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परिषदीय स्कूलों में बिना किताबों व एमडीएम के बीता पहला दिन
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सीतापुर के गांधी प्राथमिक विद्यालय में सफाई करते बच्चे ।
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। पहले दिन सोमवार को अव्यवस्थाओं के बीच परिषदीय विद्यालय खुले। कहीं पर शिक्षक देर से पहुंचे तो कहीं पर बच्चे झाडू लगाते दिखे। नौनिहालों को कॉपी किताबें मिलने की उम्मीद थी। लेकिन गुरुजी ने हाथ में झाडू पकड़ा दी। बच्चों का स्कूल में पहला दिन साफ-सफाई में ही गुजर गया। एमडीएम न मिलने से बच्चे भूखे ही घर लौट गए।
गीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार को स्कूल खुले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सप्ताह पहले ही स्कूलों की साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया था। लेकिन जिले के शिक्षकों पर इसका असर नहीं दिखाई दिया। सोमवार को नौनिहालों ने ही झाडू लगाकर स्कूल को साफ किया।
गुरुजी देर से विद्यालय पहुंचे। पढ़ाने-लिखाने के बजाय वे बातों में ही मशगूल रहे। इससे पहला दिन अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। जिलाधिकारी व बीएसए कार्यालय के आसपास के करीब एक किलोमीटर के स्कूल भी समय से नहीं खुले।
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इन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थित नाम मात्र की रही। कही पर सुबह 8.45 तक स्कूल नहीं खुले। अगर खुले तो गुरुजी साफ सफाई कराने का निर्देश देकर चले गए। पहले दिन यहां पर पढ़ाई के नाम पर केवल हाजिरी लगाई गई।
नहीं पहुंचे गुरुजी
गोंदलामऊ विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय सरवन नगर में सुबह 8.15 पर तैनात तीन शिक्षकों के सापेक्ष केवल एक शिक्षक अशोक ही मिले। बच्चों ने बताया अन्य दो अध्यापिकाएं प्रीति यादव व शालू गुप्ता कभी-कभार ही स्कूल आती हैं। प्राथमिक विद्यालय बकछेरवा में 8.25 पर सभी अध्यापक अनुपस्थित मिले। बच्चे परिसर में ही खेलकूद कर रहे थे।
गंदगी व बदहाल मिले शौचालय
सुबह 8.32 पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुंवरपुर चेरेताली में प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने बताया शिक्षिका शिल्पी जैन काफी समय से नहीं आ रही है।
बीईओ व एसडीएम से शिकायत के बाद भी दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर रघुनाथपुर में सफाई हो रही थी। शौचालय बदहाल पड़े थे। टंकी टूटी थी। प्राथमिक विद्यालय सरैंया में शिक्षक बच्चों से कमरे में झाडू लगवा रहे थे।
गुरुजी कर रहे थे गपशप
रेउसा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सिकरी में गंदगी मिली। यहां पर भोजन नहीं बन रहा था। प्राथमिक विद्यालय गोढ़वा में हर तरफ गंदगी फैली हुई थी।
बच्चे एक कमरे में कैरम खेल रहे थे। शिक्षक एक जगह पर बैठकर बाते कर रहे थे। प्राथमिक विद्यालय गंगापुरवा में हर तरफ गंदगी मिली।
प्राथमिक विद्यालय बछपरिया में अध्यापक मिले। प्राथमिक विद्यालय नंदपुर में तीन शिक्षकों की तैनाती है। सुबह नौ बजे केवल एक शिक्षक ही उपस्थित मिले।
स्कूल खोलकर हुए गायब
नगर क्षेत्र सीतापुर के प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर प्रथम में हालात तो खराब दिखे। यहां पर गुरुजी सुबह आठ बजे आए और बच्चों को स्कूल में साफ-सफाई का आदेश देकर चले गए।
उसके बाद बच्चों ने हाथ में झाडू उठाकर स्कूल परिसर को साफ किया। प्राथमिक विद्यालय आलमनगर में सुबह केवल तीन नौनिहाल स्कूल में मिले। यहां पर गुरुजी नदारद थे।
गेट मिला बंद, बच्चे करते रहे इंतजार
प्राथमिक विद्यालय आर्यनगर में सुबह 8.15 पर केवल चार बच्चे उपस्थित मिले। वह भी जनपदीय रैली में जाने की तैयारी कर रहे थे। 8.20 पर प्राथमिक विद्यालय लोहारबाग का ताला बंद मिला।
जब गुरुजी नहीं आए तो बच्चे स्कूल केे मेनगेट के सामने ही बैठकर एक-दूसरे को पढ़ाने लगे। बच्चों का कहना था कि सुबह आठ बजे से इंतजार कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन 8.45 पर बंद मिला। यहां पर ताला लटक रहा था।
कान्वेंट स्कूलों में रही रौनक, रोते बिलखते पहुंचे नौनिहाल
सीतापुर। एक तरफ सरकारी विद्यालयों में नौनिहालों का सन्नाटा रहा। वहीं, कान्वेंट स्कूलों में रौनक दिखाई दी। रोते बिलखते हुए नौनिहाल स्कूल पहुंचे।
शिक्षकों ने भी पहला दिन एक-दूसरे से परिचय मेें ही निपटा दिया। सोमवार को सुबह शहर का नजारा एकदम बदला हुआ नजर आया।
सुबह सात बजे से ही सड़कों पर बच्चे दिखायी देने लगे। कोई अपने अभिभावक के साथ तो कोई ऑटो रिक्षा से स्कूल जाते हुए दिखाई दिया।
जब बच्चे स्कूल के गेट पर पहुंचे तो वह स्कूल के अंदर जाने को तैयार नहीं थे। अभिभावकों ने उन्हें किसी तरह बहलाकर शांत कराकर अंदर भेजा।
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गीष्मकालीन अवकाश के बाद सोमवार को स्कूल खुले। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक सप्ताह पहले ही स्कूलों की साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया था। लेकिन जिले के शिक्षकों पर इसका असर नहीं दिखाई दिया। सोमवार को नौनिहालों ने ही झाडू लगाकर स्कूल को साफ किया।
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गुरुजी देर से विद्यालय पहुंचे। पढ़ाने-लिखाने के बजाय वे बातों में ही मशगूल रहे। इससे पहला दिन अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ गया। जिलाधिकारी व बीएसए कार्यालय के आसपास के करीब एक किलोमीटर के स्कूल भी समय से नहीं खुले।
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इन विद्यालयों में बच्चों की उपस्थित नाम मात्र की रही। कही पर सुबह 8.45 तक स्कूल नहीं खुले। अगर खुले तो गुरुजी साफ सफाई कराने का निर्देश देकर चले गए। पहले दिन यहां पर पढ़ाई के नाम पर केवल हाजिरी लगाई गई।
नहीं पहुंचे गुरुजी
गोंदलामऊ विकासखंड का प्राथमिक विद्यालय सरवन नगर में सुबह 8.15 पर तैनात तीन शिक्षकों के सापेक्ष केवल एक शिक्षक अशोक ही मिले। बच्चों ने बताया अन्य दो अध्यापिकाएं प्रीति यादव व शालू गुप्ता कभी-कभार ही स्कूल आती हैं। प्राथमिक विद्यालय बकछेरवा में 8.25 पर सभी अध्यापक अनुपस्थित मिले। बच्चे परिसर में ही खेलकूद कर रहे थे।
गंदगी व बदहाल मिले शौचालय
सुबह 8.32 पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुंवरपुर चेरेताली में प्रधानाध्यापक मेराज अहमद ने बताया शिक्षिका शिल्पी जैन काफी समय से नहीं आ रही है।
बीईओ व एसडीएम से शिकायत के बाद भी दूसरे शिक्षक की तैनाती नहीं हो सकी है। प्राथमिक विद्यालय हरिहरपुर रघुनाथपुर में सफाई हो रही थी। शौचालय बदहाल पड़े थे। टंकी टूटी थी। प्राथमिक विद्यालय सरैंया में शिक्षक बच्चों से कमरे में झाडू लगवा रहे थे।
गुरुजी कर रहे थे गपशप
रेउसा विकासखंड के प्राथमिक विद्यालय सिकरी में गंदगी मिली। यहां पर भोजन नहीं बन रहा था। प्राथमिक विद्यालय गोढ़वा में हर तरफ गंदगी फैली हुई थी।
बच्चे एक कमरे में कैरम खेल रहे थे। शिक्षक एक जगह पर बैठकर बाते कर रहे थे। प्राथमिक विद्यालय गंगापुरवा में हर तरफ गंदगी मिली।
प्राथमिक विद्यालय बछपरिया में अध्यापक मिले। प्राथमिक विद्यालय नंदपुर में तीन शिक्षकों की तैनाती है। सुबह नौ बजे केवल एक शिक्षक ही उपस्थित मिले।
स्कूल खोलकर हुए गायब
नगर क्षेत्र सीतापुर के प्राथमिक विद्यालय गांधीनगर प्रथम में हालात तो खराब दिखे। यहां पर गुरुजी सुबह आठ बजे आए और बच्चों को स्कूल में साफ-सफाई का आदेश देकर चले गए।
उसके बाद बच्चों ने हाथ में झाडू उठाकर स्कूल परिसर को साफ किया। प्राथमिक विद्यालय आलमनगर में सुबह केवल तीन नौनिहाल स्कूल में मिले। यहां पर गुरुजी नदारद थे।
गेट मिला बंद, बच्चे करते रहे इंतजार
प्राथमिक विद्यालय आर्यनगर में सुबह 8.15 पर केवल चार बच्चे उपस्थित मिले। वह भी जनपदीय रैली में जाने की तैयारी कर रहे थे। 8.20 पर प्राथमिक विद्यालय लोहारबाग का ताला बंद मिला।
जब गुरुजी नहीं आए तो बच्चे स्कूल केे मेनगेट के सामने ही बैठकर एक-दूसरे को पढ़ाने लगे। बच्चों का कहना था कि सुबह आठ बजे से इंतजार कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय सिविल लाइन 8.45 पर बंद मिला। यहां पर ताला लटक रहा था।
कान्वेंट स्कूलों में रही रौनक, रोते बिलखते पहुंचे नौनिहाल
सीतापुर। एक तरफ सरकारी विद्यालयों में नौनिहालों का सन्नाटा रहा। वहीं, कान्वेंट स्कूलों में रौनक दिखाई दी। रोते बिलखते हुए नौनिहाल स्कूल पहुंचे।
शिक्षकों ने भी पहला दिन एक-दूसरे से परिचय मेें ही निपटा दिया। सोमवार को सुबह शहर का नजारा एकदम बदला हुआ नजर आया।
सुबह सात बजे से ही सड़कों पर बच्चे दिखायी देने लगे। कोई अपने अभिभावक के साथ तो कोई ऑटो रिक्षा से स्कूल जाते हुए दिखाई दिया।
जब बच्चे स्कूल के गेट पर पहुंचे तो वह स्कूल के अंदर जाने को तैयार नहीं थे। अभिभावकों ने उन्हें किसी तरह बहलाकर शांत कराकर अंदर भेजा।