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Siddharthnagar News: 300 बेड के हॉस्टल में 500 छात्र, कमरों में बढ़ाए जाएंगे बेड
Wed, 09 Sep 2026 12:37 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 09 Sep 2026 12:37 AM IST
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मेडिकल कॉलेज का प्रशासनिक भवन का दोनों गेट बंद कर गेट की दोनों तरफ खड़े होकर अपनी मांगों को रखत
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में छात्रों की संख्या बढ़ती गई लेकिन हॉस्टल की क्षमता उसी अनुपात में नहीं बढ़ सकी। तीन बैच के छात्रों के लिए बने 300 बेड के हॉस्टल में अब पांच बैच के करीब 500 छात्र रहे रहे हैं। अब इन्हें समायोजित करने के लिए कमरों में बेड की संख्या बढ़ा जाएगी।
इसी व्यवस्था को लेकर सोमवार को इंटर्न छात्रों ने विरोध में प्रदर्शन किया। कॉलेज और जिला प्रशासन के साथ बातचीत के बाद सभी छात्रों को हॉस्टल में ही समायोजित करने पर सहमति बनी है। अब कमरों में अतिरिक्त बेड लगाकर पांचों बैच के छात्रों को जगह दी जाएगी।
मेडिकल कॉलेज की शुरुआत वर्ष 2021-22 में 100 एमबीबीएस सीटों के साथ हुई थी। उस समय तीन बैच के छात्रों को ध्यान में रखकर कॉलेज कैंपस में 300 बेड का हॉस्टल बनाया गया। अब पांचवें बैच में प्रवेश के साथ कॉलेज में छात्रों की संख्या करीब 500 हो गई है। यानी हॉस्टल की क्षमता से करीब 200 छात्र अधिक हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन के सामने सभी छात्रों के आवास की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गई।
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जानकार बताते हैं कि कॉलेज में हर वर्ष 100 नए छात्रों का प्रवेश हो रहा है लेकिन हॉस्टल की क्षमता शुरुआत में निर्धारित संख्या तक ही रही। नए हॉस्टल के पूरा होने तक अतिरिक्त बेड लगाकर व्यवस्था चलाने का फैसला किया गया है। सवाल यह है कि तब तक छात्रों को सीमित जगह में किस तरह रहने की व्यवस्था दी जाएगी और पढ़ाई के साथ उनकी आवासीय सुविधा कितनी बेहतर रह पाएगी।
बाद में प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन, एसडीएम नौगढ़ रेनु मिश्रा, सीओ सदर विश्वजीत सौरयान और छात्र-छात्राओं के बीच बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि फिलहाल किसी छात्र को हॉस्टल से बाहर नहीं भेजा जाएगा। जल्द ही कमरों का पुन: आवंटन कर सभी छात्रों को हॉस्टल में समायोजित किया जाएगा।
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इसी व्यवस्था को लेकर सोमवार को इंटर्न छात्रों ने विरोध में प्रदर्शन किया। कॉलेज और जिला प्रशासन के साथ बातचीत के बाद सभी छात्रों को हॉस्टल में ही समायोजित करने पर सहमति बनी है। अब कमरों में अतिरिक्त बेड लगाकर पांचों बैच के छात्रों को जगह दी जाएगी।
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मेडिकल कॉलेज की शुरुआत वर्ष 2021-22 में 100 एमबीबीएस सीटों के साथ हुई थी। उस समय तीन बैच के छात्रों को ध्यान में रखकर कॉलेज कैंपस में 300 बेड का हॉस्टल बनाया गया। अब पांचवें बैच में प्रवेश के साथ कॉलेज में छात्रों की संख्या करीब 500 हो गई है। यानी हॉस्टल की क्षमता से करीब 200 छात्र अधिक हैं। ऐसे में कॉलेज प्रशासन के सामने सभी छात्रों के आवास की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गई।
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जानकार बताते हैं कि कॉलेज में हर वर्ष 100 नए छात्रों का प्रवेश हो रहा है लेकिन हॉस्टल की क्षमता शुरुआत में निर्धारित संख्या तक ही रही। नए हॉस्टल के पूरा होने तक अतिरिक्त बेड लगाकर व्यवस्था चलाने का फैसला किया गया है। सवाल यह है कि तब तक छात्रों को सीमित जगह में किस तरह रहने की व्यवस्था दी जाएगी और पढ़ाई के साथ उनकी आवासीय सुविधा कितनी बेहतर रह पाएगी।
बाद में प्राचार्य प्रो. राजेश मोहन, एसडीएम नौगढ़ रेनु मिश्रा, सीओ सदर विश्वजीत सौरयान और छात्र-छात्राओं के बीच बैठक हुई। इसमें तय हुआ कि फिलहाल किसी छात्र को हॉस्टल से बाहर नहीं भेजा जाएगा। जल्द ही कमरों का पुन: आवंटन कर सभी छात्रों को हॉस्टल में समायोजित किया जाएगा।