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20 हजार घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया बेसिक शिक्षा विभाग के बाबू
Updated Tue, 28 Aug 2018 12:06 AM IST
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शिक्षक भर्ती में नियुक्ति पत्र दिलाने को लेकर वसूल रहा था रकम
सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग का एक बाबू 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। एंटी करप्शन टीम ने बीएसए कार्यालय के सामने से ही सोमवार की दोपहर में उसे गिरफ्तार किया। यह रकम नियुक्ति पत्र दिलवाने के नाम पर मांगी गई थी। एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
बीएसए कार्यालय में वकार खान लिपिक पद पर तैनात है। बरेली जिले के विवेक बिहार निवासी पीड़ित लता कुमारी का कहना है कि 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत चयन उसका हुआ था। उनका आरोप है कि नियुक्ति पत्र देने के लिए वकार खान लगातार पैसे की डिमांड कर रहे थे।
पहली बार वकार ने 35 हजार रुपये नकद लिए। उसके बाद कहा कि इतने में नियुक्ति पत्र नहीं मिलता है, यह पैसा बीएसए से लेकर सचिव तक जाता है। उसके बाद उनके एकाउंट में 40 हजार रुपये दिए। फिर भी वह और पैसे की डिमांड कर रहे थे। सोमवार को 20 हजार रुपये देने के लिए बुलाया था।
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इसके बाद पीड़ित ने एंटी करप्शन से शिकायत की थी। सोमवार को टीम जब विभाग में पहुंची तो वकार खान बीएसए कार्यालय के बाहर निकलकर पैसे गिन ही रहे थे। इस दौरान वहां पर मौजूद टीम ने उनको रंगेहाथ पकड़ लिया।
इसके बाद टीम ने वकार को शहर कोतवाली ले जाकर कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें वकार ने अब तक पूरा पैसा लेने की बात कही। वकार ने कहा कि यह पैसा पटल सहायक के माध्यम से ऊपर तक जाता है। बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है। इस बाबत इंस्पेक्टर हरमीत सिंह का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
वकार पहले भी रहे हैं विवादित
करीब एक साल पहले ही वकार का स्थानांतरण फर्रुखाबाद से सीतापुर हुआ था। बीएसए अजय कुमार का कहना है कि वकार ने फर्रुखाबाद में भी लोगों से लाखों रुपये ले रखे हैं। वहां पर भी इनके खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है।
कई बार फर्रुखाबाद पुलिस का मेरे पास फोन आ चुका है। अभी हाल ही में वहां की पुलिस से फोन से इनके बारे में काफी पूछताछ की थी। इसी वजह से इनके पास से सभी पटल हटा दिए गए थे।
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सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग का एक बाबू 20 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथ पकड़ा गया। एंटी करप्शन टीम ने बीएसए कार्यालय के सामने से ही सोमवार की दोपहर में उसे गिरफ्तार किया। यह रकम नियुक्ति पत्र दिलवाने के नाम पर मांगी गई थी। एंटी करप्शन टीम की तहरीर पर केस दर्ज कर लिया गया है।
बीएसए कार्यालय में वकार खान लिपिक पद पर तैनात है। बरेली जिले के विवेक बिहार निवासी पीड़ित लता कुमारी का कहना है कि 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत चयन उसका हुआ था। उनका आरोप है कि नियुक्ति पत्र देने के लिए वकार खान लगातार पैसे की डिमांड कर रहे थे।
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पहली बार वकार ने 35 हजार रुपये नकद लिए। उसके बाद कहा कि इतने में नियुक्ति पत्र नहीं मिलता है, यह पैसा बीएसए से लेकर सचिव तक जाता है। उसके बाद उनके एकाउंट में 40 हजार रुपये दिए। फिर भी वह और पैसे की डिमांड कर रहे थे। सोमवार को 20 हजार रुपये देने के लिए बुलाया था।
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इसके बाद पीड़ित ने एंटी करप्शन से शिकायत की थी। सोमवार को टीम जब विभाग में पहुंची तो वकार खान बीएसए कार्यालय के बाहर निकलकर पैसे गिन ही रहे थे। इस दौरान वहां पर मौजूद टीम ने उनको रंगेहाथ पकड़ लिया।
इसके बाद टीम ने वकार को शहर कोतवाली ले जाकर कड़ाई से पूछताछ की। जिसमें वकार ने अब तक पूरा पैसा लेने की बात कही। वकार ने कहा कि यह पैसा पटल सहायक के माध्यम से ऊपर तक जाता है। बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है। इस बाबत इंस्पेक्टर हरमीत सिंह का कहना है कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
वकार पहले भी रहे हैं विवादित
करीब एक साल पहले ही वकार का स्थानांतरण फर्रुखाबाद से सीतापुर हुआ था। बीएसए अजय कुमार का कहना है कि वकार ने फर्रुखाबाद में भी लोगों से लाखों रुपये ले रखे हैं। वहां पर भी इनके खिलाफ कई मामलों में जांच चल रही है।
कई बार फर्रुखाबाद पुलिस का मेरे पास फोन आ चुका है। अभी हाल ही में वहां की पुलिस से फोन से इनके बारे में काफी पूछताछ की थी। इसी वजह से इनके पास से सभी पटल हटा दिए गए थे।