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Sitapur News: 32 हजार लक्ष्य, अब तक आठ हजार स्वयं सहायता समूह ही बने
Sat, 29 Nov 2025 01:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Sat, 29 Nov 2025 01:25 AM IST
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सीतापुर। जिले में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जाना है। इसके लिए शासन ने लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके बाद भी जिम्मेदारों की लापरवाही से बीते और इस साल के लक्ष्य पूरे नहीं हो सके हैं। इस वजह से जरूरतमंद महिलाओं को लाभ नहीं मिल रहा है। कई जागरूक महिलाओं ने जिला प्रशासन से स्वयं सहायता समूहों के गठन की मांग की है।
गांजरी ब्लॉक रेउसा के सिकौहा निवासी गायत्री ने बताया कि गांव की कई महिलाओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह स्वयं सहायता समूह बनाकर रोजगार करना चाहती हैं। इसके लिए ब्लॉक के जिम्मेदारों से संपर्क किया। इसके बाद भी स्वयं सहायता समूह का गठन नहीं कराया गया है। इससे संबंधित महिलाएं मायूस हैं। इसी ब्लॉक रहने वाली सुमन गुप्ता ने बताया कि पांच महिलाओं को जोड़कर खेती-किसानी का काम कर रहे हैं। इससे पर्याप्त आय नहीं हो रही है।
स्वयं सहायता समूह से जुड़ना चाहते हैं, जिससे उससे संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके और परिवार की जीविकोपार्जन बेहतर ढंग से हो सके। एलिया ब्लॉक की रहने वाली जूली देवी भी स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनना चाहती हैं लेकिन इनके गांव में समूह गठन का कार्य नहीं किया जा रहा है। इनकी ओर से जिला प्रशासन से मांग की गई है कि शीघ्र स्वयं सहायता समूह का गठन कराया जाए, जिससे आजीविका में सुधार आए।
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उल्लेखनीय है कि वर्तमान और बीते साल शासन ने तकरीबन 32 हजार स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य दिया था लेकिन आठ हजार स्वयं सहायता समूह ही बन सके हैं। इससे तमाम जरूरतमंद महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं।
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गांजरी ब्लॉक रेउसा के सिकौहा निवासी गायत्री ने बताया कि गांव की कई महिलाओं की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वह स्वयं सहायता समूह बनाकर रोजगार करना चाहती हैं। इसके लिए ब्लॉक के जिम्मेदारों से संपर्क किया। इसके बाद भी स्वयं सहायता समूह का गठन नहीं कराया गया है। इससे संबंधित महिलाएं मायूस हैं। इसी ब्लॉक रहने वाली सुमन गुप्ता ने बताया कि पांच महिलाओं को जोड़कर खेती-किसानी का काम कर रहे हैं। इससे पर्याप्त आय नहीं हो रही है।
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स्वयं सहायता समूह से जुड़ना चाहते हैं, जिससे उससे संबंधित योजनाओं का लाभ मिल सके और परिवार की जीविकोपार्जन बेहतर ढंग से हो सके। एलिया ब्लॉक की रहने वाली जूली देवी भी स्वयं सहायता समूह की सदस्य बनना चाहती हैं लेकिन इनके गांव में समूह गठन का कार्य नहीं किया जा रहा है। इनकी ओर से जिला प्रशासन से मांग की गई है कि शीघ्र स्वयं सहायता समूह का गठन कराया जाए, जिससे आजीविका में सुधार आए।
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उल्लेखनीय है कि वर्तमान और बीते साल शासन ने तकरीबन 32 हजार स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य दिया था लेकिन आठ हजार स्वयं सहायता समूह ही बन सके हैं। इससे तमाम जरूरतमंद महिलाएं योजना के लाभ से वंचित हैं।