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चौधरी अमर सिंह के कदम से और गरमाई राजनीति
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चौधरी अमर सिंह के कदम से और गर्माई राजनीति
सिद्धार्थनगर। जिले की राजनीति में बृहस्पतिवार को कुछ ऐसा हुआ, जिससे हर कोई चौंक गया। बांसी विधानसभा क्षेत्र से सपा का टिकट मिलने के बाद चौधरी अमर सिंह का शोहरतगढ़ क्षेत्र से निर्दल प्रत्याशी के रूप में उनका पर्चा, उनके समर्थकों ने दाखिल कर सबको चौंका दिया। माना जा रहा है कि अंतिम दौर में चल रही नामांकन प्रक्रिया के दौरान चुनावी क्षेत्र बदला जाना, चौधरी अमर सिंह को रास नहीं आई। उसके चलते अमर सिंह ने नई जगह जाकर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के बजाय, अपने ही विधानसभा क्षेत्र में निर्दल प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकने का रास्ता चुना।
सपा में शामिल हुए अपना दल एस के विधायक चौधरी अमर सिंह को शोहरतगढ़ से टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। मामला अन्य दावेदारों के बीच उलझा तो पार्टी ने उसे सुलझाने का जो तरीका अपनाया, वह किसी के गले नहीं उतरा। सपा ने अमर सिंह को बांसी से चुनाव लड़ाने का फैसला कर लिया और उनके नाम की घोषणा भी कर दी। यह निर्णय न तो अमर सिंह को भाया, न ही बांसी से टिकट की चाह रखने वाले अन्य सपा नेताओं और समर्थकों को रास आई।
बांसी में पार्टी के इस निर्णय के विरोध की आंच सुलग ही रही थी कि अमर सिंह ने बृहस्पतिवार को शोहरतगढ़ से निर्दल प्रत्याशी के रूप नामांकनपत्र दाखिल कर राजनीति की नई पटकथा लिख डाली। जिस सपा के टिकट के लिए मारामारी मची है, उसी को दरकिनार कर उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में ही फिर से मैदान में उतरने का फैसला किया। संवाद
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चौधरी अमर सिंह ने सपा पर लगाया धोखा देने का आरोप
चौधरी अमर सिंह ने सपा पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने उनके साथ गलत किया है। सपा ने पूरे जिले के कुर्मी समाज के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। अगर शोहरतगढ़ से टिकट नहीं देना था तो पार्टी में शामिल ही नहीं करना चाहिए था। वह अपने क्षेत्र की जनता के साथ ही रहेंगे और वहीं से चुनाव लड़ेंगे। सपा अगर सिंबल देगी तो ठीक, नहीं तो वह निर्दल प्रत्याशी के रूप में ही चुनावी मैदान में उतरेंगे, लेकिन अपनी कर्मभूमि को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे।
शोहरतगढ़ में सपा के टिकट को लेकर असमंजश बरकरार
चौधरी अमर सिंह के इस सियासी कदम के बाद शोहरतगढ़ में सपा की उलझन और भी बढ़ गई है। सहयोगी दल सुभासपा से प्रेमचंद निषाद ने पर्चा भले ही भर दिया हो, लेकिन सपा के अन्य दावेदार, अब भी लखनऊ में जमे हुए हैं। बताया जा रहा है टिकट की चाह में लगे नेता अंत समय तक पूरी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। फिलहाल, शोहरतगढ़ सीट की गुत्थी को सुलझाना, सपा आलाकमान के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। 11 फरवरी को नामांकन का आखिरी दिन है और सपा में टिकट के लिए खींचतान जारी है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस राजनीतिक उठापटक से किसी का भला हो या न हो, लेकिन सपा के लिए डैमेज कंट्रोल करना आसान नहीं होगा।
बांसी विधानसभा का सियासी माहौल भी गर्माया
सिद्धार्थनगर। विधायक चौधरी अमर सिंह के कदम से बांसी विधानसभा क्षेत्र की भी सियासत गर्मा गई है। नामांकन के लिए एक दिन का समय बचा है और सपा के सामने अपना नया प्रत्याशी तय करने की चुनौती पेश हो गई है। हालांकि, अमर सिंह को यहां से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से ही स्थानीय पार्टी नेताओं और समर्थकों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था। ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बांसी से टिकट की दौड़ में शामिल सपा नेताओं की उम्मीद एक बार फिर बढ़ गई है और वे अपनी दावेदारी पक्की करने में पूरी शिद्दत से लग गए हैं। बांसी विधानसभा क्षेत्र में दो मजबूत दावेदारों के नामों पर चर्चा चल रही है कि उन्हें टिकट मिलने की संभावना है।
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सिद्धार्थनगर। जिले की राजनीति में बृहस्पतिवार को कुछ ऐसा हुआ, जिससे हर कोई चौंक गया। बांसी विधानसभा क्षेत्र से सपा का टिकट मिलने के बाद चौधरी अमर सिंह का शोहरतगढ़ क्षेत्र से निर्दल प्रत्याशी के रूप में उनका पर्चा, उनके समर्थकों ने दाखिल कर सबको चौंका दिया। माना जा रहा है कि अंतिम दौर में चल रही नामांकन प्रक्रिया के दौरान चुनावी क्षेत्र बदला जाना, चौधरी अमर सिंह को रास नहीं आई। उसके चलते अमर सिंह ने नई जगह जाकर सपा के टिकट पर चुनाव लड़ने के बजाय, अपने ही विधानसभा क्षेत्र में निर्दल प्रत्याशी के रूप में ताल ठोकने का रास्ता चुना।
सपा में शामिल हुए अपना दल एस के विधायक चौधरी अमर सिंह को शोहरतगढ़ से टिकट मिलने की पूरी उम्मीद थी। मामला अन्य दावेदारों के बीच उलझा तो पार्टी ने उसे सुलझाने का जो तरीका अपनाया, वह किसी के गले नहीं उतरा। सपा ने अमर सिंह को बांसी से चुनाव लड़ाने का फैसला कर लिया और उनके नाम की घोषणा भी कर दी। यह निर्णय न तो अमर सिंह को भाया, न ही बांसी से टिकट की चाह रखने वाले अन्य सपा नेताओं और समर्थकों को रास आई।
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बांसी में पार्टी के इस निर्णय के विरोध की आंच सुलग ही रही थी कि अमर सिंह ने बृहस्पतिवार को शोहरतगढ़ से निर्दल प्रत्याशी के रूप नामांकनपत्र दाखिल कर राजनीति की नई पटकथा लिख डाली। जिस सपा के टिकट के लिए मारामारी मची है, उसी को दरकिनार कर उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में ही फिर से मैदान में उतरने का फैसला किया। संवाद
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चौधरी अमर सिंह ने सपा पर लगाया धोखा देने का आरोप
चौधरी अमर सिंह ने सपा पर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पार्टी मुखिया अखिलेश यादव ने उनके साथ गलत किया है। सपा ने पूरे जिले के कुर्मी समाज के साथ विश्वासघात करने का काम किया है। अगर शोहरतगढ़ से टिकट नहीं देना था तो पार्टी में शामिल ही नहीं करना चाहिए था। वह अपने क्षेत्र की जनता के साथ ही रहेंगे और वहीं से चुनाव लड़ेंगे। सपा अगर सिंबल देगी तो ठीक, नहीं तो वह निर्दल प्रत्याशी के रूप में ही चुनावी मैदान में उतरेंगे, लेकिन अपनी कर्मभूमि को किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे।
शोहरतगढ़ में सपा के टिकट को लेकर असमंजश बरकरार
चौधरी अमर सिंह के इस सियासी कदम के बाद शोहरतगढ़ में सपा की उलझन और भी बढ़ गई है। सहयोगी दल सुभासपा से प्रेमचंद निषाद ने पर्चा भले ही भर दिया हो, लेकिन सपा के अन्य दावेदार, अब भी लखनऊ में जमे हुए हैं। बताया जा रहा है टिकट की चाह में लगे नेता अंत समय तक पूरी जोर-आजमाइश कर रहे हैं। फिलहाल, शोहरतगढ़ सीट की गुत्थी को सुलझाना, सपा आलाकमान के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। 11 फरवरी को नामांकन का आखिरी दिन है और सपा में टिकट के लिए खींचतान जारी है। राजनीति के जानकारों का कहना है कि इस राजनीतिक उठापटक से किसी का भला हो या न हो, लेकिन सपा के लिए डैमेज कंट्रोल करना आसान नहीं होगा।
बांसी विधानसभा का सियासी माहौल भी गर्माया
सिद्धार्थनगर। विधायक चौधरी अमर सिंह के कदम से बांसी विधानसभा क्षेत्र की भी सियासत गर्मा गई है। नामांकन के लिए एक दिन का समय बचा है और सपा के सामने अपना नया प्रत्याशी तय करने की चुनौती पेश हो गई है। हालांकि, अमर सिंह को यहां से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद से ही स्थानीय पार्टी नेताओं और समर्थकों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था। ताजा राजनीतिक घटनाक्रम के बाद बांसी से टिकट की दौड़ में शामिल सपा नेताओं की उम्मीद एक बार फिर बढ़ गई है और वे अपनी दावेदारी पक्की करने में पूरी शिद्दत से लग गए हैं। बांसी विधानसभा क्षेत्र में दो मजबूत दावेदारों के नामों पर चर्चा चल रही है कि उन्हें टिकट मिलने की संभावना है।