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Siddharthnagar News: रक्षाबंधन पर रोडवेज बसों में उमड़ी भीड़, मुफ्त यात्रा योजना का महिलाओं ने उठाया भरपूर लाभ
Sat, 29 Aug 2026 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:30 AM IST
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रोड़वेज सिद्धार्थनगर की बस में महिलाओ की लगी भीड़। संवाद
- सिद्धार्थनगर डिपो से बांसी, बढ़नी, इटवा व डुमरियागंज रूट की बसें दिनभर रहीं खचाखच
सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन पर भाई के घर पहुंचने की जल्दी और महिलाओं के लिए मुफ्त रोडवेज यात्रा योजना ने शुक्रवार को जिले की परिवहन व्यवस्था का पूरा स्वरूप बदल दिया। सिद्धार्थनगर, बांसी, डुमरियागंज, इटवा, शोहरतगढ़ और बढ़नी रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों में बृहस्पतिवार शाम से ही यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई बसें पूरी क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर रवाना हुईं और महिलाओं को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना के तहत महिलाओं को एक सहयोगी के साथ निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलने से बड़ी संख्या में बहनों ने रोडवेज को ही प्राथमिकता दी। सुबह चार बजे से ही सिद्धार्थनगर बस स्टेशन पर महिलाओं की लंबी कतारें लग गईं। हाथों में राखी, मिठाई और उपहार लिए महिलाएं अपने मायके और भाइयों के घर जाने के लिए बसों का इंतजार करती रहीं।
रोडवेज कर्मियों के अनुसार सबसे अधिक दबाव बांसी, बढ़नी, डुमरियागंज और इटवा रूट पर रहा। कई बसों में सीटें भरने के बाद भी यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। त्योहार के कारण दिनभर बस अड्डों पर चहल-पहल बनी रही और हर फेरे में बसें लगभग पूरी तरह भरी हुई रवाना हुईं।
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निजी वाहन चालकों पर पड़ा सीधा असर
- मुफ्त बस सेवा का असर निजी परिवहन पर साफ दिखाई दिया। सामान्य दिनों में सवारियों से भरे रहने वाले ऑटो, मैजिक और अन्य निजी यात्री वाहन शुक्रवार को यात्रियों के इंतजार में खड़े रहे। मोहित, गुरु प्रसाद, शरद यादव आदि चालकों ने बताया कि अधिकांश महिलाएं रोडवेज की मुफ्त यात्रा योजना का लाभ लेने चली गईं, जिससे निजी वाहनों में सवारियां नहीं मिलीं।
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स्पीकअप
- मैं बांसी अपने भाई के घर जा रही हूं। मुफ्त यात्रा योजना से किराये की बचत हुई है। भीड़ अधिक है, फिर भी रोडवेज से सफर सुविधाजनक लग रहा है।
- रुचि अग्रहरि, पूरब पड़ाव निवासी
- मुझे बढ़नी जाना था। बस में सीट नहीं मिली तो खड़े होकर यात्रा की लेकिन मुफ्त सुविधा के कारण बिना किसी परेशानी के भाई के घर पहुंच सकी।
- आरती, निवासी बांसी
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सिद्धार्थनगर। रक्षाबंधन पर भाई के घर पहुंचने की जल्दी और महिलाओं के लिए मुफ्त रोडवेज यात्रा योजना ने शुक्रवार को जिले की परिवहन व्यवस्था का पूरा स्वरूप बदल दिया। सिद्धार्थनगर, बांसी, डुमरियागंज, इटवा, शोहरतगढ़ और बढ़नी रूट पर चलने वाली रोडवेज बसों में बृहस्पतिवार शाम से ही यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी। कई बसें पूरी क्षमता से अधिक यात्रियों को लेकर रवाना हुईं और महिलाओं को खड़े होकर सफर करना पड़ा।
उत्तर प्रदेश सरकार की योजना के तहत महिलाओं को एक सहयोगी के साथ निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलने से बड़ी संख्या में बहनों ने रोडवेज को ही प्राथमिकता दी। सुबह चार बजे से ही सिद्धार्थनगर बस स्टेशन पर महिलाओं की लंबी कतारें लग गईं। हाथों में राखी, मिठाई और उपहार लिए महिलाएं अपने मायके और भाइयों के घर जाने के लिए बसों का इंतजार करती रहीं।
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रोडवेज कर्मियों के अनुसार सबसे अधिक दबाव बांसी, बढ़नी, डुमरियागंज और इटवा रूट पर रहा। कई बसों में सीटें भरने के बाद भी यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी। त्योहार के कारण दिनभर बस अड्डों पर चहल-पहल बनी रही और हर फेरे में बसें लगभग पूरी तरह भरी हुई रवाना हुईं।
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निजी वाहन चालकों पर पड़ा सीधा असर
- मुफ्त बस सेवा का असर निजी परिवहन पर साफ दिखाई दिया। सामान्य दिनों में सवारियों से भरे रहने वाले ऑटो, मैजिक और अन्य निजी यात्री वाहन शुक्रवार को यात्रियों के इंतजार में खड़े रहे। मोहित, गुरु प्रसाद, शरद यादव आदि चालकों ने बताया कि अधिकांश महिलाएं रोडवेज की मुफ्त यात्रा योजना का लाभ लेने चली गईं, जिससे निजी वाहनों में सवारियां नहीं मिलीं।
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- मैं बांसी अपने भाई के घर जा रही हूं। मुफ्त यात्रा योजना से किराये की बचत हुई है। भीड़ अधिक है, फिर भी रोडवेज से सफर सुविधाजनक लग रहा है।
- रुचि अग्रहरि, पूरब पड़ाव निवासी
- मुझे बढ़नी जाना था। बस में सीट नहीं मिली तो खड़े होकर यात्रा की लेकिन मुफ्त सुविधा के कारण बिना किसी परेशानी के भाई के घर पहुंच सकी।
- आरती, निवासी बांसी