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Siddharthnagar News: चर्चा में आया पीडब्ल्यूडी तो उभरने लगा अंदरखाने का खेल

Wed, 08 Nov 2023 12:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Wed, 08 Nov 2023 12:52 AM IST
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pwd viral letter matter
फोटो-अमर उजाला लाइव
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पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पर धमकी देने व अपमानित करने के आरोप का मामला
सोशल मीडिया पर वायरल शिकायती पत्र पर अधिकारियों ने साधी चुप्पी

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एक्सईएन जीतेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ ट्वीट हुए शिकायती पत्र के बाद पीडब्ल्यूडी चर्चा में आ गया है। अधिकारियों ने अपने तेवर दिखाए तो इंजीनियरों और कर्मचारियों ने जुबान बंद कर ली और पत्र को भी फर्जी बता रहे हैं। इस मामले में अब अंदरखाने का खेल उभरने लगा है।
विभागीय लोगों के अनुसार, इस शिकायत के पीछे कुछ ठेकेदार हैं। ठेकेदारों का दर्द है कि जांच के नाम पर भुगतान में देरी व कटौती की जा रही है, जबकि अधिकारियों का कहना है कि जांच करना विभागीय प्रक्रिया है। हालांकि, यह ऐसा विभाग है कि इंजीनियर, कर्मचारी व ठेकेदार सामने नहीं आ रहे हैं।
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पीडब्ल्यूडी ऑफिस में मंगलवार को पहुंचा एक ठेकेदार एई और जेई से भुगतान के लिए उलझता दिखा। ठेकेदार को एई और जेई ने बताया कि उसकी फाइल उनके स्तर से पास होकर एकाउंटेंट के पास पहुंची है। इस पर ठेकेदार ने कहा कि वह 70 किमी चलकर यहां आया है। कभी किसी अधिकारी तो कभी एकाउंटेंट के चक्कर में एक माह से उसका भुगतान नहीं हो पा रहा है। विभागीय कर्मियों की मानें तो एकाउंटेंट एक्सईएन के निर्देश पर ही भुगतान प्रक्रिया करता है।
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पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता जितेंद्र सिंह के विरुद्ध विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के शिकायती पत्र मामले से इन्कार करते हुए विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। कई ठेकेदारों में उनके कार्य के भुगतान में देरी और कटौती से नाराजगी दिख रही थी। लोग एक्सईएन की शिकायत के पीछे ठेकेदारों के भुगतान में देरी और कटौती भी एक कारण बताते नजर आए।
कार्यालय पहुंचे भुगतान के लिए परेशान ठेकेदार का कहना था कि उसने साढ़े पांच लाख रुपये की लागत से एक सड़क की मरम्मत का कार्य किया था। इसमें कटौती कर उस कार्य का सिर्फ साढ़े चार लाख रुपये का बिल बनाया गया। अब भुगतान के लिए दौड़-भाग करनी पड़ रही है।
ऐसे ही बर्डपुर ब्लॉक में इंडो-नेपाल सड़क से पिपरहवा मार्ग पर 39 लाख रुपये की लागत से पूरी सड़क बनाने के बाद ठेकेदार भुगतान के लिए एक साल से दौड़ लगा रहे हैं। लेकिन एक साल बाद भी अब तक उन्हें सिर्फ चार लाख रुपये का ही भुगतान हुआ है। शोहरतगढ़ क्षेत्र के सिरवत-ससना-बभनी मार्ग पर निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार को भी भुगतान के लिए दौड़ लगानी पड़ रही है।
यह है मामला
सोशल मीडिया पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तरफ से एक्सईएन के विरुद्ध निलंबित करने की धमकी देने, उत्पीड़न और अपमानित करने का आरोप लगाने वाले अधीक्षण अभियंता को भेजा शिकायती पत्र वायरल हो रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों ने इस तरह का पत्र भेजे जाने का खंडन किया है। मंगलवार को भी इस मामले में अधिकारी चुप्पी साधे रहे।


आखिर किस बैठक का है हस्ताक्षर वाला पेज
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे शिकायती पत्र के दो पेज संलग्न हैं। इसमें एक पेज पर शिकायत के साथ ही नीचे समस्त स्टाफ प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग सिद्धार्थनगर लिखा है। दूसरे पेज पर अधिकारी, कर्मचारी पदनाम और हस्ताक्षर है। इसमें एई, जेई, बाबुओं समेत कार्यालय के अधिकांश कर्मियों के हस्ताक्षर हैं। सवाल यह है कि आखिर वह कौन सी बैठक थी, जिसमें एई और जेई के साथ की कार्यालय के बाबू संवर्ग के कर्मी भी शामिल थे। उनके हस्ताक्षर हुए हैं, जबकि तीनों संवर्ग के लिए अलग-अलग संगठन हैं। मामले में एक अधिकारी का कहना था कि प्रतिदिन अधिकारियों व कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराकर उनकी उपस्थिति की रिपोर्ट एक्सईएन को दी जाती थी। इसकी प्रति वायरल शिकायती पत्र के साथ संलग्न दिखाई गई है।

कौन है ट्वीट करने वाला रजत
डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की तरफ से अधीक्षण अभियंता बस्ती को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सोशल मीडिया में ट्विटर पर रजत यादव की तरफ से डाले गए पोस्ट के वायरल होने संबंधी शिकायती पत्र का हस्ताक्षर वाला हिस्सा फर्जी है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि उनके यहां रजत यादव के नाम का कोई कर्मचारी नहीं है। अब सवाल उठता है कि यह रजत यादव कौन है, जिसने सोशल मीडिया पर शिकायती पत्र वायरल किया है और उसने क्यों ट्विटर पर शिकायत की।


वर्जन
शिकायत और दुष्प्रचार से किसी को रोका नहीं जा सकता है। इस शिकायत के बारे में कुछ नहीं कहूंगा। जांच करना विभागीय प्रक्रिया है। जांच के बाद ही निर्माण का भुगतान दिया जाता है।
-जीतेंद्र कुमार सिंह, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी
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