फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Sitapur News : SO posted in Sitapur killed in road accident, constable injured

Sitapur News : ट्राला से टकराई कार, दारोगा की मौत, सिपाही घायल, सिपाही संग झांसी जा रहे थे मनीष

Thu, 03 Nov 2022 08:01 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमर उजाला, सीतापुर Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 03 Nov 2022 08:01 PM IST
सार

मनीष सिंह को करीब आठ माह पहले सकरन थानाध्यक्ष बनाया गया था। इससे पहले वह कमलापुर में थानाध्यक्ष रहे हैं। शहर कोतवाली में चौकी प्रभारी के पद पर भी मनीष सिंह काफी समय तक तैनात रहे हैं।  

विज्ञापन
Sitapur News : SO posted in Sitapur killed in road accident, constable injured
(सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कानपुर-लखनऊ हाईवे पर बुधवार देर रात बेकाबू कार अनियंत्रित होकर दूसरे लेन में ट्राला से टकरा गई। हादसे में सीतापुर जिले के सकरन थाने में एसओ के पद पर तैनात दारोगा मनीष कुमार सिंह  (38) की मौत हो गई, जबकि उनका हमराही प्रशांत तोमर गंभीर रूप से घायल हो गया।

विज्ञापन


मूलरूप से फतेहपुर के बिंदकी ईशापुर निवासी मनीष कुमार सिंह के परिवार में पत्नी गोल्डी और दो वर्षीय बेटा अगस्या, मां रेशम और छोटा भाई मुकुल हैं। बुधवार रात मनीष कुमार अपने हमराही प्रशांत तोमर के साथ कार से झांसी कोर्ट में गवाही के लिए जा रहे थे। कानपुर लखनऊ हाईवे पर जाजमऊ के कल्लूपुरवा में घोड़ा फैक्टरी के पास अचानक प्रशांत को झपकी आ गई। उनकी कार अनियंत्रित होकर दूसरी लेन में कानपुर से लखनऊ जा रहे ट्राला में टकरा गई। हादसे की सूचना पर
विज्ञापन

जाजमऊ पुलिस चौकी प्रभारी हशमत अली फोर्स के साथ पहुंचे और दोनों घायलों को गोविंदनगर स्थित रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान मनीष ने दम तोड़ दिया, जबकि प्रशांत की हालत गंभीर बनी हुई है। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद मनीष के शव को पुलिस लाइन भेजा गया, जहां अंतिम सलामी दी गई। इसके बाद शव को उनके गृह जनपद भेज दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर में मचा कोहराम
मनीष की मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया। गुरुवार को रोते बिलखते पोस्टमार्टम हाउस पहुंची पत्नी सुमन व परिवार के अन्य लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। वहीं, पिता की मौत से अंजान दो वर्षीय बेटा अगस्या एक सिपाही की गोद में खेलता रहा।

पिता की जगह मिली थी नौकरी
परिजनों के अनुसार, मनीष के पिता कमलेश सिंह भी दारोगा थे। बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। इसके बाद मनीष को मृतक आश्रित में 2015-16 बैच में दारोगा की नौकरी मिली थी।


थोड़ी देरी हो जाती तो सरकारी पिस्टल हो सकती थी गायब
दुर्घटना स्थल से कुछ दूरी पर घनी आबादी वाली बस्ती है। यहां रातभर लोगाें का आना जाना लगा रहता है। कार में दरोगा और सिपाही सिविल ड्रेस में थे। वर्दी कार में ही रखी थी। कार में एक लैपटॉप, करीब 14 हजार रुपये, दरोगा की सरकारी पिस्टल थी। यदि समय पर पुलिस न पहुंचती तो यह सब चोरी हो सकता था।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed