{"_id":"14ba2953a80ddf367212c105fd6ff2f7","slug":"police-not-completed-insvestigation-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो कदम चलने के बाद ठिठक गई पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो कदम चलने के बाद ठिठक गई पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो/ सिद्धार्थनगर
Updated Sun, 08 Nov 2015 12:01 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नलकूप विभाग के भंडार कक्ष से 25 लाख के सामानों की चोरी की तफ्तीश में जुटी पुलिस दो कदम चलने के बाद ठिठक कर रुक गई है। पुलिस अभी भी चोरी हुई है कि डकैती, इसके बीच में उलझी है।
तहकीकात के दौरान उसे सभी विभागीय चेहरे संदिग्ध नजर आ रहे हैं। किसकी बात पर भरोसा करें, किससे पूछताछ करें, इस पर भी सभी एक राय नहीं हो पा रहे हैं।
थानेदार से लेकर पुलिस अधीक्षक सभी तफ्तीश में जुटे हुए हैं, कड़ी से कड़ी मिला रहे हैं लेकिन अभी तक कोई भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है।
पुलिस को सफलता के नाम केवल वही विभागीय ट्रक हाथ लगा है, जिस पर सामान लाद कर लुटेरे भागे थे। पुलिस विभागीय कर्मचारियों के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर खंगालने का काम कर रही थी।
कोतवाली जोगिया के उस पुलिया के पास एक मोबाइल का लोकेशन भी मिला। जहां पर ट्रक की बरामदगी की गई थी। मोबाइल से रात के समय लंबी बात भी हुई थी।
उस नंबर को भी पुलिस ने जांच का बिंदू बनाया, लेकिन वह एक महिला का निकला। अब पुलिस ने उस नंबर को लेकर मौन है।
सवाल यह उठता है कि वह कौन महिला है, जिसका नाम सामने आते ही पुलिस को सांप सूंघ गया। बता दें कि जिला मुख्यालय स्थित नलकूप विभाग से गार्डों को बंधक बनाकर 25 लाख से ज्यादा मूल्य के सामानों की चोरी हुई थी।ं कार्यालय के पिछले हिस्से से घुसे आधा दर्जन की संख्या में बदमाश भंडार कक्ष का ताला तोड़कर कैंपस में खड़े विभाग के ही ट्रक पर सारा सामान लादकर ले गए थे।
विज्ञापन
सूचना पर देर रात पहुंची पुलिस ने स्टोर के जेई रमाकांत सिहं की तहरीर पर बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया था। पुलिस के अनुसार नलकूप विभाग कार्यालय पर सुरक्षा ड्यूटी में दो गार्ड योगेंद्र प्रसाद व मनीराम की तैनाती थी।
उन्होंने बताया कि रात नौ बजे के करीब गार्ड रूम में उन्होंने खाना बनाया और खाया। विभाग का ड्राईवर सुरेंद्र भी इस दौरान मौजूद था और वह भी साथ में खाना खाने के बाद दस बजे के आसपास अपने घर चला गया। जिसके बाद योगेंद्र गार्ड रूम में सोने चला गया और मनीराम बाहर कुर्सी पर बैठा था। इसी बीच एक शख्स ने आकर उसे पीछे से पकड़ लिया और बाकी बदमाश भी वहां आ धमके।
विज्ञापन
तहकीकात के दौरान उसे सभी विभागीय चेहरे संदिग्ध नजर आ रहे हैं। किसकी बात पर भरोसा करें, किससे पूछताछ करें, इस पर भी सभी एक राय नहीं हो पा रहे हैं।
थानेदार से लेकर पुलिस अधीक्षक सभी तफ्तीश में जुटे हुए हैं, कड़ी से कड़ी मिला रहे हैं लेकिन अभी तक कोई भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया है।
पुलिस को सफलता के नाम केवल वही विभागीय ट्रक हाथ लगा है, जिस पर सामान लाद कर लुटेरे भागे थे। पुलिस विभागीय कर्मचारियों के मोबाइल को सर्विलांस पर लगाकर खंगालने का काम कर रही थी।
विज्ञापन
कोतवाली जोगिया के उस पुलिया के पास एक मोबाइल का लोकेशन भी मिला। जहां पर ट्रक की बरामदगी की गई थी। मोबाइल से रात के समय लंबी बात भी हुई थी।
उस नंबर को भी पुलिस ने जांच का बिंदू बनाया, लेकिन वह एक महिला का निकला। अब पुलिस ने उस नंबर को लेकर मौन है।
सवाल यह उठता है कि वह कौन महिला है, जिसका नाम सामने आते ही पुलिस को सांप सूंघ गया। बता दें कि जिला मुख्यालय स्थित नलकूप विभाग से गार्डों को बंधक बनाकर 25 लाख से ज्यादा मूल्य के सामानों की चोरी हुई थी।ं कार्यालय के पिछले हिस्से से घुसे आधा दर्जन की संख्या में बदमाश भंडार कक्ष का ताला तोड़कर कैंपस में खड़े विभाग के ही ट्रक पर सारा सामान लादकर ले गए थे।
विज्ञापन
सूचना पर देर रात पहुंची पुलिस ने स्टोर के जेई रमाकांत सिहं की तहरीर पर बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया था। पुलिस के अनुसार नलकूप विभाग कार्यालय पर सुरक्षा ड्यूटी में दो गार्ड योगेंद्र प्रसाद व मनीराम की तैनाती थी।
उन्होंने बताया कि रात नौ बजे के करीब गार्ड रूम में उन्होंने खाना बनाया और खाया। विभाग का ड्राईवर सुरेंद्र भी इस दौरान मौजूद था और वह भी साथ में खाना खाने के बाद दस बजे के आसपास अपने घर चला गया। जिसके बाद योगेंद्र गार्ड रूम में सोने चला गया और मनीराम बाहर कुर्सी पर बैठा था। इसी बीच एक शख्स ने आकर उसे पीछे से पकड़ लिया और बाकी बदमाश भी वहां आ धमके।