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मंदिरों से घरों तक होगी मैया की जयकार

Mon, 12 Apr 2021 11:43 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Apr 2021 11:43 PM IST
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Maiya will be cheered from temples to homes
लालबाग की मुख्य बाजार में नवरात्र की खरीददारी करती महिलाएं। (संवाद) - फोटो : SITAPUR
सीतापुर। वासंतिक नवरात्र मंगलवार से शुरू हो जाएंगे। नवरात्र के इन नौ दिनों में दुर्गा मंदिरों में आस्था और भक्ति के कई रंग दिखाई पड़ेंगे। नवरात्र को लेकर दुर्गा मंदिर सजकर तैयार हो गए हैं। भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करके मन्नतें मांगेंगे।
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नवरात्र को लेकर दुर्गा मंदिरों में सोमवार को तेजी से तैयारियां होती रही। मंदिरों का रंग रोगन करके उनको सजाने का सिलसिला चलता रहा। पुजारियों ने यहां पर नवरात्र को लेकर विशेष इंतजाम किए है। इस बार नवरात्र पर कोविड प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।
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एक बार में पांच से अधिक श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। शहर के आलम नगर स्थित दुर्गा मंदिर, पराग डेरी स्थित मां काली मंदिर, सिटी पावर स्टेशन दुर्गा मंदिर व विशेष तौर पर नैमिषारण्य में मां ललिता देवी मंदिर में धूम रहेगी।
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नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है। मां शैलपुत्री मां दुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं। यह पर्वतराज हिमालय की पुत्री हैं। कहा जाता है कि पूर्व जन्म में यह प्रजापति दक्ष की कन्या थी। तब इनका नाम सती था। माता शैलपुत्री देवी को दुर्गा के नौ स्वरूपों में प्रथम रूप माना गया है। हिमालय पुत्री देवी शैलपुत्री का पूजन करने से चंद्र दोष दूर होता है।
माता शैलपुत्री की पूजा विधि
नवरात्र प्रतिपदा के दिन कलश या घट स्थापना करें। इसके बाद दुर्गा पूजा का संकल्प लें। फिर माता दुर्गा के शैलपुत्री स्वरूप की पूजा करे। मां को अक्षत, सिंदूर, धूप, गंध, पुष्प आदि अर्पित करें। मां शैलपुत्री के मंत्रों का जाप करें। इसके बाद कपूर या गाय के घी से दीपक जलाएं। मां की आरती करे। शंखनाद के साथ घंटी बजाएं। मां को प्रसाद अर्पित करे। पूजा समाप्त होने के बाद घर में सभी को प्रसाद दें।
आज कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त
-अमृत सिद्धि योग : सुबह 6:11 से दोपहर 2:19 बजे तक।
-सर्वार्थ सिद्धि योग : 6:11 से दोपहर 2:19 बजे तक।
-अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:02 से 12:52 बजे तक।
-अमृत काल मुहूर्त : सुबह 6:15 बजे से 8:03 बजे तक।
-ब्रह्म मुहूर्त : 4:35 बजे से सुबह 5:23 बजे तक।
आरती का समय
मां ललिता देवी मंदिर के प्रधान पुजारी ने बताया कि वासंतिक नवरात्र में सुबह की आरती 8.30 व शाम की आरती का समय 8 बजे रहेगा। माता ललिता देवी के दरबार को फूलों की आकर्षक झांकियों और बिजली की लाइटों से सजाया गया है। हर दिन माता का दरबार एक अलग ही सजावट के साथ भक्तों का मन लुभाएगा।

पूजन सामग्री खरीदने जुटे लोग
नवरात्र की तैयारियों को लेकर सोमवार को बाजार में काफी भीड़भाड़ रही। खासकर पूजा अर्चना की दुकानों पर ग्राहक सामने खरीदने में व्यस्त रहे। इस दिन मां दुर्गा की चुनरी, लौंग, घी, कपूर, अगरबत्ती, मिट्टी के कलश, सिंघाड़े का आटा, मूंगफली के दाने, जौ सहित अन्य सामग्री की खूब बिक्री हुई। व्यापारी उदित ने बताया सुबह से ही ग्राहक पूजन सामग्री खरीद रहे है।
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