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जिंदा को मृतक तो कही मृतकों को बनाया वोटर
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खैराबाद (सीतापुर)। सर्वे कार्य में बरती गई ढिलाई के कारण तैयार हुई निकाय चुनाव की अनंतिम सूची में तमाम तरह खामियां उजागर हो रही है। निरीक्षण को वार्डवार जारी मतदाता सूचियों में कहीं जिंदा को मृतक बता कर उसका नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है तो तो कही मृतकों को वोटर बना उनका नाम सूची में जोड़ दिया गया है। इसके साथ ही वोटरों के नाम पता व आयु में भी तमाम तरह की त्रुटि मतदान के दौरान प्रशासन की सिरदर्दी बढ़ा सकती है।
निकाय चुनाव को लेकर बीती 31 अक्तूबर को जारी अनंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आम लोगों से 7 नवंबर तक आपत्तियां व दावे मांगे गए हैं। पोलिंग बूथों पर भेजी गई मतदाताओं की सूची देखने पर वोटरों को तमाम तरह की खामी मिल रही हैं। नगर पालिका खौराबाद के मोहल्ला कमाल सरांय निवासी मदन का नाम सूची से गायब है। इन्हें बताया गया कि वह तो जिंदा ही नहीं हैं, एक साल पहले मृतक हो चुके हैं।
मदन कहते हैं मतदाता सूची देखने के बाद अब इसे दुरुस्त कराने के लिए सीतापुर तक दौड़ लगाना पड़ रही है। मगर उन्हें कोई जिंदा नहीं मान रहा। इससे दुखी मदन बताते हैं कि संबंधित बीएलओ की लापरवाही के चलते ही उनकी राशन कार्ड में भी यूनिट कम कर दी गई है और अब वह होने वाले निकाय चुनाव में मतदान भी नही कर पाएंगे।
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बाजदारी टोला निवासी मिर्जा वाकर ने बताया कि उनके नाम में गड़बड़ी है। सभासद का चुनाव लड़ने का ख्वाब संजोए मिर्जा वाकर का आधार कार्ड से नाम वोटर लिस्ट में मेल नहीं खा रहा है। इतना ही नहीं मिर्जा वाकर के मृतक माता-पिता को भी प्रकाशित सूची में जिंदा दिखाकर बतौर वोटर उनका नाम सूची में दर्ज कर दिया गया है। वह बताते हैं कि इलाके में कई ऐसे लोग है जिनके साथ इस तरह की गड़बड़ी हुई है। कटरा के नर्मदा मिश्र भी इस बात से परेशान है कि हमारे 30 नंबर आवास में 25 बाहरी लोगों का नाम बतौर मतदाता जोड़ दिया गया है।
मकान में इतनी जगह भी नहीं है जितने लोगों को यहां का निवासी बता कर मतदाता बना दिया गया है। बाजदारी टोला निवासी लवलेश समेत सैकड़ों लोग अपना नाम जारी मतदाता सूची से गायब होने की शिकायत को लेकर बीएलओ के चक्कर काटने की परेशानी उठा रहे हैं। इस संबंध में एडीएम राम भरत तिवारी ने बताया कि सर्वे कार्य में हुई गलत फीडिंग के कारण अनंतिम सूची में इस तरह की गलती सामने आ रही है। आपत्तियों के आधार पर इन्हें पुनरीक्षित मतदाता सूचियों में पूरी तरह दुरुस्त बनाया जाएगा।
त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने का निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि पांच मतदान स्थलों तक के मतदान केंद्रों पर एक अफसर और पांच मतदान स्थलों से अधिक के मतदान केन्द्रों पर दो अफसर, कर्मी नियुक्त कर प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण कराया जाए। इस संबंध में जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वह अपने अधीनस्थ निकायों के अंतर्गत पुनरीक्षण कार्यक्रम का विस्तृत प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें ताकि मतदान के लिए पूरी निष्पक्षता के साथ त्रुटिरहित मतदाता सूचियों को तैयार कराया जा सके।
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निकाय चुनाव को लेकर बीती 31 अक्तूबर को जारी अनंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद आम लोगों से 7 नवंबर तक आपत्तियां व दावे मांगे गए हैं। पोलिंग बूथों पर भेजी गई मतदाताओं की सूची देखने पर वोटरों को तमाम तरह की खामी मिल रही हैं। नगर पालिका खौराबाद के मोहल्ला कमाल सरांय निवासी मदन का नाम सूची से गायब है। इन्हें बताया गया कि वह तो जिंदा ही नहीं हैं, एक साल पहले मृतक हो चुके हैं।
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मदन कहते हैं मतदाता सूची देखने के बाद अब इसे दुरुस्त कराने के लिए सीतापुर तक दौड़ लगाना पड़ रही है। मगर उन्हें कोई जिंदा नहीं मान रहा। इससे दुखी मदन बताते हैं कि संबंधित बीएलओ की लापरवाही के चलते ही उनकी राशन कार्ड में भी यूनिट कम कर दी गई है और अब वह होने वाले निकाय चुनाव में मतदान भी नही कर पाएंगे।
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बाजदारी टोला निवासी मिर्जा वाकर ने बताया कि उनके नाम में गड़बड़ी है। सभासद का चुनाव लड़ने का ख्वाब संजोए मिर्जा वाकर का आधार कार्ड से नाम वोटर लिस्ट में मेल नहीं खा रहा है। इतना ही नहीं मिर्जा वाकर के मृतक माता-पिता को भी प्रकाशित सूची में जिंदा दिखाकर बतौर वोटर उनका नाम सूची में दर्ज कर दिया गया है। वह बताते हैं कि इलाके में कई ऐसे लोग है जिनके साथ इस तरह की गड़बड़ी हुई है। कटरा के नर्मदा मिश्र भी इस बात से परेशान है कि हमारे 30 नंबर आवास में 25 बाहरी लोगों का नाम बतौर मतदाता जोड़ दिया गया है।
मकान में इतनी जगह भी नहीं है जितने लोगों को यहां का निवासी बता कर मतदाता बना दिया गया है। बाजदारी टोला निवासी लवलेश समेत सैकड़ों लोग अपना नाम जारी मतदाता सूची से गायब होने की शिकायत को लेकर बीएलओ के चक्कर काटने की परेशानी उठा रहे हैं। इस संबंध में एडीएम राम भरत तिवारी ने बताया कि सर्वे कार्य में हुई गलत फीडिंग के कारण अनंतिम सूची में इस तरह की गलती सामने आ रही है। आपत्तियों के आधार पर इन्हें पुनरीक्षित मतदाता सूचियों में पूरी तरह दुरुस्त बनाया जाएगा।
त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने का निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि पांच मतदान स्थलों तक के मतदान केंद्रों पर एक अफसर और पांच मतदान स्थलों से अधिक के मतदान केन्द्रों पर दो अफसर, कर्मी नियुक्त कर प्राप्त दावे और आपत्तियों का निस्तारण कराया जाए। इस संबंध में जिला प्रशासन ने सभी एसडीएम को निर्देशित किया है कि वह अपने अधीनस्थ निकायों के अंतर्गत पुनरीक्षण कार्यक्रम का विस्तृत प्रचार-प्रसार कराना सुनिश्चित करें ताकि मतदान के लिए पूरी निष्पक्षता के साथ त्रुटिरहित मतदाता सूचियों को तैयार कराया जा सके।