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सोनभद्र के 11 बच्चे छत्तीसगढ़ से कराए गए मुक्त
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सोनभद्र। जिले से मजदूरी के लिए तमिलनाडु ले जाए जा रहे 11 बच्चों को छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की पुलिस ने बरामद कर बाल कल्याण समिति को सुपुर्द कर दिया। वहां की समिति ने शुक्रवार को 10 बच्चों को बाल गृह बालक उरमौरा के सुपुर्द कर दिया। इनमें से नौ बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया जबकि एक बच्चे के अभिभावक को बुलाया गया है। वहीं कोरोना पॉजिटिव मिले एक बच्चे का सूरजपुर स्थित अस्पताल में इलाज चल रहा है।
जिले में कुछ लोग गरीब लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाबालिग बच्चों को मजदूरी कराने के लिए मुंबई समेत अन्य जगहों पर ले जा रहे हैं। बभनी और बीजपुर थाना क्षेत्र में 11 नवंबर को दो लोग 11 नाबालिग बच्चों को मजदूरी कराने के लिए बस में बैठाकर तमिलनाडु के लिए रवाना हुए। उसी दिन पड़ोसी छत्तीसगढ़ प्रांत के सूरजपुर जिले की पुलिस ने चेकिंग के दौरान बस रोक कर उसमें सवार बच्चों से पूछताछ की तो सही जवाब नहीं दे पाए। पूछताछ में पुलिस को बस चालक ने बताया कि उसे बच्चों को तमिलनाडु पहुंचाने के लिए किराया मिला है। पुलिस ने सभी बच्चों को अभिरक्षा में लेकर बाल कल्याण समिति सूरजपुर को सौंप दिया। वहां के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने मुक्त करा गए बभनी थाना क्षेत्र के जिगनहवा गांव निवासी तीन, बीजपुर थाना क्षेत्र के सिरसोती गांव निवासी आठ बच्चों के घरवालों के बारे में पता करने के लिए बाल कल्याण समिति सोनभद्र को सूचना दी। सत्यापन कराने पर सभी बच्चे जिले के रहने वाले निकले। शुक्रवार की रात में बाल कल्याण समिति सूरजपुर के लोग 10 बच्चों को लेकर बाल गृह बालक उरमौरा पहुंचे। जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र प्रौत्यायन ने बताया कि नौ बच्चों को उनके घरवालों को सुपुर्द कर दिया गया है। जबकि एक बच्चे के घरवालों को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों को ले जाने वालों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
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इनसेट
मानव तस्कर गिरोह हो रहा सक्रिय
सोनभद्र। जिले में मानव तस्कर गिरोह सक्रिय होने लगा है। पिछले माह सुकृत पुलिस चौकी क्षेत्र के मधुपुर से दो किशोरियों को बहला फुसला कर मुंबई ले जाया जा रहा था। हालांकि पुलिस की सक्रियता से किशोरियां सुरक्षित अपने घर लौट गईं। इस मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, बीजपुर और बभनी थाना क्षेत्र से 11 नाबालिग बच्चों को मजदूरी के लिए तमिलनाडु ले जाया जा रहा था लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस ने सभी को मुक्त करा लिया।
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जिले में कुछ लोग गरीब लोगों को प्रलोभन देकर उनके नाबालिग बच्चों को मजदूरी कराने के लिए मुंबई समेत अन्य जगहों पर ले जा रहे हैं। बभनी और बीजपुर थाना क्षेत्र में 11 नवंबर को दो लोग 11 नाबालिग बच्चों को मजदूरी कराने के लिए बस में बैठाकर तमिलनाडु के लिए रवाना हुए। उसी दिन पड़ोसी छत्तीसगढ़ प्रांत के सूरजपुर जिले की पुलिस ने चेकिंग के दौरान बस रोक कर उसमें सवार बच्चों से पूछताछ की तो सही जवाब नहीं दे पाए। पूछताछ में पुलिस को बस चालक ने बताया कि उसे बच्चों को तमिलनाडु पहुंचाने के लिए किराया मिला है। पुलिस ने सभी बच्चों को अभिरक्षा में लेकर बाल कल्याण समिति सूरजपुर को सौंप दिया। वहां के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष ने मुक्त करा गए बभनी थाना क्षेत्र के जिगनहवा गांव निवासी तीन, बीजपुर थाना क्षेत्र के सिरसोती गांव निवासी आठ बच्चों के घरवालों के बारे में पता करने के लिए बाल कल्याण समिति सोनभद्र को सूचना दी। सत्यापन कराने पर सभी बच्चे जिले के रहने वाले निकले। शुक्रवार की रात में बाल कल्याण समिति सूरजपुर के लोग 10 बच्चों को लेकर बाल गृह बालक उरमौरा पहुंचे। जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेंद्र प्रौत्यायन ने बताया कि नौ बच्चों को उनके घरवालों को सुपुर्द कर दिया गया है। जबकि एक बच्चे के घरवालों को बुलाया गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों को ले जाने वालों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
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मानव तस्कर गिरोह हो रहा सक्रिय
सोनभद्र। जिले में मानव तस्कर गिरोह सक्रिय होने लगा है। पिछले माह सुकृत पुलिस चौकी क्षेत्र के मधुपुर से दो किशोरियों को बहला फुसला कर मुंबई ले जाया जा रहा था। हालांकि पुलिस की सक्रियता से किशोरियां सुरक्षित अपने घर लौट गईं। इस मामले में सदर कोतवाली पुलिस ने दो महिलाओं समेत तीन लोगों के खिलाफ अपहरण समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। वहीं, बीजपुर और बभनी थाना क्षेत्र से 11 नाबालिग बच्चों को मजदूरी के लिए तमिलनाडु ले जाया जा रहा था लेकिन छत्तीसगढ़ पुलिस ने सभी को मुक्त करा लिया।
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