{"_id":"5bc37d50bdec22693902779e","slug":"101539538256-sitapur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रॉडगेज ट्रैक तैयार, अब स्पीड ट्रॉयल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्रॉडगेज ट्रैक तैयार, अब स्पीड ट्रॉयल
Updated Sun, 14 Oct 2018 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीतापुर। पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर का मीटर गेज ट्रैक अब ब्रॉडगेज में बदलकर तैयार हो चुका है। अब रेलवे इस ट्रैक पर गाड़ियां दौड़ाएगा। विभागीय जानकारों की मानें तो यहां के ट्रैक पर ट्रेनों के फर्राटा भरने से पहले रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त की टीम ऐशबाग-सीतापुर ब्रॉडगेज ट्रैक पर ट्रेन चलाकर स्पीड का ट्रॉयल करेगी। संभावित यह ट्रॉयल 22 व 23 अक्तूबर को होगा। यह ट्रॉयल दो चरणों में होने की उम्मीद है।
सीतापुर में दो ट्रैक यानि एक पूर्वोत्तर रेलवे व उत्तर रेलवे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर व सीतापुर-बुढ़वल प्रखंड तथा उत्तर रेलवे के सिटी स्टेशन-रोजा प्रखंड एवं सिटी स्टेशन वाया नैमिषारण्य-बालामऊ ट्रैक शामिल हैं। पहले पूर्वोत्तर रेलवे का ऐशबाग-सीतापुर-लखीमपुर खीरी-मैलानी-पीलीभीत ट्रैक मीटर गेज था। इस समूचे ट्रैक को मीटर गेज से ब्रॉडगेज में बदलने की मांग बरसों से यहां के नागरिक कर रहे थे।
इनकी मांग पर वर्ष 1998 में रेलवे ने इस मीटर गेज ट्रैक को ब्रॉडगेज में तब्दील करने के लिए सर्वे कराया था। पर यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। चुनावी समर में रेलवे के आमान परिवर्तन का मुद्दा गरमाने के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देकर बजट रिलीज किया। आमान परिवर्तन के चलते सीतापुर-लखनऊ के बीच 130 साल तक छोटी लाइनों का सफर 14 मई 2016 की मध्य रात्रि थम गया था। जबकि उसके बाद सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक पर दौड़ने वाली गाड़ियों के पहिए थम गए थे।
विज्ञापन
दो साल बाद अब यह ट्रैक एमजी से बीजी में तब्दील हो चुका है। आमान परिवर्तन में यहां के स्टेशन विस्तार के बाद अब यहां पर पांच प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। जबकि ट्रैकों की संख्या सात हो गई। सीतापुर जंक्शन के स्टेशन यार्ड के ट्रैक पर ट्रॉयल चल रहा है, हालांकि ऐशबाग-सीतापुर के ब्रॉडगेज ट्रैक पर स्पीड ट्रॉयल होना बाकी है।
एमजी से बीजी हुए इस ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ने से पहले मुख्य आयुक्त रेलवे सुरक्षा की टीम पहले स्पीड ट्रॉयल करेगी। विभागीय जानकारों की मानें तो संभावित 22 व 23 अक्तूबर को ऐशबाग-सीतापुर ब्रॉडगेज ट्रैक का स्पीड ट्रॉयल किया जाएगा। यह ट्रॉयल दो चरणों में होगा।
पहले चरण में रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त की टीम एक दिन ऐशबाग से अटरिया तक तथा दूसरे दिन अटरिया से सीतापुर के बीच ट्रैक को चेक करेगी और इसी दिन ही सीतापुर जंक्शन से ऐशबाग तक एक स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर समूचे ट्रैक का स्पीड ट्रॉयल किया जाएगा। इस स्पीड ट्रॉयल में रेलवे उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में होगा।
बैठने की होगी बेहतर व्यवस्था
प्लेटफॉर्म पर मुसाफिर को ट्रेन का इंतजार करने के लिए खड़ा नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए यहां पर बेहतर बेंच लगा दी गई है। यह बेंच सभी प्लेटफॉर्म पर मुहैया रहेंगी। इससे जब मुसाफिर आएंगे तो वह बैठकर ट्रेन का इंतजार कर सकेंगे। यह काम पूर्ण हो चुका है। इनकी रंगाई-पुताई भी कर दी गई है।
तैयार हैं प्लेटफॉर्म
एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए ओवरब्रिज तैयार हो गए है।ं अगर बरसात के समय प्लेटफॉर्म पर उतरते हैं तो आप बिना भीगे हुए स्टेशन के बाहर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ओवरब्रिज के ऊपर टिन शेड डाल दिया गया है। इससे मुसाफिरों को काफी सुविधा मिलेगी।
शौचालय की मिलेगी सुविधा
रेल यात्रियों को स्टेशन पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए यहां पर शौचालयों का तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। उम्मीद है कि यह ट्रायल से पहले ही पूर्ण हो जाएगा। इससे स्टेशन आने वाले मुसाफिर को किसी भी दिक्कत के लिए भटकना नहीं करना पड़ेगा। पहले से मौजूद सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है।
ट्रैक का जल्द किया जाएगा निरीक्षण
पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर तक मीटर गेज के ब्रॉडगेज में तब्दील करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त की टीम की ओर से जल्द ही इस ट्रैक का निरीक्षण किया जाएगा।
- आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ
विज्ञापन
सीतापुर में दो ट्रैक यानि एक पूर्वोत्तर रेलवे व उत्तर रेलवे हैं। पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर व सीतापुर-बुढ़वल प्रखंड तथा उत्तर रेलवे के सिटी स्टेशन-रोजा प्रखंड एवं सिटी स्टेशन वाया नैमिषारण्य-बालामऊ ट्रैक शामिल हैं। पहले पूर्वोत्तर रेलवे का ऐशबाग-सीतापुर-लखीमपुर खीरी-मैलानी-पीलीभीत ट्रैक मीटर गेज था। इस समूचे ट्रैक को मीटर गेज से ब्रॉडगेज में बदलने की मांग बरसों से यहां के नागरिक कर रहे थे।
विज्ञापन
इनकी मांग पर वर्ष 1998 में रेलवे ने इस मीटर गेज ट्रैक को ब्रॉडगेज में तब्दील करने के लिए सर्वे कराया था। पर यह प्रोजेक्ट ठंडे बस्ते में चला गया था। चुनावी समर में रेलवे के आमान परिवर्तन का मुद्दा गरमाने के बाद रेलवे ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी देकर बजट रिलीज किया। आमान परिवर्तन के चलते सीतापुर-लखनऊ के बीच 130 साल तक छोटी लाइनों का सफर 14 मई 2016 की मध्य रात्रि थम गया था। जबकि उसके बाद सीतापुर-लखीमपुर ट्रैक पर दौड़ने वाली गाड़ियों के पहिए थम गए थे।
विज्ञापन
दो साल बाद अब यह ट्रैक एमजी से बीजी में तब्दील हो चुका है। आमान परिवर्तन में यहां के स्टेशन विस्तार के बाद अब यहां पर पांच प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं। जबकि ट्रैकों की संख्या सात हो गई। सीतापुर जंक्शन के स्टेशन यार्ड के ट्रैक पर ट्रॉयल चल रहा है, हालांकि ऐशबाग-सीतापुर के ब्रॉडगेज ट्रैक पर स्पीड ट्रॉयल होना बाकी है।
एमजी से बीजी हुए इस ट्रैक पर ट्रेनें दौड़ने से पहले मुख्य आयुक्त रेलवे सुरक्षा की टीम पहले स्पीड ट्रॉयल करेगी। विभागीय जानकारों की मानें तो संभावित 22 व 23 अक्तूबर को ऐशबाग-सीतापुर ब्रॉडगेज ट्रैक का स्पीड ट्रॉयल किया जाएगा। यह ट्रॉयल दो चरणों में होगा।
पहले चरण में रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त की टीम एक दिन ऐशबाग से अटरिया तक तथा दूसरे दिन अटरिया से सीतापुर के बीच ट्रैक को चेक करेगी और इसी दिन ही सीतापुर जंक्शन से ऐशबाग तक एक स्पेशल ट्रेन दौड़ाकर समूचे ट्रैक का स्पीड ट्रॉयल किया जाएगा। इस स्पीड ट्रॉयल में रेलवे उच्चाधिकारियों के नेतृत्व में होगा।
बैठने की होगी बेहतर व्यवस्था
प्लेटफॉर्म पर मुसाफिर को ट्रेन का इंतजार करने के लिए खड़ा नहीं होना पड़ेगा। इसके लिए यहां पर बेहतर बेंच लगा दी गई है। यह बेंच सभी प्लेटफॉर्म पर मुहैया रहेंगी। इससे जब मुसाफिर आएंगे तो वह बैठकर ट्रेन का इंतजार कर सकेंगे। यह काम पूर्ण हो चुका है। इनकी रंगाई-पुताई भी कर दी गई है।
तैयार हैं प्लेटफॉर्म
एक प्लेटफॉर्म से दूसरे पर जाने के लिए ओवरब्रिज तैयार हो गए है।ं अगर बरसात के समय प्लेटफॉर्म पर उतरते हैं तो आप बिना भीगे हुए स्टेशन के बाहर तक आसानी से पहुंच सकेंगे। ओवरब्रिज के ऊपर टिन शेड डाल दिया गया है। इससे मुसाफिरों को काफी सुविधा मिलेगी।
शौचालय की मिलेगी सुविधा
रेल यात्रियों को स्टेशन पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए यहां पर शौचालयों का तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। उम्मीद है कि यह ट्रायल से पहले ही पूर्ण हो जाएगा। इससे स्टेशन आने वाले मुसाफिर को किसी भी दिक्कत के लिए भटकना नहीं करना पड़ेगा। पहले से मौजूद सुविधाओं को बेहतर किया जा रहा है।
ट्रैक का जल्द किया जाएगा निरीक्षण
पूर्वोत्तर रेलवे के ऐशबाग-सीतापुर तक मीटर गेज के ब्रॉडगेज में तब्दील करने का कार्य पूरा कर लिया गया है। अब रेलवे सुरक्षा के मुख्य आयुक्त की टीम की ओर से जल्द ही इस ट्रैक का निरीक्षण किया जाएगा।
- आलोक श्रीवास्तव, जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ