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खर-दूषण वध और सीता हरण का हुआ मंचन
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भनवापुर क्षेत्र के सहिजवार में रामलीला का मंचन करते कलाकार। संवाद
- फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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खर-दूषण वध और सीता हरण का हुआ मंचन
भनवापुर। विकास क्षेत्र के ग्राम सहिजवार में रामलीला के छठे दिन बृहस्पतिवार की रात खर-दूषण वध व सीताहरण का मंचन हुुआ। कलाकारों ने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सोने का मृग देख सीताजी ने उसे पाने की जिद कीं। भगवान राम ने मृग का पीछा किया। भगवान राम को माया रूपी मृग काफी दूर जंगलों की ओर ले गया। हाय राम-हाय राम की गुहार सुन सीता जी व्याकुल हो गईं। कहा कि मेरे राम संकट में हैं। उनकी मदद के लिए लक्ष्मण को भेजा। जाते समय लक्ष्मण ने कुटी के चारों ओर धनुष से रेखा खींच दी और मां सीता से उसके पार न जाने को कहा। लक्ष्मण के जाते ही रावण, वेष बदलकर सीता जी का हरण कर लेता है। राम व लक्ष्मण सीता की खोज में वन-वन भटकते व विलाप करते किष्किंधा पर्वत पहुंचे और यहां उनकी मित्रता सुग्रीव से होती है। इस अवसर पर रामप्रताप चौधरी, प्रदीप चौधरी, वुद्धि सागर, उत्तम प्रसाद, अंकित, मनीष कुमार, बालगोविंद, रामजीत गिरी, रामजीत यादव, सूरज कुमार, राजू, रामदेव गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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भनवापुर। विकास क्षेत्र के ग्राम सहिजवार में रामलीला के छठे दिन बृहस्पतिवार की रात खर-दूषण वध व सीताहरण का मंचन हुुआ। कलाकारों ने अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
सोने का मृग देख सीताजी ने उसे पाने की जिद कीं। भगवान राम ने मृग का पीछा किया। भगवान राम को माया रूपी मृग काफी दूर जंगलों की ओर ले गया। हाय राम-हाय राम की गुहार सुन सीता जी व्याकुल हो गईं। कहा कि मेरे राम संकट में हैं। उनकी मदद के लिए लक्ष्मण को भेजा। जाते समय लक्ष्मण ने कुटी के चारों ओर धनुष से रेखा खींच दी और मां सीता से उसके पार न जाने को कहा। लक्ष्मण के जाते ही रावण, वेष बदलकर सीता जी का हरण कर लेता है। राम व लक्ष्मण सीता की खोज में वन-वन भटकते व विलाप करते किष्किंधा पर्वत पहुंचे और यहां उनकी मित्रता सुग्रीव से होती है। इस अवसर पर रामप्रताप चौधरी, प्रदीप चौधरी, वुद्धि सागर, उत्तम प्रसाद, अंकित, मनीष कुमार, बालगोविंद, रामजीत गिरी, रामजीत यादव, सूरज कुमार, राजू, रामदेव गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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