध पाकर दोषी सुबोध मौर्या को 15 साल की कैद और 85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर छह माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। वहीं जेल में बिताई अवधि सजा में समाहित की जाएगी। जबकि पीड़िता को अर्थदंड की आधी धनराशि मिलेगी। अभियोजन पक्ष की तरफ से सरकारी वकील विनोद कुमार पाठक एडवोकेट ने बहस की।
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