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नहीं मिली एंबुलेंस तो ठेलिया पर अस्पताल लाए परिजन
Updated Wed, 19 Sep 2018 11:17 PM IST
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करीब दो घंटे तक घर पर ही करते रहे इंतजार
पिसावां/सीतापुर। एंबुलेंस की सेवाएं कहने को तो 20 मिनट के अंदर पहुंचने की है पर यह समय से बहुत कम ही मिल पाती है। पिसावां इलाके में एक प्रसव पीड़िता को अस्पताल ले जाने के लिए परिवारीजन करीब दो घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। जब एंबुलेंस नहीं पहुंची मजबूरी में परिवारीजन ठेलिया से करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर सीएचसी पहुंचे।
जहां पर पीड़िता का इलाज शुरु हो गया है। पिसावां इलाके के ग्राम भिभरापुर निवासी रेखा की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रसव पीड़ा शुरु होने से परिवारीजन परेशान होने लगे। इस पर पति संदीप ने 102 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस को बुलाने का प्रयास किया लेकिन नंबर ही नहीं मिल सका।
इसके बाद 108 नंबर पर कॉल की तो महोली एंबुलेंस चालक से बात कराई। चालक ने बताया कि यहां से हम काफी दूरी पर है। पिसावां में 102 नंबर की एंबुलेंस की सेवा लेने की बात कहकर फोन काट दिया। इस दौरान पीड़िता दो घंटे तक दर्द से कराहती रही।
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जिसके बाद संदीप ने गांव में ही दूसरे की ठेलिया मांगकर पत्नी को लेटाया। पैदल ही करीब पांच किलोमीटर चलकर सीएचसी पिसावां पहुंचे। जहां पर इलाज शुरु हो गया है।
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पिसावां/सीतापुर। एंबुलेंस की सेवाएं कहने को तो 20 मिनट के अंदर पहुंचने की है पर यह समय से बहुत कम ही मिल पाती है। पिसावां इलाके में एक प्रसव पीड़िता को अस्पताल ले जाने के लिए परिवारीजन करीब दो घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। जब एंबुलेंस नहीं पहुंची मजबूरी में परिवारीजन ठेलिया से करीब पांच किलोमीटर पैदल चलकर सीएचसी पहुंचे।
जहां पर पीड़िता का इलाज शुरु हो गया है। पिसावां इलाके के ग्राम भिभरापुर निवासी रेखा की बुधवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रसव पीड़ा शुरु होने से परिवारीजन परेशान होने लगे। इस पर पति संदीप ने 102 नंबर पर फोन करके एंबुलेंस को बुलाने का प्रयास किया लेकिन नंबर ही नहीं मिल सका।
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इसके बाद 108 नंबर पर कॉल की तो महोली एंबुलेंस चालक से बात कराई। चालक ने बताया कि यहां से हम काफी दूरी पर है। पिसावां में 102 नंबर की एंबुलेंस की सेवा लेने की बात कहकर फोन काट दिया। इस दौरान पीड़िता दो घंटे तक दर्द से कराहती रही।
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जिसके बाद संदीप ने गांव में ही दूसरे की ठेलिया मांगकर पत्नी को लेटाया। पैदल ही करीब पांच किलोमीटर चलकर सीएचसी पिसावां पहुंचे। जहां पर इलाज शुरु हो गया है।