फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   DPO becomes daughter of harmonium mechanic

हारमोनियम मैकेनिक की बिटिया बनी डीपीओ

Wed, 14 Apr 2021 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 14 Apr 2021 12:00 AM IST
विज्ञापन
DPO becomes daughter of harmonium mechanic
सीतापुर/महमूदाबाद । पक्का इरादा और सच्ची लगन के साथ मेहनत की जाए तो सब कुछ हासिल हो सकता है। सीतापुर के तीन होनहारों ने पीसीएस में चयनित होकर इसे साकार कर दिखाया। इसमें महमूदाबाद के एक हारमोनियम मैकैनिक की बेटी डीपीओ बनी तो दूसरा होनहार बाल विकास परियोजना अधिकारी पद पर चयनित हुआ है जबकि प्राथमिक विद्यालय पिपराकला के सहायक का चयन जेल अधीक्षक पद पर हुआ है।
विज्ञापन

महमूदाबाद में हारमोनियम मैकेनिक के बतौर घर परिवार का खर्च चलाने वाले नई बाजार उत्तरी वार्ड निवासी सुरेन्द्र विकश्वकर्मा की पुत्री निहारिका का नाम पीसीएस के सफल प्रतिभागियों में देख घर परिवार के साथ ही पूरे इलाके में खुशी व जश्न का माहौल देखा गया। निहारिका का चयन जिला कार्यक्रम अधिकारी पद पर हुआ है।
विज्ञापन

इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई सीता इंटर कालेज, स्नातक फखरुद्दीन अली अहमद राजकीय डिग्री कालेज महमूदाबाद और परास्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से हासिल करने वाले निहारिका इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता की प्रेरणा को देती है। महमूदाबाद कोतवाली के ड्राइवर रहे राम सागर पांडेय के पुत्र रामानुज पांडेय बाल विकास परियोजना अधिकारी बने हैं। मूलरूप से लखनऊ निवासी रामनुज ने इंटर तक की पढ़ाई महमूदाबाद में की है। इसके बाद उच्च शिक्षा उन्होंने लखनऊ विश्वविद्यालय से पूरी की।
विज्ञापन
विज्ञापन

हौसले की ठोकरों से तोड़ा परेशानियों का पहाड़
उरदौली निवासी सचिन वर्मा जेल अधीक्षक के पद पर चयनित होकर जनपद का राम रोशन किया है। जेल अधीक्षक पद पर चयनित हुए सचिन वर्मा की सफलता काफी प्रेरणादायक है। वह जब इंटर की परीक्षा दे रहे थे तब उनके पिता सोमेश्वर शरण का देहांत हो गया था। सचिन बाताते हैं कि चिता ठंडी होने के पहले ही वह मैथ का पेपर देने चले गए थे।

असहनीय दुख होने के बावजूद उन्होंने पेपर दिया और मैथ में 74 फीसदी अंक अर्जित किए। पिता के न रहने के बाद उनकी समाजसेवी मां चंद्रकांती वर्मा ने उनको हौसला दिया और उच्च शिक्षा के लिए लखनऊ भेज दिया। इससे पूर्व सचिन नेट परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ ही दो बार पीसीएस मेंस तक पहुंच चुके हैं। उनकी सफलता में उनके शिक्षक चाचा संतसरण का विशेष योगदान रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed