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Siddharthnagar News: खेल जीवन के प्रत्येक मूल्य को संवर्धित करने का माध्यम
Thu, 27 Aug 2026 11:57 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 27 Aug 2026 11:57 PM IST
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते सांसद जगदंबिका पाल। स्रोत
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में आयोजित खेल की बात पीएम मोदी के साथ कार्यक्रम में खेलों की महत्ता पर हुआ मंथन
- राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से हुआ आयोजन, बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी व विद्यार्थी रहे मौजूद
सिद्धार्थनगर। खेल जीवन के प्रथम सोपान से अंतिम सोपान तक साथ चलता है। खेल जीवन के प्रत्येक मूल्य को संवर्धित करने का माध्यम है। भारत जैसे बड़े और समृद्ध राष्ट्र के लिए खेलों की सार्थकता और भी बढ़ जाती है। प्रधानमंत्री युवाओं से सीधे संवाद कर उनमें खेल भावना और कौशल विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह बातें बौतर मुख्य अतिथि डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने कहीं। वह खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की ओर से बृहस्पतिवार को गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में ‘खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम में लोगों से रूबरू थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभासी संबोधन के सजीव प्रसारण के बाद कार्यक्रम में खेलों की उपयोगिता, युवाओं के कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम का शुभारंभ हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्पार्चन, मां सरस्वती के आह्वान तथा महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्पार्चन से हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री के आभासी संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार ने कहा कि किसी भी राष्ट्र को अप्रतिम संगठनात्मक ऊंचाई तक पहुंचाने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रधानमंत्री युवाओं के भविष्य और उनके कौशल विकास के प्रति सजग हैं। ऐसे में खेल कौशल की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों में खेलों को शामिल कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मंच पर मौजूद युवा खेल अधिकारी प्रो. सौरभ कुमार, एडीएम डॉ. वंदना गुप्ता, डॉ. सरिता सिंह और डॉ. सच्चिदानंद चौबे सहित अन्य वक्ताओं ने भी खेलों को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि खेल बाल मन की सहज अभिव्यक्ति है। इसके माध्यम से संगठनात्मक, मूल्यात्मक, सांस्कृतिक और सामाजिक भावनाओं का विकास होता है।
कार्यक्रम की रूपरेखा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. यशवंत यादव ने तैयार की। संचालन कला संकाय के विद्यार्थी यूनुस खान और सायमा परवीन ने संयुक्त रूप से किया। एनएसएस समन्वयक डॉ. देव बख्श सिंह ने आगंतुकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का छायांकन मीडिया क्लब ने किया। प्रधानमंत्री के संबोधन के सजीव प्रसारण में दिव्यांशु, असलम और उनकी टीम का सहयोग रहा।
इस दौरान प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे, प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह, प्रो. कौशलेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. अमित कुमार साहनी, डॉ. जय सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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- राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से हुआ आयोजन, बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी व विद्यार्थी रहे मौजूद
सिद्धार्थनगर। खेल जीवन के प्रथम सोपान से अंतिम सोपान तक साथ चलता है। खेल जीवन के प्रत्येक मूल्य को संवर्धित करने का माध्यम है। भारत जैसे बड़े और समृद्ध राष्ट्र के लिए खेलों की सार्थकता और भी बढ़ जाती है। प्रधानमंत्री युवाओं से सीधे संवाद कर उनमें खेल भावना और कौशल विकसित करने का प्रयास कर रहे हैं।
यह बातें बौतर मुख्य अतिथि डुमरियागंज सांसद जगदंबिका पाल ने कहीं। वह खेलो इंडिया संवाद कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई, सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु की ओर से बृहस्पतिवार को गौतम बुद्ध प्रेक्षागृह में ‘खेल की बात पीएम मोदी के साथ’ कार्यक्रम में लोगों से रूबरू थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आभासी संबोधन के सजीव प्रसारण के बाद कार्यक्रम में खेलों की उपयोगिता, युवाओं के कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में खेलों की भूमिका पर चर्चा हुई।
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कार्यक्रम का शुभारंभ हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद के चित्र पर पुष्पार्चन, मां सरस्वती के आह्वान तथा महात्मा बुद्ध की प्रतिमा पर पुष्पार्चन से हुआ। इसके बाद प्रधानमंत्री के आभासी संबोधन का सजीव प्रसारण किया गया।
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कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. अश्वनी कुमार ने कहा कि किसी भी राष्ट्र को अप्रतिम संगठनात्मक ऊंचाई तक पहुंचाने में खेलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रधानमंत्री युवाओं के भविष्य और उनके कौशल विकास के प्रति सजग हैं। ऐसे में खेल कौशल की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की शैक्षिक गतिविधियों में खेलों को शामिल कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
मंच पर मौजूद युवा खेल अधिकारी प्रो. सौरभ कुमार, एडीएम डॉ. वंदना गुप्ता, डॉ. सरिता सिंह और डॉ. सच्चिदानंद चौबे सहित अन्य वक्ताओं ने भी खेलों को वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि खेल बाल मन की सहज अभिव्यक्ति है। इसके माध्यम से संगठनात्मक, मूल्यात्मक, सांस्कृतिक और सामाजिक भावनाओं का विकास होता है।
कार्यक्रम की रूपरेखा एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. यशवंत यादव ने तैयार की। संचालन कला संकाय के विद्यार्थी यूनुस खान और सायमा परवीन ने संयुक्त रूप से किया। एनएसएस समन्वयक डॉ. देव बख्श सिंह ने आगंतुकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का छायांकन मीडिया क्लब ने किया। प्रधानमंत्री के संबोधन के सजीव प्रसारण में दिव्यांशु, असलम और उनकी टीम का सहयोग रहा।
इस दौरान प्रो. सत्येंद्र कुमार दुबे, प्रो. जितेंद्र कुमार सिंह, प्रो. कौशलेंद्र चतुर्वेदी, डॉ. आशुतोष कुमार श्रीवास्तव, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. रेनू त्रिपाठी, डॉ. अमित कुमार साहनी, डॉ. जय सिंह यादव समेत बड़ी संख्या में शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी और विद्यार्थी मौजूद रहे।