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Siddharthnagar News: लाल निशान पार कर फिर नीचे आई बानगंगा, अब दो सेंटीमीटर दूर
Sat, 29 Aug 2026 12:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:28 AM IST
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तेजी से बढ़ रहा बांणगंगा नदी का जलस्तर। संवाद
- नेपाल में बारिश से बढ़े जलस्तर के बीच राहत, आठ घंटे में 10 सेंटीमीटर घटा पानी
सिद्धार्थनगर/तुलसियापुर। नेपाल में लगातार बारिश और बाढ़ के बाद जिले में भी नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। शुक्रवार सुबह बानगंगा नदी खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई लेकिन शाम तक इसमें 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। शाम चार बजे बानगंगा बैराज पर जलस्तर 93.40 मीटर रहा जबकि खतरे का निशान 93.42 मीटर है। यानी नदी अब भी खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर घटने से राहत जरूर है लेकिन नेपाल में बारिश और वहां से आने वाले पानी के कारण दोबारा बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बानगंगा की प्रवृत्ति घटाव की ओर है। सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 93.50 मीटर दर्ज किया गया था। शाम चार बजे यह घटकर 93.40 मीटर हो गया। ऐसे में आठ घंटे में 10 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज हुई। नदी के खतरे के निशान के बेहद करीब होने के कारण तटवर्ती गांवों में लोग लगातार जलस्तर की जानकारी लेते रहे।
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खड़कुइया नानकार, कोमर, गजहड़ा, महथा, बसहिया, नौडिहवा, रमगढ़वा, अमहवा और नदवलिया समेत दर्जनों गांव बानगंगा के किनारे बसे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल नदी का पानी गांवों के लिए खतरे की स्थिति में नहीं है लेकिन जलस्तर बढ़ने पर परेशानी बढ़ सकती है।
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नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद पहाड़ी नदियों के जरिये जिले में आने वाले पानी पर प्रशासन की नजर है। तिब्बत-नेपाल हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश और आपदा की स्थिति के बीच जिले में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को अफवाहों से बचने और नदी के जलस्तर में बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
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नदियों में न के बराबर हलचल
- राप्ती नदी का जलस्तर भी शुक्रवार को कम हुआ। बांसी पुल पर सुबह आठ बजे जलस्तर 82.29 मीटर था, जो शाम चार बजे घटकर 82.08 मीटर रह गया। आठ घंटे में 21 सेंटीमीटर की कमी हुई। यहां खतरे का निशान 84.90 मीटर है। राप्ती की प्रवृत्ति भी घटाव की ओर दर्ज की गई।
बूढ़ी राप्ती के परसोहन घाट पर शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 89.81 मीटर दर्ज हुआ। सुबह आठ बजे यह 89.82 मीटर था यानी जलस्तर में आठ घंटे में केवल एक सेंटीमीटर की कमी हुई। यहां खतरे का निशान 95.55 मीटर है। मुंहचोवा घाट पर शाम को 87.03 मीटर और करकरही पुल पर 81.59 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।
कूड़ा नदी के अलमनगर में शाम चार बजे जलस्तर 83.30 मीटर रहा। सुबह की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। उसका रेलवे पुल पर जलस्तर 78.47 से घटकर 78.39 मीटर रहा। घोघी लोटन पुल पर 83.00 मीटर, तेलार नाला सड़ुई नाला पर 82.80 मीटर और जमुआर नाला नौगढ़ पुल पर 81.23 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। इन स्थानों पर जलस्तर स्थिर रहा।
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बानगंगा पर सबसे ज्यादा नजर
- खतरे का निशान: 93.42 मीटर
- शुक्रवार सुबह 8 बजे: 93.50 मीटर
- शुक्रवार शाम 4 बजे: 93.40 मीटर
- आठ घंटे में गिरावट: 10 सेंटीमीटर
- खतरे के निशान से दूरी: सिर्फ 2 सेंटीमीटर
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तटवर्ती गांवों में बढ़ी बेचैनी
बानगंगा का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचने से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी है। खड़कुइया नानकार, कोमर, गजहड़ा, महथा, बसहिया, नौडिहवा, रमगढ़वा, अमहवा और नदवलिया समेत दर्जनों गांवों के लोग नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल नुकसान जैसी स्थिति नहीं है लेकिन पानी बढ़ा तो दिक्कत हो सकती है।
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ग्रामीणों ने कहा
- अभी बानगंगा में पानी बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन जलस्तर बढ़ रहा है। अगर पानी बढ़ा तो नदी किनारे के गांवों में परेशानी हो सकती है।
- चंद्रकेश भारती, झरुआ
- नेपाल में बाढ़ की खबरों के बीच बानगंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना से लोगों में हलचल है। नदी के पानी पर लगातार नजर बनी हुई है।
- रामू यादव, कोमर
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नेपाल से आने वाले पानी पर निगाह
जिले की नदियों के जलस्तर पर नेपाल में होने वाली बारिश का असर पड़ता है। ऐसे में बानगंगा के खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने के बाद निगरानी और महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल शाम तक जलस्तर घटने से राहत है लेकिन नेपाल में बारिश जारी रहने पर नदी के पानी में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। तटवर्ती इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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कोट.........
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले की नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बानगंगा समेत सभी प्रमुख नदियों की स्थिति पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष से नजर रखी जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- शिवशरणप्पा जीएन, डीएम सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर/तुलसियापुर। नेपाल में लगातार बारिश और बाढ़ के बाद जिले में भी नदियों के जलस्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है। शुक्रवार सुबह बानगंगा नदी खतरे के निशान से आठ सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई लेकिन शाम तक इसमें 10 सेंटीमीटर की कमी दर्ज की गई। शाम चार बजे बानगंगा बैराज पर जलस्तर 93.40 मीटर रहा जबकि खतरे का निशान 93.42 मीटर है। यानी नदी अब भी खतरे के निशान से महज दो सेंटीमीटर नीचे बह रही है। जलस्तर घटने से राहत जरूर है लेकिन नेपाल में बारिश और वहां से आने वाले पानी के कारण दोबारा बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार बानगंगा की प्रवृत्ति घटाव की ओर है। सुबह आठ बजे नदी का जलस्तर 93.50 मीटर दर्ज किया गया था। शाम चार बजे यह घटकर 93.40 मीटर हो गया। ऐसे में आठ घंटे में 10 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज हुई। नदी के खतरे के निशान के बेहद करीब होने के कारण तटवर्ती गांवों में लोग लगातार जलस्तर की जानकारी लेते रहे।
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शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के खड़कुइया नानकार, कोमर, गजहड़ा, महथा, बसहिया, नौडिहवा, रमगढ़वा, अमहवा और नदवलिया समेत दर्जनों गांव बानगंगा के किनारे बसे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल नदी का पानी गांवों के लिए खतरे की स्थिति में नहीं है लेकिन जलस्तर बढ़ने पर परेशानी बढ़ सकती है।
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नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद पहाड़ी नदियों के जरिये जिले में आने वाले पानी पर प्रशासन की नजर है। तिब्बत-नेपाल हिमालयी क्षेत्र में भारी बारिश और आपदा की स्थिति के बीच जिले में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को अफवाहों से बचने और नदी के जलस्तर में बदलाव पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
नदियों में न के बराबर हलचल
- राप्ती नदी का जलस्तर भी शुक्रवार को कम हुआ। बांसी पुल पर सुबह आठ बजे जलस्तर 82.29 मीटर था, जो शाम चार बजे घटकर 82.08 मीटर रह गया। आठ घंटे में 21 सेंटीमीटर की कमी हुई। यहां खतरे का निशान 84.90 मीटर है। राप्ती की प्रवृत्ति भी घटाव की ओर दर्ज की गई।
बूढ़ी राप्ती के परसोहन घाट पर शुक्रवार शाम चार बजे जलस्तर 89.81 मीटर दर्ज हुआ। सुबह आठ बजे यह 89.82 मीटर था यानी जलस्तर में आठ घंटे में केवल एक सेंटीमीटर की कमी हुई। यहां खतरे का निशान 95.55 मीटर है। मुंहचोवा घाट पर शाम को 87.03 मीटर और करकरही पुल पर 81.59 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया।
कूड़ा नदी के अलमनगर में शाम चार बजे जलस्तर 83.30 मीटर रहा। सुबह की तुलना में इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ। उसका रेलवे पुल पर जलस्तर 78.47 से घटकर 78.39 मीटर रहा। घोघी लोटन पुल पर 83.00 मीटर, तेलार नाला सड़ुई नाला पर 82.80 मीटर और जमुआर नाला नौगढ़ पुल पर 81.23 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। इन स्थानों पर जलस्तर स्थिर रहा।
बानगंगा पर सबसे ज्यादा नजर
- खतरे का निशान: 93.42 मीटर
- शुक्रवार सुबह 8 बजे: 93.50 मीटर
- शुक्रवार शाम 4 बजे: 93.40 मीटर
- आठ घंटे में गिरावट: 10 सेंटीमीटर
- खतरे के निशान से दूरी: सिर्फ 2 सेंटीमीटर
तटवर्ती गांवों में बढ़ी बेचैनी
बानगंगा का पानी खतरे के निशान के करीब पहुंचने से शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ी है। खड़कुइया नानकार, कोमर, गजहड़ा, महथा, बसहिया, नौडिहवा, रमगढ़वा, अमहवा और नदवलिया समेत दर्जनों गांवों के लोग नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि फिलहाल नुकसान जैसी स्थिति नहीं है लेकिन पानी बढ़ा तो दिक्कत हो सकती है।
ग्रामीणों ने कहा
- अभी बानगंगा में पानी बहुत ज्यादा नहीं है लेकिन जलस्तर बढ़ रहा है। अगर पानी बढ़ा तो नदी किनारे के गांवों में परेशानी हो सकती है।
- चंद्रकेश भारती, झरुआ
- नेपाल में बाढ़ की खबरों के बीच बानगंगा का जलस्तर बढ़ने की सूचना से लोगों में हलचल है। नदी के पानी पर लगातार नजर बनी हुई है।
- रामू यादव, कोमर
नेपाल से आने वाले पानी पर निगाह
जिले की नदियों के जलस्तर पर नेपाल में होने वाली बारिश का असर पड़ता है। ऐसे में बानगंगा के खतरे के निशान के बेहद करीब पहुंचने के बाद निगरानी और महत्वपूर्ण हो गई है। फिलहाल शाम तक जलस्तर घटने से राहत है लेकिन नेपाल में बारिश जारी रहने पर नदी के पानी में फिर बढ़ोतरी हो सकती है। तटवर्ती इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
कोट.........
नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिले की नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। बानगंगा समेत सभी प्रमुख नदियों की स्थिति पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष से नजर रखी जा रही है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। तटवर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
- शिवशरणप्पा जीएन, डीएम सिद्धार्थनगर