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गांवों को वाईफाई से जोडने की योजना अधर
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गांवों को वाईफाई से जोड़ने की योजना अधर में
जिले के 1136 ग्राम पंचायतों को डिजिटल इंडिया के तहत किया जाना था वाईफाई सुविधा से लैस
अब तक जिले में 50 प्रतिशत भी नहीं हुआ है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डिजिटल इंडिया के तहत गांवों को इंटरनेट सुविधा से लैस करने की योजना पांच वर्ष बाद भी अधर में है। अब तक 50 प्रतिशत भी काम नहीं हुआ है। लोगों को उम्मीद थी कि गांव इंटरनेट सुविधा से लैस होंगे तो हर नागरिक आसानी से नेट का प्रयोग कर सकेंगे, पर लग रहा है कि अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
हर नागरिक के हाथों में आज स्मार्टफोन है। साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं, ताकि घर बैठे व्यक्ति किसी भी सेवा के लिए आसानी से आवेदन कर सकें। इसके केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया पर जोर दिया। इसके लिए गांवों को बीएसएनएल के केबल नेटवर्क से जोड़ने की योजना शुरू हुई। वर्ष 2015-16 में शुरू की गई इस योजना को वर्ष 2019-20 में पूरा कर देना था। जिले के 1136 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली इस नेटवर्क सेवा में अब तक खुदाई करके केवल पाइप ही डाला गया है। जबकि केबल डालने सहित अन्य कार्य अधूरे हैं।
जोगिया ब्लॉक के सिसवा बुजुर्ग गांव के ग्राम प्रधान नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, सूर्यप्रकाश तिवारी, सोमनाथ तिवारी, लवकुश आदि का कहना है कि जब पता चला गांव को वाईफाई से जोड़ा जाएगा तो लगा कि अब गांव में इंटरनेट सेवा बेहतर मिलेगी। ऑनलाइन कार्य करने में सहूलियत मिलेगी, लेकिन सड़क को खोदकर पाइप लगाकर छोड़ दिया गया। सड़क के किनारे गड्ढे हो जाने से परेशानी बढ़ गई है। लगता है कि अब सेवा शुरू ही नहीं होगी। जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
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उसका ब्लॉक से हुई थी शुरुआत
डिजिटल इंडिया के तहत गांवों को वाईफाई के लैस करने की योजना में प्रदेश में उसका ब्लॉक का चयन किया गया था। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा था कि जल्द ही जिले के सभी गांव डिजिटल हो जाएंगे, लेकिन छह वर्ष बाद भी गांवों को सेवा नहीं मिली।
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गांव में इंटरनेट सेवा की आवश्यकता
कायाकल्प योजना के तहत गांवों के पंचायत भवन को आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्हें बिजली सहित अन्य सुविधा से लैस किया जा रहा है। गांव में ही लोग सरकार की योजनाओं को लाभ ले सकें और ऑनलाइन आवेदन कर सकें, इसके लिए जिले के ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक की भर्ती की गई है।
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कोट
गांवों में इंटरनेट सेवा मुहैया कराने के लिए पाइप डालने का कार्य लगभग आखिरी चरण में है। जल्द ही केबल डालने का कार्य पूरा कर सेवा शुरू कर दी जाएगी।
जेपी सिंह, एसडीओ, बीएसएनएल सिद्धार्थनगर
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जिले के 1136 ग्राम पंचायतों को डिजिटल इंडिया के तहत किया जाना था वाईफाई सुविधा से लैस
अब तक जिले में 50 प्रतिशत भी नहीं हुआ है काम
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डिजिटल इंडिया के तहत गांवों को इंटरनेट सुविधा से लैस करने की योजना पांच वर्ष बाद भी अधर में है। अब तक 50 प्रतिशत भी काम नहीं हुआ है। लोगों को उम्मीद थी कि गांव इंटरनेट सुविधा से लैस होंगे तो हर नागरिक आसानी से नेट का प्रयोग कर सकेंगे, पर लग रहा है कि अभी लंबा इंतजार करना पड़ेगा।
हर नागरिक के हाथों में आज स्मार्टफोन है। साथ ही केंद्र और प्रदेश सरकार की अधिकांश सेवाएं ऑनलाइन कर दी गई हैं, ताकि घर बैठे व्यक्ति किसी भी सेवा के लिए आसानी से आवेदन कर सकें। इसके केंद्र सरकार ने डिजिटल इंडिया पर जोर दिया। इसके लिए गांवों को बीएसएनएल के केबल नेटवर्क से जोड़ने की योजना शुरू हुई। वर्ष 2015-16 में शुरू की गई इस योजना को वर्ष 2019-20 में पूरा कर देना था। जिले के 1136 ग्राम पंचायतों को जोड़ने वाली इस नेटवर्क सेवा में अब तक खुदाई करके केवल पाइप ही डाला गया है। जबकि केबल डालने सहित अन्य कार्य अधूरे हैं।
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जोगिया ब्लॉक के सिसवा बुजुर्ग गांव के ग्राम प्रधान नागेंद्र नाथ त्रिपाठी, सूर्यप्रकाश तिवारी, सोमनाथ तिवारी, लवकुश आदि का कहना है कि जब पता चला गांव को वाईफाई से जोड़ा जाएगा तो लगा कि अब गांव में इंटरनेट सेवा बेहतर मिलेगी। ऑनलाइन कार्य करने में सहूलियत मिलेगी, लेकिन सड़क को खोदकर पाइप लगाकर छोड़ दिया गया। सड़क के किनारे गड्ढे हो जाने से परेशानी बढ़ गई है। लगता है कि अब सेवा शुरू ही नहीं होगी। जिम्मेदार समस्या को लेकर गंभीर नहीं है।
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उसका ब्लॉक से हुई थी शुरुआत
डिजिटल इंडिया के तहत गांवों को वाईफाई के लैस करने की योजना में प्रदेश में उसका ब्लॉक का चयन किया गया था। वर्ष 2015-16 में तत्कालीन संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा था कि जल्द ही जिले के सभी गांव डिजिटल हो जाएंगे, लेकिन छह वर्ष बाद भी गांवों को सेवा नहीं मिली।
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गांव में इंटरनेट सेवा की आवश्यकता
कायाकल्प योजना के तहत गांवों के पंचायत भवन को आधुनिक बनाया जा रहा है। उन्हें बिजली सहित अन्य सुविधा से लैस किया जा रहा है। गांव में ही लोग सरकार की योजनाओं को लाभ ले सकें और ऑनलाइन आवेदन कर सकें, इसके लिए जिले के ग्राम पंचायतों में पंचायत सहायक की भर्ती की गई है।
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कोट
गांवों में इंटरनेट सेवा मुहैया कराने के लिए पाइप डालने का कार्य लगभग आखिरी चरण में है। जल्द ही केबल डालने का कार्य पूरा कर सेवा शुरू कर दी जाएगी।
जेपी सिंह, एसडीओ, बीएसएनएल सिद्धार्थनगर