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छुआ-छूत से बच्चों ने खाना खाने से किया इंकार
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:06 AM IST
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अभिभावकों के प्रदर्शन के बाद फेंकवाया गया बासी भोजन
पिसावां (सीतापुर)। पिसावां के एक स्कूल के बच्चों ने नवनियुक्त रसोइया पर गंदगी फैलाने व जातिवाद का आरोप लगाते हुए खाना खाने से इंकार कर दिया। इसके भड़के अभिभावक व बच्चों ने स्कूल में प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रधानाध्यापक ने भोजन फेंकवा दिया। दूसरी रसोइया से खाना बनवाकर बच्चों को खिलाया।
प्राथमिक विद्यालय पलहरिया में 76 नौनिहाल पंजीकृत है। ग्राम प्रधान सालिकराम ने यहां पर दो दिन पहले रामदेवी को रसोइया चयनित किया था। इससे पहले यहां पर रामकुमारी रसोइया तैनात हैं। गुरुवार को रामदेवी ने भोजन बनाया। लेकिन केवल छह बच्चों ने ही खाना खाया।
वह भी रामदेवी के परिवार के थे। बच्चों का कहना था कि रामदेवी के हाथ में साफ सफाई नहीं है। वह बहुत गंदे तरीके से भोजन बनाती है। शुक्रवार को जब स्कूल खुला तो बच्चों के अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। प्रधानाध्यापक से कहा कि अगर यह रसोइया खाना बनाएगी तो हम अपने बच्चे को नहीं खिलाएंगे।
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इसके बाद कल का रखा भोजन आज फेंकवा दिया। दूसरी रसोइया ने जब खाना बनवाया तो बच्चों ने खाना खाया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक मनोज कुमार का कहना है कि जब बच्चे व अभिभावक विरोध करने लगे तो पहले से तैनात रसोइया से खाना बनवाया गया था। इसको बच्चों ने खाया है।
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पिसावां (सीतापुर)। पिसावां के एक स्कूल के बच्चों ने नवनियुक्त रसोइया पर गंदगी फैलाने व जातिवाद का आरोप लगाते हुए खाना खाने से इंकार कर दिया। इसके भड़के अभिभावक व बच्चों ने स्कूल में प्रदर्शन किया। उसके बाद प्रधानाध्यापक ने भोजन फेंकवा दिया। दूसरी रसोइया से खाना बनवाकर बच्चों को खिलाया।
प्राथमिक विद्यालय पलहरिया में 76 नौनिहाल पंजीकृत है। ग्राम प्रधान सालिकराम ने यहां पर दो दिन पहले रामदेवी को रसोइया चयनित किया था। इससे पहले यहां पर रामकुमारी रसोइया तैनात हैं। गुरुवार को रामदेवी ने भोजन बनाया। लेकिन केवल छह बच्चों ने ही खाना खाया।
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वह भी रामदेवी के परिवार के थे। बच्चों का कहना था कि रामदेवी के हाथ में साफ सफाई नहीं है। वह बहुत गंदे तरीके से भोजन बनाती है। शुक्रवार को जब स्कूल खुला तो बच्चों के अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। प्रधानाध्यापक से कहा कि अगर यह रसोइया खाना बनाएगी तो हम अपने बच्चे को नहीं खिलाएंगे।
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इसके बाद कल का रखा भोजन आज फेंकवा दिया। दूसरी रसोइया ने जब खाना बनवाया तो बच्चों ने खाना खाया। इंचार्ज प्रधानाध्यापक मनोज कुमार का कहना है कि जब बच्चे व अभिभावक विरोध करने लगे तो पहले से तैनात रसोइया से खाना बनवाया गया था। इसको बच्चों ने खाया है।