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Siddharthnagar News: रसोई का बिगड़ा स्वाद, तेल की बढ़ी कीमतों ने बढ़ाई गृहिणियों की चिंता
Tue, 22 Sep 2026 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Tue, 22 Sep 2026 11:43 PM IST
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सकारपार चौराहे पर स्थित किराने के दुकान पर खाद्य तेल की खरीददारी करते लोग। संवाद
- सरसों और रिफाइंड तेल के दाम 10 से 20 रुपये प्रति लीटर तक उछले, बढ़ा घरेलू बजट का बोझ
सकारपार। महंगाई की मार एक बार फिर सीधे आम आदमी की रसोई पर पड़ी है। रोजमर्रा के खान-पान में इस्तेमाल होने वाले सरसों और रिफाइंड तेल की कीमतों में बीते कुछ माह में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अलग-अलग ब्रांड के खाद्य तेलों के दाम में करीब 10 से 20 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा होने से गृहणियों का मासिक बजट प्रभावित होने लगा है।
दाल में तड़का लगाने से लेकर सब्जी बनाने तक हर दिन इस्तेमाल होने वाले तेल की बढ़ी कीमत ने रसोई का खर्च बढ़ा दिया है। कुछ फुटकर दुकानदारों का कहना है कि विगत महीनों तक करीब 175 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला बैल कोल्हू सरसों तेल अब फुटकर बाजार में करीब 190 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इसी तरह धारा सरसों तेल की कीमत 165 रुपये से बढ़कर करीब 185 रुपये प्रति लीटर हो गई है। चक्र ब्रांड का सरसों तेल भी 160 रुपये से बढ़कर करीब 180 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे सरसों तेल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है।
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सरसों तेल के साथ रिफाइंड भी महंगा
सरसों तेल के साथ रिफाइंड तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फाॅर्च्यून रिफाइंड तेल पहले करीब 140 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, जिसकी कीमत अब बढ़कर करीब 155 रुपये हो गई है। वहीं बेस्ट चॉइस रिफाइंड तेल की कीमत 110 रुपये से बढ़कर करीब 120 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। खाद्य तेल की कीमतों में एक साथ हुई इस बढ़ोतरी का असर उन परिवारों पर अधिक पड़ रहा है, जहां हर महीने कई लीटर तेल की खपत होती है। गृहिणियों का कहना है कि खाद्य तेल ऐसी जरूरी चीज है, जिसका इस्तेमाल कम करना भी आसान नहीं है। सब्जी, दाल, पूड़ी-पकौड़ी और अन्य व्यंजन बनाने में तेल की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर महीने के राशन के बजट पर पड़ रहा है।
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तेल की कीमत बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ा
खाद्य तेल की बढ़ी कीमतों ने एक बार फिर यह चिंता बढ़ा दी है कि रसोई के जरूरी सामान के दाम बढ़ने का सबसे सीधा असर मध्यम और कम आय वाले परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है।
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तेल रसोई की बुनियादी जरूरत है। चटकदार सब्जी बनाने से लेकर दाल में तड़का लगाने तक इसका इस्तेमाल होता है। अचानक 15 से 20 रुपये प्रति लीटर तक कीमत बढ़ने से महीने का बजट प्रभावित हो रहा है। रसोई का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
उषा देवी, गृहिणी
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सरसों और रिफाइंड दोनों तेलों के दाम बढ़ने से राशन का खर्च बढ़ गया है। हर महीने की खरीदारी में तेल पर पहले से अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है। सरकार को रोजमर्रा की जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण किए जाने की जरूरत बताई।
सुमन, गृहिणी
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सकारपार। महंगाई की मार एक बार फिर सीधे आम आदमी की रसोई पर पड़ी है। रोजमर्रा के खान-पान में इस्तेमाल होने वाले सरसों और रिफाइंड तेल की कीमतों में बीते कुछ माह में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अलग-अलग ब्रांड के खाद्य तेलों के दाम में करीब 10 से 20 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा होने से गृहणियों का मासिक बजट प्रभावित होने लगा है।
दाल में तड़का लगाने से लेकर सब्जी बनाने तक हर दिन इस्तेमाल होने वाले तेल की बढ़ी कीमत ने रसोई का खर्च बढ़ा दिया है। कुछ फुटकर दुकानदारों का कहना है कि विगत महीनों तक करीब 175 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला बैल कोल्हू सरसों तेल अब फुटकर बाजार में करीब 190 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। इसी तरह धारा सरसों तेल की कीमत 165 रुपये से बढ़कर करीब 185 रुपये प्रति लीटर हो गई है। चक्र ब्रांड का सरसों तेल भी 160 रुपये से बढ़कर करीब 180 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे सरसों तेल खरीदने वाले उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है।
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सरसों तेल के साथ रिफाइंड भी महंगा
सरसों तेल के साथ रिफाइंड तेल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फाॅर्च्यून रिफाइंड तेल पहले करीब 140 रुपये प्रति लीटर बिक रहा था, जिसकी कीमत अब बढ़कर करीब 155 रुपये हो गई है। वहीं बेस्ट चॉइस रिफाइंड तेल की कीमत 110 रुपये से बढ़कर करीब 120 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है। खाद्य तेल की कीमतों में एक साथ हुई इस बढ़ोतरी का असर उन परिवारों पर अधिक पड़ रहा है, जहां हर महीने कई लीटर तेल की खपत होती है। गृहिणियों का कहना है कि खाद्य तेल ऐसी जरूरी चीज है, जिसका इस्तेमाल कम करना भी आसान नहीं है। सब्जी, दाल, पूड़ी-पकौड़ी और अन्य व्यंजन बनाने में तेल की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कीमत बढ़ने का सीधा असर महीने के राशन के बजट पर पड़ रहा है।
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तेल की कीमत बढ़ने से रसोई का बजट बिगड़ा
खाद्य तेल की बढ़ी कीमतों ने एक बार फिर यह चिंता बढ़ा दी है कि रसोई के जरूरी सामान के दाम बढ़ने का सबसे सीधा असर मध्यम और कम आय वाले परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है।
तेल रसोई की बुनियादी जरूरत है। चटकदार सब्जी बनाने से लेकर दाल में तड़का लगाने तक इसका इस्तेमाल होता है। अचानक 15 से 20 रुपये प्रति लीटर तक कीमत बढ़ने से महीने का बजट प्रभावित हो रहा है। रसोई का खर्च दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है।
उषा देवी, गृहिणी
सरसों और रिफाइंड दोनों तेलों के दाम बढ़ने से राशन का खर्च बढ़ गया है। हर महीने की खरीदारी में तेल पर पहले से अधिक रकम खर्च करनी पड़ रही है। सरकार को रोजमर्रा की जरूरी खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण किए जाने की जरूरत बताई।
सुमन, गृहिणी