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प्रतिमा विसर्जन जुलूस में चाकू गोदकर युवक की हत्या
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जिला अस्पताल परिसर में रोते-बितखते राहुल के परिजन। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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प्रतिमा विसर्जन जुलूस में चाकू गोदकर युवक की हत्या
सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के बेलहिया मंदिर के पास बुधवार देर रात प्रतिमा विसर्जन जुलूस में डीजे की धुन पर नृत्य कर रहे युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। भीड़ का फायदा उठाकर हत्यारा फरार हो गया। परिजन की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस हत्यारे का सुराग नहीं लगा पाई है।
क्षेत्र के मुड़िला गांव में स्थापित मां लक्ष्मी की प्रतिमा को विसर्जन के लिए जमुआर नाले पर ले जाया जा रहा था। एक के बाद एक कई डोले साथ में चल रहे थे। ढोला बेलहिया मंदिर के पास विसर्जन जुलूस में डीजे की धुन पर युवा थिरक रहे थे। इसमें गांव का युवक राहुल वर्मा (18) पुत्र सुरेश वर्मा भी शामिल था। नृत्य के दौरान किसी ने राहुल पर चाकू से हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मौके पर भगदड़ मच गई।
वारदात की जानकारी मिलते ही सदर कोतवाल तहसीलदार सिंह, जेल चौकी प्रभारी शशांक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। घायलावस्था में राहुल को जिला अस्पताल ले जाया गया, चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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सीओ सदर अखिलेश कुमार वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
हर प्रतिमा के साथ पुलिस तैनात, फिर भी भाग निकला हमलावर
प्रतिमा विसर्जन सकुशल संपन्न कराने के लिए एक माह से तैयारी चल रही थी। हर प्रतिमा के साथ पुलिसकर्मी तैनात करने का निर्देश है। लोगों को कहना है कि अगर प्रतिमा के साथ पुलिसकर्मी थे, तो हत्या कैसे हो गई? हमलावर भाग कैसे निकला? लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस सक्रिय होती तो शायद हत्या न होती।
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, मुख्य मार्ग किया जाम
युवक की हत्या से आक्रोशित मुड़िला गांव के लोग जिला अस्पताल के मोर्चरी पहुंच गए। अशोक मार्ग पर जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। लगभग 20 मिनट तक चले विरोध-प्रदर्शन में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया गया। इलाज के लिए लाने और ले जाने में देरी का आरोप लगाया गया।
मौके पर एसडीएम सदर प्रदीप कुमार यादव, सीओ अखिलेश वर्मा और शहर कोतवाल तहसीलदार सिंह पहुंचे। लोगों को समझाया और जल्द मामले का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण माने और आवागमन शुरू हो सका। घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर विधायक श्यामधनी राही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्हें देखकर मृतक के परिजन उनसे लिपट गए और बिलखने लगे। विधायक ने न्याय का भरोसा दिलाया। सीओ व कोतवाल को त्वरित कार्रवाई के लिए कहा। वहीं, पूर्व विधायक विजय पासवान भी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
दो समूहों में थी प्रतिस्पर्धा, पुलिस ने नहीं ली रुचि
मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो दो आयोजकों के बीच डीजे बजाने की प्रतिस्पर्धा चल रही थी। दोनों प्रतिमाएं आगे-पीछे ले जाई जा रही थीं। दोनों समूह देखादेखी डीजे की आवाज बढ़ा रहे थे। उन्हें कोई मना करने वाला नहीं था। अगर डोला आगे और पीछे होता तो भीड़ कम होती। ऐसे में अगर हमला होता तो हमलावर पकड़ा जाता।
बेकार गई पीस कमेटी की बैठक
पूजा और विसर्जन सकुशल संपन्न हो सके, इसके लिए थानों में पीस कमेटी की बैठक होती है। बैठक में तेज आवाज में साउंड नहीं बजाने की नसीहत दी जाती है। चेतावनी दी जाती है कि तेज आवाज में डीजे बजाते हुए पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन रात में प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक साथ कई साउंड और तेज आवाज में डीजे बजाने पर कैसे छूट मिल गई? लगभग हर प्रतिमा पर कई डीजे साउंड लगे थे। उनकी आवाज के बीच से लोगों का गुजरना मुश्किल हो रहा था।
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सिद्धार्थनगर। सदर थाना क्षेत्र के बेलहिया मंदिर के पास बुधवार देर रात प्रतिमा विसर्जन जुलूस में डीजे की धुन पर नृत्य कर रहे युवक की चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। भीड़ का फायदा उठाकर हत्यारा फरार हो गया। परिजन की तहरीर पर हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। फिलहाल, पुलिस हत्यारे का सुराग नहीं लगा पाई है।
क्षेत्र के मुड़िला गांव में स्थापित मां लक्ष्मी की प्रतिमा को विसर्जन के लिए जमुआर नाले पर ले जाया जा रहा था। एक के बाद एक कई डोले साथ में चल रहे थे। ढोला बेलहिया मंदिर के पास विसर्जन जुलूस में डीजे की धुन पर युवा थिरक रहे थे। इसमें गांव का युवक राहुल वर्मा (18) पुत्र सुरेश वर्मा भी शामिल था। नृत्य के दौरान किसी ने राहुल पर चाकू से हमला कर दिया। वह गंभीर रूप से जख्मी हो गया। मौके पर भगदड़ मच गई।
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वारदात की जानकारी मिलते ही सदर कोतवाल तहसीलदार सिंह, जेल चौकी प्रभारी शशांक कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। घायलावस्था में राहुल को जिला अस्पताल ले जाया गया, चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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सीओ सदर अखिलेश कुमार वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
हर प्रतिमा के साथ पुलिस तैनात, फिर भी भाग निकला हमलावर
प्रतिमा विसर्जन सकुशल संपन्न कराने के लिए एक माह से तैयारी चल रही थी। हर प्रतिमा के साथ पुलिसकर्मी तैनात करने का निर्देश है। लोगों को कहना है कि अगर प्रतिमा के साथ पुलिसकर्मी थे, तो हत्या कैसे हो गई? हमलावर भाग कैसे निकला? लोग पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस सक्रिय होती तो शायद हत्या न होती।
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी, मुख्य मार्ग किया जाम
युवक की हत्या से आक्रोशित मुड़िला गांव के लोग जिला अस्पताल के मोर्चरी पहुंच गए। अशोक मार्ग पर जिला अस्पताल के मुख्य गेट के सामने ग्रामीणों ने जाम लगा दिया। लगभग 20 मिनट तक चले विरोध-प्रदर्शन में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। पुलिस पर कार्रवाई में लापरवाही का आरोप लगाया गया। इलाज के लिए लाने और ले जाने में देरी का आरोप लगाया गया।
मौके पर एसडीएम सदर प्रदीप कुमार यादव, सीओ अखिलेश वर्मा और शहर कोतवाल तहसीलदार सिंह पहुंचे। लोगों को समझाया और जल्द मामले का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण माने और आवागमन शुरू हो सका। घटना की जानकारी मिलने के बाद सदर विधायक श्यामधनी राही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्हें देखकर मृतक के परिजन उनसे लिपट गए और बिलखने लगे। विधायक ने न्याय का भरोसा दिलाया। सीओ व कोतवाल को त्वरित कार्रवाई के लिए कहा। वहीं, पूर्व विधायक विजय पासवान भी घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने परिवार के लोगों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिया।
दो समूहों में थी प्रतिस्पर्धा, पुलिस ने नहीं ली रुचि
मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो दो आयोजकों के बीच डीजे बजाने की प्रतिस्पर्धा चल रही थी। दोनों प्रतिमाएं आगे-पीछे ले जाई जा रही थीं। दोनों समूह देखादेखी डीजे की आवाज बढ़ा रहे थे। उन्हें कोई मना करने वाला नहीं था। अगर डोला आगे और पीछे होता तो भीड़ कम होती। ऐसे में अगर हमला होता तो हमलावर पकड़ा जाता।
बेकार गई पीस कमेटी की बैठक
पूजा और विसर्जन सकुशल संपन्न हो सके, इसके लिए थानों में पीस कमेटी की बैठक होती है। बैठक में तेज आवाज में साउंड नहीं बजाने की नसीहत दी जाती है। चेतावनी दी जाती है कि तेज आवाज में डीजे बजाते हुए पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी, लेकिन रात में प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक साथ कई साउंड और तेज आवाज में डीजे बजाने पर कैसे छूट मिल गई? लगभग हर प्रतिमा पर कई डीजे साउंड लगे थे। उनकी आवाज के बीच से लोगों का गुजरना मुश्किल हो रहा था।