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Sitapur News: टीबी के लक्षण दिखें तो तत्काल कराएं जांच
Fri, 18 Sep 2026 12:29 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Fri, 18 Sep 2026 12:29 AM IST
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सीतापुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनसामान्य को टीबी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से बृहस्पतिवार को नुक्कड़ नाटकों का आयोजन किया गया। पीएसआई इंडिया की तरफ से जिला चिकित्सालय, विकास भवन व रोडवेज बस स्टेशन पर आयोजित इन नाटकों का मुख्य उद्देश्य टीबी के लक्षण, बचाव, उपचार व सरकार द्वारा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रहीं सुविधाओं का प्रचार-प्रसार करना रहा।
नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से टीबी के विभिन्न लक्षणों जैसे दो हफ्ते से अधिक खांसी, लगातार बुखार, वजन घटना, सीने में दर्द, बलगम में खून आना, रात में अत्यधिक पसीना आना और बांझपन आदि के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को सलाह दी गई कि यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं।
कार्यक्रम में बताया गया कि जनपद में टीबी की पहचान के लिए सीएचसी पर एक्सरे की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा गांवों में एक्सरे करने के लिए आठ हैंड हेल्ड एक्सरे मशीनें, 34 टू्नॉट मशीनें और तीन सीबी नॉट मशीनें भी उपलब्ध हैं, जिनसे दो घंटे के भीतर टीबी की जांच पूरी हो जाती है।
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खोजे गए मरीजों को मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। उपचार अवधि के दौरान मरीजों को डीबीटी के माध्यम से एक हजार रुपये का पोषण भत्ता भी दिया जाता है। मरीजों के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों का भी एक्सरे किया जाता है। जिन सदस्यों में टीबी नहीं पाया जाता, उन्हें संक्रमण से बचाव के लिए टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी दी जाती है।
प्राइवेट क्षेत्र में इलाज करा रहे मरीजों को भी उनकी मांग के अनुसार सभी सुविधाएं मुफ्त प्रदान की जाती हैं। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. श्याम सुंदर, जिला कार्यक्रम समन्वयक आशीष कुमार दीक्षित, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर पीएसआई प्रतिभा मिश्रा व उनकी टीम उपस्थित रही।
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नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से टीबी के विभिन्न लक्षणों जैसे दो हफ्ते से अधिक खांसी, लगातार बुखार, वजन घटना, सीने में दर्द, बलगम में खून आना, रात में अत्यधिक पसीना आना और बांझपन आदि के बारे में जानकारी दी गई। लोगों को सलाह दी गई कि यदि ऐसे लक्षण दिखाई दें तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं।
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कार्यक्रम में बताया गया कि जनपद में टीबी की पहचान के लिए सीएचसी पर एक्सरे की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा गांवों में एक्सरे करने के लिए आठ हैंड हेल्ड एक्सरे मशीनें, 34 टू्नॉट मशीनें और तीन सीबी नॉट मशीनें भी उपलब्ध हैं, जिनसे दो घंटे के भीतर टीबी की जांच पूरी हो जाती है।
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खोजे गए मरीजों को मुफ्त जांच और उपचार की सुविधा प्रदान की जाती है। उपचार अवधि के दौरान मरीजों को डीबीटी के माध्यम से एक हजार रुपये का पोषण भत्ता भी दिया जाता है। मरीजों के संपर्क में आए परिवार के सदस्यों का भी एक्सरे किया जाता है। जिन सदस्यों में टीबी नहीं पाया जाता, उन्हें संक्रमण से बचाव के लिए टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी दी जाती है।
प्राइवेट क्षेत्र में इलाज करा रहे मरीजों को भी उनकी मांग के अनुसार सभी सुविधाएं मुफ्त प्रदान की जाती हैं। इस दौरान जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. श्याम सुंदर, जिला कार्यक्रम समन्वयक आशीष कुमार दीक्षित, डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर पीएसआई प्रतिभा मिश्रा व उनकी टीम उपस्थित रही।