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Siddharthnagar News: नहीं हैं चिकित्सक, फार्मासिस्ट करते हैं इलाज

Mon, 15 Apr 2024 02:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 15 Apr 2024 02:46 AM IST
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There are no doctors, pharmacists provide treatment
- खेसरहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से जुड़े पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर नहीं है एक भी चिकित्सक की तैनाती
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- फार्मासिस्ट के भरोसे चलता है अस्पताल

- ब्लॉक क्षेत्र की लगभग दो लाख की आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करने का दावा हो रहा है खोखला

संवाद न्यूज एजेंसी

खेसरहा। स्थानीय ब्लॉक क्षेत्र में स्थित न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो की हालत काफी दयनीय है। अधिकतर स्वास्थ्य सेवाएं दम तोड़ रही है। यहां पांच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रो पर किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं हैं। फार्मासिस्ट के भरोसे अस्पताल चल रहा है।
इस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। अन्य अस्पतालों में जाने पर उन्हें जेब ढ़ीली करनी पड़ रही हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि अस्पताल बेमतलब साबित हो रहा है।
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खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र की आबादी मौजूदा समय में दो लाख से अधिक होगी। क्षेत्र की जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र है। इसके अलावा पांच प्राथमिक स्वास्थ्य हैं। इसमें घोसियारी बाजार, कठमोरवा, मरवटिया बाजार, टीकुर व महुलानी गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की गई। इसके साथ डॉक्टर सहित अन्य कर्मचारियों को रात्रि निवास करने के लिए आवास एवं पानी के टंकी का भी निर्माण कराया गया। लेकिन जिस मंशा से अस्पताल का निर्माण कराया गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है।
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लाखों की लागत से बनाए गए अस्पताल भवन में किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई। वर्तमान में ये अस्पताल कंपाउंडर व वार्ड ब्वाय के सहारे चलाए जा रहे हैं। इन अस्पतालों पर डॉक्टर नहीं होने के वजह से यहां के मरीजों को इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल से लेकर बस्ती व गोरखपुर तक का चक्कर लगाना पड़ता है। लेकिन जिम्मेदार इससे बेखबर हैं।

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बोले लोग

क्षेत्रीय अस्पताल पर किसी चिकित्सक की तैनाती नहीं होने से लाखों में बने अस्पताल बेमतलब साबित हो रहा है। यहां के बीमार लोगों को इलाज कराने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ता है। रुपये खर्च करने के साथ ही उन्हें अन्य समस्याओं से जुझना पड़ रहा है।


सुरेंद्र पांडेय, क्षेत्र पंचायत सदस्य

ब्लॉक क्षेत्र में पांच न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्थापित है। यहां किसी अस्पताल पर डॉक्टर की तैनाती नहीं है। अन्य कर्मचारियों के रात्रि निवास करने के लिए आवास तो हैं, लेकिन कोई नहीं रहता है। दिन हो या रात इन अस्पतालों से किसी को कोई सुविधा नहीं मिल पा रही है। इसकी शिकायत कई बार करने के बावजूद अभी तक समस्या बरकरार है।

नंदलाल चौबे, स्थानीय निवासी

बोले जिम्मेदार

अभी एमबीबीएस डॉक्टरों की कमी है। इसके लिए सरकार वैकेंसी निकाल कर नियुक्तियां करने वाली है। इसके बाद अस्पतालों में रिक्त पड़े पदों को भरा जाएगा।

डॉ. डीके चौधरी, सीएमओ
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