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Siddharthnagar News: घर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन, हादसे का खतरा
Sun, 19 Oct 2025 11:24 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 19 Oct 2025 11:24 PM IST
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सकारपार क्षेत्र के मुडार छिबिया में कई घरों के उपर से हाईटेंशन तार गुजर रहा। संवाद
सकारपार। बांसी विद्युत खंड के पटखौली फीडर अंतर्गत मुडार छिबिया में कई घरों के ऊपर से हाईटेंशन तार गुजर रहा है। बिजली निगम की लापरवाही के कारण कई वर्षों से झूलते जर्जर तारों को अब तक व्यवस्थित नहीं किया जा सका है। वहां के लोगों की जान पर खतरा मंडरा रहा है। इससे कभी भी बड़ा हादसा होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है जबकि शनिवार को डुमरियागंज के गोवर्धन गांव में हाईटेंशन तार की चपेट में आने से युवक बुरी तरह झुलस गया था।
क्षेत्र के मुडार छिबिया में मो. अकबाल और महेंद्र कन्नौजिया के छत के ऊपर से 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन तार गुजर रहा है। जरा सी हवा चलने पर यह तार झूलने लगता है और इससे चिंगारियां भी निकलती हैं। इससे लोगों के मन में हर समय डर का माहौल बना रहता है। आशुतोष कन्नौजिया ने बताया कि कुछ माह पूर्व उनकी चाची राजमति छत से गुजर रहे हाईटेंशन करतार की चपेट में आ चुकी थीं। ईश्वर की कृपा रही कि वह बच गई नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। यही नहीं राजमति तीन बार हाई टेंशन तार की चपेट में आ चुकी है। उन्होंने इसकी शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से किया लेकिन फिर भी हालत जस की तस है।
इसी तरह अकबाल के छत पर महज दो फीट की ऊंचाई से हाईटेंशन तार गुजर रहा है। कुछ साल पहले अकबाल की छत पर शिवम कनौजिया गेहूं फैलाने गए थे तभी अचानक हाईटेंशन तार की चपेट में आकर झुलस गए थे। परिजनों ने काफी दिन तक इलाज करवाया तब उनकी सेहत में सुधार हुआ। ग्रामीणों ने कई बार बिजली निगम से जर्जर तारों को हटवाकर केबिल लगवाने की मांग की गई है, लेकिन विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देकर चुप हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चे अक्सर छत पर खेलने के लिए जाते हैं, इससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बरसात के मौसम में तारों से स्पार्किंग और तेज करंट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। महिलाओं को भी कपड़े सुखाने या छत पर काम करने में डर लगता है। गांव के दीपक त्रिपाठी, सलीम, नब्बा, पप्पू, सूर्यनाथ त्रिपाठी राजू आदि का कहना है कि अगर विभाग इस समस्या का समाधान नहीं करता तो किसी भी समय कोई अप्रिय हादसा हो सकता है।
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इस संबंध में अधिशासी अभियंता बांसी तंग गौतम ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मौके पर दिखवाते हैं कि क्या समस्या है।
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क्षेत्र के मुडार छिबिया में मो. अकबाल और महेंद्र कन्नौजिया के छत के ऊपर से 11 हजार वोल्ट हाईटेंशन तार गुजर रहा है। जरा सी हवा चलने पर यह तार झूलने लगता है और इससे चिंगारियां भी निकलती हैं। इससे लोगों के मन में हर समय डर का माहौल बना रहता है। आशुतोष कन्नौजिया ने बताया कि कुछ माह पूर्व उनकी चाची राजमति छत से गुजर रहे हाईटेंशन करतार की चपेट में आ चुकी थीं। ईश्वर की कृपा रही कि वह बच गई नहीं तो बड़ा हादसा हो जाता। यही नहीं राजमति तीन बार हाई टेंशन तार की चपेट में आ चुकी है। उन्होंने इसकी शिकायत कई बार उच्च अधिकारियों से किया लेकिन फिर भी हालत जस की तस है।
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इसी तरह अकबाल के छत पर महज दो फीट की ऊंचाई से हाईटेंशन तार गुजर रहा है। कुछ साल पहले अकबाल की छत पर शिवम कनौजिया गेहूं फैलाने गए थे तभी अचानक हाईटेंशन तार की चपेट में आकर झुलस गए थे। परिजनों ने काफी दिन तक इलाज करवाया तब उनकी सेहत में सुधार हुआ। ग्रामीणों ने कई बार बिजली निगम से जर्जर तारों को हटवाकर केबिल लगवाने की मांग की गई है, लेकिन विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देकर चुप हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि छोटे बच्चे अक्सर छत पर खेलने के लिए जाते हैं, इससे अक्सर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। बरसात के मौसम में तारों से स्पार्किंग और तेज करंट का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। महिलाओं को भी कपड़े सुखाने या छत पर काम करने में डर लगता है। गांव के दीपक त्रिपाठी, सलीम, नब्बा, पप्पू, सूर्यनाथ त्रिपाठी राजू आदि का कहना है कि अगर विभाग इस समस्या का समाधान नहीं करता तो किसी भी समय कोई अप्रिय हादसा हो सकता है।
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इस संबंध में अधिशासी अभियंता बांसी तंग गौतम ने बताया कि मामले की जानकारी नहीं है। मौके पर दिखवाते हैं कि क्या समस्या है।