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Sitapur News: ठेंगे पर सीडीओ का आदेश,नहीं की पशुबाड़ों का जांच

Fri, 20 Jan 2023 11:45 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 20 Jan 2023 11:45 PM IST
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CDO's order on thrift, no investigation of animal enclosures
सीतापुर। जनपद में तैनात अधिकांश अफसर जनपद के आला अफसरों के निर्देशों को नहीं मानते। मुख्य विकास अधिकारी के सख्त निर्देशों के बाद भी पशुबाड़ों के सत्यापन में लगाए गए अफसरों ने न तो जांच की और न ही रिपोर्ट दी।
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मनरेगा के अंतर्गत व्यक्तिगत लाभार्थीपरक योजना से पशुबाड़ों का निर्माण कराया जाता है। जनपद में पशुबाड़ों के निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। ऐसे लोगों को पशुबाड़े स्वीकृत कर दिए गए जिनके पास मवेशी ही नहीं हैं।
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कई जगहों पर धन आहरित करने के बाद भी पशुबाड़ों का निर्माण न कराए जाने के मामले भी सामने आए हैं। इन सब कारणों के चलते मुख्य विकास अधिकारी अक्षत वर्मा ने 31 दिसंबर को सात अफसरों को 36 ग्राम पंचायतों के पशुबाड़ों का सत्यापन करने के निर्देश दिए थे।
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उन ग्राम पंचायतों में सत्यापन कराने को कहा गया था, जहां सबसे ज्यादा पशुबाड़ों के निर्माण को मंजूरी दी गई थी। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को 15 दिन यानी एक पखवारे में सत्यापन करने और इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। 20 दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी संबंधित अधिकारी ने सत्यापन रिपोर्ट सीडीओ को नहीं दी है।

पशुबाड़ों का सत्यापन न होने को लेकर पंचायत राज विभाग के एक अधिकारी नाम न छापने के आग्रह के साथ बेहतरीन तर्क देते हैं। उनका कहना है कि हर कोई जानता है कि पशुबाड़ों के निर्माण के नाम पर जमकर खेल हुआ है। जांच के आदेश हुए लेकिन अफसर जांच को नहीं गए। दो अफसर जांच करने गए भी लेकिन रिपोर्ट नहीं दी। मंशा यह है कि खेल करने वाले लोगों को इतना समय मिल जाए कि निर्माण में हुई गड़बड़ी को दुरुस्त किया जा सके।
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