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करीब से लगी गोली तो मारने वाला भीड़ से निकल कैसे गया
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करीब से लगी गोली तो मारने वाला भीड़ से निकल कैसे गया
सिद्धार्थनगर। कोड़रा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर में फायरिंग में हुई महिला की मौत के मामले में पुलिस के जाने के बाद आरोपित ने फायरिंग की थी, जिससे गोली लगने से महिला की मौत हो गई थी। ऐसा पुलिस ने अपने प्रेस नोट में दावा किया है। सवाल यह है कि पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की हुई तो वे वहां निकल गए तो उसके बाद युवक ने गोली क्यों चलाई। फिर वह आसानी से तमंचा लिए मौके से कैसे सुरक्षित निकल भी गया। गांव के लोग पुलिस की दबिश से नाराज थे। ऐसे में गोली चलाते समय किसी को वह युवक दिखा क्यों नहीं, जबकि तमंचे से गोली मारी गई, वह करीब से चली है। इसे लेकर लोगों में चर्चा है और पुलिस के दावे पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
सदर थाना क्षेत्र के कोडरा गांव के टोला इस्लामनगर में गोकसी की सूचना पर संदिग्ध को पकड़ने पुलिस गई थी। संदिग्ध को पकड़कर लाते समय चली गोली से अब्दुल रहमान नाम के युवक की मां की मौत हो गई। इसमें परिवार को मौके से एक गोली मिली, जो तमंचे की थी। वहीं, महिला को जो गोली लगी थी, उसकी स्थिति से यह सामने आया कि तमंचे से निकली गोली से मौत हुई है। ऐसा जिम्मेदारों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है।
दूसरी ओर, लोगों का कहना है कि पुलिस कहीं जाती है तो वह लाइसेंसी असलहा लेकर जाती है। ऐसे में तमंचा से फायरिंग किसने की, यह सवाल बनकर सामने आ गया। 15 मई को सामने आया कि एक युवक ने फायरिंग की, जिसका गांव के पशु तस्करी में लिप्त बदमाशों से संबंध थे। पुलिस ने यह दावा किया कि वह पशु तस्करों को धमकाकर धन अर्जित करता था। उसी को लेकर उसने गोली चला दी। अब सवाल यह है कि जब वह उनसे धन अर्जित करता था तो गोली क्यों मारेगा।
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दूसरा सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस परिवार के लोग बाहर रहते हैं, उनसे धन अर्जित करने का कोई पुख्ता कारण क्या है। जिसको गोली मारी गई है, वह महिला है। ऐसे में उसने महिला पर गोली क्यों चलाई। वहीं, रोशनी को करीब से गोली मारी गई है, जो शरीर को बेधते हुए बाहर निकल गई। प्रेस नोट में पुलिस ने यह दावा किया है कि संदिग्ध अब्दुल रहमान को पकड़ते समय लोग विरोध पर उतर आए और धक्कामुक्की की। उससे अफरा-तफरी मच गई। ऐसे में पुलिस वहां से वापस चली गई। उसके बाद आरोपी जितेंद्र यादव ने भीड़ पर तमंचे से फायर कर दिया। गोली रोशनी को लगी और मौत हो गई।
ऐसे यह भी सवाल है कि जितेंद्र यादव से पुलिस के क्या संबंध थे और उसने क्यों जो विवाद के बाद अपनी जान की परवाह किए बिना पुलिस के जाने के बाद भीड़ पर गोली चला दी। रिपोर्ट के मुताबिक, गोली पास से मारी गई। ऐसे में अगर पुलिस के जाने के बाद जितेंद्र यादव गोली चलाता तो क्या लोग उसे पकड़ नहीं लिए होते। उसे आराम से वहां से कैसे निकल जाने देते।
ग्रामीणों पर दर्ज हुआ है केस
सिद्धार्थनगर। सदर पुलिस ने भी कोडरा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर में दबिश के दौरान धक्कामुक्की करने, जान से मारने की कोशिश, बलवा करने सहित अन्य आरोपों में केस दर्ज किया है। पुलिस ने 100-150 अज्ञात पर केस दर्ज किया है। यानी पुलिस से मौके पर काफी नोकझोंक हुई। किसी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई। तब जानलेवा हमला, बलवा सहित अन्य संगीन धारा में केस दर्ज करना पड़ा। पुलिस केस दर्ज होने के बाद मामले की जांच में जुट है। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि सदर पुलिस की तहरीर पर सिद्धार्थनगर थाने में 100-150 ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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सिद्धार्थनगर। कोड़रा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर में फायरिंग में हुई महिला की मौत के मामले में पुलिस के जाने के बाद आरोपित ने फायरिंग की थी, जिससे गोली लगने से महिला की मौत हो गई थी। ऐसा पुलिस ने अपने प्रेस नोट में दावा किया है। सवाल यह है कि पुलिसकर्मियों से धक्कामुक्की हुई तो वे वहां निकल गए तो उसके बाद युवक ने गोली क्यों चलाई। फिर वह आसानी से तमंचा लिए मौके से कैसे सुरक्षित निकल भी गया। गांव के लोग पुलिस की दबिश से नाराज थे। ऐसे में गोली चलाते समय किसी को वह युवक दिखा क्यों नहीं, जबकि तमंचे से गोली मारी गई, वह करीब से चली है। इसे लेकर लोगों में चर्चा है और पुलिस के दावे पर लोग सवाल उठा रहे हैं।
सदर थाना क्षेत्र के कोडरा गांव के टोला इस्लामनगर में गोकसी की सूचना पर संदिग्ध को पकड़ने पुलिस गई थी। संदिग्ध को पकड़कर लाते समय चली गोली से अब्दुल रहमान नाम के युवक की मां की मौत हो गई। इसमें परिवार को मौके से एक गोली मिली, जो तमंचे की थी। वहीं, महिला को जो गोली लगी थी, उसकी स्थिति से यह सामने आया कि तमंचे से निकली गोली से मौत हुई है। ऐसा जिम्मेदारों ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है।
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दूसरी ओर, लोगों का कहना है कि पुलिस कहीं जाती है तो वह लाइसेंसी असलहा लेकर जाती है। ऐसे में तमंचा से फायरिंग किसने की, यह सवाल बनकर सामने आ गया। 15 मई को सामने आया कि एक युवक ने फायरिंग की, जिसका गांव के पशु तस्करी में लिप्त बदमाशों से संबंध थे। पुलिस ने यह दावा किया कि वह पशु तस्करों को धमकाकर धन अर्जित करता था। उसी को लेकर उसने गोली चला दी। अब सवाल यह है कि जब वह उनसे धन अर्जित करता था तो गोली क्यों मारेगा।
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दूसरा सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस परिवार के लोग बाहर रहते हैं, उनसे धन अर्जित करने का कोई पुख्ता कारण क्या है। जिसको गोली मारी गई है, वह महिला है। ऐसे में उसने महिला पर गोली क्यों चलाई। वहीं, रोशनी को करीब से गोली मारी गई है, जो शरीर को बेधते हुए बाहर निकल गई। प्रेस नोट में पुलिस ने यह दावा किया है कि संदिग्ध अब्दुल रहमान को पकड़ते समय लोग विरोध पर उतर आए और धक्कामुक्की की। उससे अफरा-तफरी मच गई। ऐसे में पुलिस वहां से वापस चली गई। उसके बाद आरोपी जितेंद्र यादव ने भीड़ पर तमंचे से फायर कर दिया। गोली रोशनी को लगी और मौत हो गई।
ऐसे यह भी सवाल है कि जितेंद्र यादव से पुलिस के क्या संबंध थे और उसने क्यों जो विवाद के बाद अपनी जान की परवाह किए बिना पुलिस के जाने के बाद भीड़ पर गोली चला दी। रिपोर्ट के मुताबिक, गोली पास से मारी गई। ऐसे में अगर पुलिस के जाने के बाद जितेंद्र यादव गोली चलाता तो क्या लोग उसे पकड़ नहीं लिए होते। उसे आराम से वहां से कैसे निकल जाने देते।
ग्रामीणों पर दर्ज हुआ है केस
सिद्धार्थनगर। सदर पुलिस ने भी कोडरा ग्रांट गांव के टोला इस्लामनगर में दबिश के दौरान धक्कामुक्की करने, जान से मारने की कोशिश, बलवा करने सहित अन्य आरोपों में केस दर्ज किया है। पुलिस ने 100-150 अज्ञात पर केस दर्ज किया है। यानी पुलिस से मौके पर काफी नोकझोंक हुई। किसी पुलिसकर्मी को गंभीर चोट आई। तब जानलेवा हमला, बलवा सहित अन्य संगीन धारा में केस दर्ज करना पड़ा। पुलिस केस दर्ज होने के बाद मामले की जांच में जुट है। इस संबंध में एएसपी सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि सदर पुलिस की तहरीर पर सिद्धार्थनगर थाने में 100-150 ग्रामीणों पर गंभीर धाराओं में केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी गई है।