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जलस्तर में मामूली कमी, 28 गांव पानी से घिरे
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रेउसा इलाके कटान करती नदियां। - संवाद
- फोटो : SITAPUR
रेउसा/रामपुर मथुरा (सीतापुर)। तराई इलाके में नदियों के जलस्तर में मंगलवार को कुछ कमी आई है। खतरे के निशान से सरयू पांच सेंटीमीटर कम हुई है। इससे घरों के अंदर घुसा पानी कम होने लगा है पर दुश्वारियां जस की तस हैं। 28 से अधिक गांव अब भी पानी से घिरे हुए हैं।
महमूदाबाद तहसील में बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से गांजरी इलाके में 13 गांव पानी से घिर गए थे। लेकिन मंगलवार को जलस्तर में आंशिक कमी होने से मामूली राहत मिली है। अटौरा के फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर खतरे के निशान 119 सेंटीमीटर से पांच सेंटीमीटर कम पर नदी बह रही है।
जलस्तर में आई कमी से घरों में भरे पानी में भी गिरावट दर्ज की गई है। अखरी, अंगरौरा, बगस्ती, शंकरपुरवा, निरंजनपुरवा, बलेसरपुरवा, कैलाशपुरवा, कनरखी घाट व सोंतीपुरवा सहित अन्य गांवों के आसपास पानी भरा हुआ है। बलेसरपुरवा, सोंतीपुरवा, अखरी व अंगरौरा में लोगों के घरों में भरा बाढ़ का पानी भी कम होता जा रहा है।
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एसडीएम मिथलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जलस्तर में कमी आने से समस्याएं कम हुई हैं। लगातार टीमें पानी पर नजर बनाए हुए है। बिसवां तहसील में 15 गांवों के किनारे पानी दस्तक दे रहा है। जटपुरवा, कमहरिया, शेखूपुर, म्योढ़ी छोलहा, ताहपुर बजहा, गौढ़ी, पासिनपुरवा के पास पानी भरा हुआ है।
इन गांवों के लोगों की दो सप्ताह में करीब 50 बीघा जमीन कट चुकी है। पानी कम होने से आवागमन के मार्गों पर कीचड़ उत्पन्न हो गया है। इससे निकलना मुश्किल हो रहा है। तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया नदियों का जलस्तर घट रहा है। बाढ़ जैसे अभी हालात नहीं हैं। फिर भी लोगों को एहतियात बरतने के लिए सतर्क किया जा रहा है।
घड़ियाल दिखने से दहशत
बाढ़ के पानी में लगातार जीव जंतुओं के आने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को फिर से एक घड़ियाल पासिनपुरवा व परमेश्वरपुरवा गांव के पास देखा गया। इससे लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग से की पर वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
एनडीआरएफ ने किया माकड्रिल
लहरपुर (सीतापुर)। बाढ़ को लेकर तहसील प्रशासन द्वारा बचाव के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बचाने के लिए तहसील सभागार में माकड्रिल किया। एनडीआरएफ टीम के विंग कमांडर जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने माकड्रिल के तहत बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को कैसे कृत्रिम सांस दी जाए, किसी व्यक्ति के आग में फंसने के बाद उसे कैसे निकाला जाए आदि का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर एसडीएम अनुपम मिश्र, तहसीलदार शशी बिंद द्विवेदी, नायब तहसीलदार दिलीप कुमार समस्त राजस्व निरीक्षक व लेखपाल मौजूद रहे।
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महमूदाबाद तहसील में बैराजों से लगातार छोड़े जा रहे पानी से गांजरी इलाके में 13 गांव पानी से घिर गए थे। लेकिन मंगलवार को जलस्तर में आंशिक कमी होने से मामूली राहत मिली है। अटौरा के फत्तेपुरवा में लगे मीटर गेज पर खतरे के निशान 119 सेंटीमीटर से पांच सेंटीमीटर कम पर नदी बह रही है।
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जलस्तर में आई कमी से घरों में भरे पानी में भी गिरावट दर्ज की गई है। अखरी, अंगरौरा, बगस्ती, शंकरपुरवा, निरंजनपुरवा, बलेसरपुरवा, कैलाशपुरवा, कनरखी घाट व सोंतीपुरवा सहित अन्य गांवों के आसपास पानी भरा हुआ है। बलेसरपुरवा, सोंतीपुरवा, अखरी व अंगरौरा में लोगों के घरों में भरा बाढ़ का पानी भी कम होता जा रहा है।
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एसडीएम मिथलेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि जलस्तर में कमी आने से समस्याएं कम हुई हैं। लगातार टीमें पानी पर नजर बनाए हुए है। बिसवां तहसील में 15 गांवों के किनारे पानी दस्तक दे रहा है। जटपुरवा, कमहरिया, शेखूपुर, म्योढ़ी छोलहा, ताहपुर बजहा, गौढ़ी, पासिनपुरवा के पास पानी भरा हुआ है।
इन गांवों के लोगों की दो सप्ताह में करीब 50 बीघा जमीन कट चुकी है। पानी कम होने से आवागमन के मार्गों पर कीचड़ उत्पन्न हो गया है। इससे निकलना मुश्किल हो रहा है। तहसीलदार अविचल प्रताप सिंह ने बताया नदियों का जलस्तर घट रहा है। बाढ़ जैसे अभी हालात नहीं हैं। फिर भी लोगों को एहतियात बरतने के लिए सतर्क किया जा रहा है।
घड़ियाल दिखने से दहशत
बाढ़ के पानी में लगातार जीव जंतुओं के आने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को फिर से एक घड़ियाल पासिनपुरवा व परमेश्वरपुरवा गांव के पास देखा गया। इससे लोगों में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत वन विभाग से की पर वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची।
एनडीआरएफ ने किया माकड्रिल
लहरपुर (सीतापुर)। बाढ़ को लेकर तहसील प्रशासन द्वारा बचाव के लिए तैयारियां की जा रही हैं। मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बचाने के लिए तहसील सभागार में माकड्रिल किया। एनडीआरएफ टीम के विंग कमांडर जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने माकड्रिल के तहत बाढ़ के पानी में फंसे लोगों को कैसे कृत्रिम सांस दी जाए, किसी व्यक्ति के आग में फंसने के बाद उसे कैसे निकाला जाए आदि का प्रशिक्षण दिया गया। इस मौके पर एसडीएम अनुपम मिश्र, तहसीलदार शशी बिंद द्विवेदी, नायब तहसीलदार दिलीप कुमार समस्त राजस्व निरीक्षक व लेखपाल मौजूद रहे।