कौन हैं नव्या शेखावत?: राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात सेना की पहली महिला एडीसी अधिकारी, निभा रहीं ये भूमिका
मेजर नव्या शेखावत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की एडीसी नियुक्त होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं। 2021 में आर्मी सर्विस कॉर्प्स में कमीशन हुईं शेखावत ने सीडीएस के जरिए सेना में प्रवेश किया। आईए जानतें हैं उनके बारे में।
विस्तार
राष्ट्रपति भवन में आयोजित आधिकारिक समारोहों में राष्ट्रपति अक्सर वरिष्ठ अधिकारियों और सैन्य कर्मियों से घिरे रहती हैं। इनमें एक युवा सेना अधिकारी भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में सबका ध्यान आकर्षित किया है - मेजर नव्या शेखावत। मेजर शेखावत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की सहायक (एडीसी) के रूप में कार्यरत हैं।
इस पद पर आसीन होने वाली भारतीय सेना की पहली महिला अधिकारी हैं। उनकी नियुक्ति भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी के बाद हुई है, जो इस पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला अधिकारी बनी थीं।
कौन हैं मेजर नव्या शेखावत?
भारतीय सशस्त्र बल में शामिल होने की चाहत रखने वाले कई युवा भारतीयों की तरह, शेखावत का आर्मी में जाने का सफर भी कंबाइंड डिफेंस सर्विसेज ( सीडीएस) परीक्षा से शुरू हुआ। मनीकंट्रोल और द बेटर इंडिया के अनुसार, उन्होंने शॉर्ट सर्विस कमीशन महिला नॉन-टेक्निकल कोर्स की मेरिट लिस्ट में जगह बनाई। इसके बाद चेन्नई स्थित ऑफिसर्स ट्रेनिंग एकेडमी (ओटीए) में ट्रेनिंग पूरी की।
ट्रेनिंग पूरी करने के बाद, शेखावत को आर्मी सर्विस कॉर्प्स ( एएससी) में कमीशन किया गया। यह कॉर्प्स जरूरी लॉजिस्टिकल कामों के लिए जिम्मेदार है, जिसमें सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और मिलिट्री यूनिट्स को चालू रखने के लिए जरूरी दूसरे सिस्टम शामिल हैं।
शेखावत को 2021 के मध्य में कमीशन मिला और कुछ ही वर्षों में वह मेजर के पद तक पहुंच गईं। इसलिए, 2026 में प्रेसिडेंट के एडीसी के तौर पर उनकी नियुक्ति कमीशन सर्विस शुरू होने के लगभग पांच साल बाद हुई।
एडीसी की भूमिका क्या होती है?
एडीसी की भूमिका राष्ट्रपति के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में जाने से कहीं ज्यादा होती है। पारंपरिक रूप से राष्ट्रपति के पांच एडीसी होते हैं। तीन सेना से, एक नौसेना से और एक वायु सेना से। ये अधिकारी आधिकारिक कार्यक्रमों और समारोहों के दौरान राष्ट्रपति की मदद करते हैं और सैन्य व औपचारिक प्रोटोकॉल बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी कौन थी?
हालांकि मेजर शेखावत भारतीय सेना की पहली महिला हैं जो राष्ट्रपति की एडीसी बनी हैं, लेकिन वह राष्ट्रपति की एडीसी टीम में शामिल होने वाली पहली महिला अधिकारी नहीं हैं। यह उपलब्धि भारतीय नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर यशस्वी सोलंकी के नाम है, जो 2025 में राष्ट्रपति की पहली महिला एडीसी बनी थीं।
मेजर शेखावत की यह उपलब्धि भारत की सेना में महिलाओं की भूमिका में कई दशकों से आए बदलावों के बीच मिली है। 1992 में शॉर्ट सर्विस कमीशन के जरिए महिलाओं ने भारतीय सेना में आना शुरू किया था। बाद में, पॉलिसी में बदलाव और अदालती फैसलों की वजह से उनके लिए मौके बढ़े।
2020 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि शॉर्ट सर्विस कमीशन के तहत काम कर रही योग्य महिला अधिकारियों को भी पुरुष अधिकारियों की तरह ही परमानेंट कमीशन के लिए विचार किया जाना चाहिए, जिससे सेना में उनके करियर के मौके काफी बढ़ गए।